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लंदन में पाक समर्थित उपद्रवियों ने भारतीय उच्चायोग के सामने किया हंगामा, दो गिरफ्तार
Wed, 04 Sep 2019 02:03 PM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, लंदन
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 04 Sep 2019 02:03 PM IST
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स्कार्टलैंड यार्ड
- फोटो : FT
लंदन की स्कॉर्टलैंड यॉर्ड ने भारतीय दूतावास के सामने विभिन्न पाकिस्तानी गुटों द्वारा प्रदर्शन के दौरान ओछी हरकत करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उत्पात मचाते हुए प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग पर पत्थरबाजी की थी।
स्कॉर्टलैंड यॉर्ड ने कहा कि विरोध मार्च की निगरानी के लिए पुलिस की कई टुकड़ियां तैनात थीं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि आपराधिक क्षति के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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पाकिस्तानी मूल के प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर लंदन में मंगलवार को कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया और भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाया। हजारों की संख्या में पाकिस्तानी ब्रिटिश प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगाए और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 21 वीं सदी का हिटलर और आतंकवादी बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हम नरेंद्र मोदी को यह संदेश देना चाहते हैं कि आप कश्मीर के लोगों को चुप नहीं करा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के विरोध में ब्रिटिश पाकिस्तानी गुटों के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों को भारतीय उच्चायोग में उतरने के बाद संघर्ष के दौरान गिरफ्तार किए जाने के बाद दो लोग हिरासत में हैं। लंदन के मेयर सादिक खान ने झड़पों को अस्वीकार्य व्यवहार करार दिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को फोन किया।
उन्होंने कहा कि मैं इस अस्वीकार्य व्यवहार की निंदा करता हूं और कार्रवाई करने के लिए लंदन पुलिस के साथ इस घटना को उठाया है। बता दें कि 15 अगस्त को लंदन में भारतीय मिशन के बाहर स्वतंत्रता दिवस मना रहे भारतीयों पर पाकिस्तानी और अलगाववादी समूहों ने हमला किया था।
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स्कॉर्टलैंड यॉर्ड ने कहा कि विरोध मार्च की निगरानी के लिए पुलिस की कई टुकड़ियां तैनात थीं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि आपराधिक क्षति के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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पाकिस्तानी मूल के प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर लंदन में मंगलवार को कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया और भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाया। हजारों की संख्या में पाकिस्तानी ब्रिटिश प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगाए और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 21 वीं सदी का हिटलर और आतंकवादी बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हम नरेंद्र मोदी को यह संदेश देना चाहते हैं कि आप कश्मीर के लोगों को चुप नहीं करा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के विरोध में ब्रिटिश पाकिस्तानी गुटों के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों को भारतीय उच्चायोग में उतरने के बाद संघर्ष के दौरान गिरफ्तार किए जाने के बाद दो लोग हिरासत में हैं। लंदन के मेयर सादिक खान ने झड़पों को अस्वीकार्य व्यवहार करार दिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को फोन किया।
उन्होंने कहा कि मैं इस अस्वीकार्य व्यवहार की निंदा करता हूं और कार्रवाई करने के लिए लंदन पुलिस के साथ इस घटना को उठाया है। बता दें कि 15 अगस्त को लंदन में भारतीय मिशन के बाहर स्वतंत्रता दिवस मना रहे भारतीयों पर पाकिस्तानी और अलगाववादी समूहों ने हमला किया था।
United Kingdom: Two people have been arrested by police in connection with the violent protest outside Indian High Commissioner in London yesterday.
— ANI (@ANI) September 4, 2019
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता
भारतीय विदेश मंत्रालय ने लंदन में भारत के उच्चायोग की संपत्ति को पाकिस्तान के उकसाने वाले तत्वों द्वारा किए गए विध्वसंकारी गतिविधियों को लेकर चिंता जाहिर की। मंत्रालय ने कहा कि एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बार हुआ है। इस घटना से हमारे मिशन की सुरक्षा और सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है। हम इन घटनाओं को अस्वीकार्य मानते हैं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए यूनाइटेड किंगडम सरकार से दृढ़ता से आग्रह किया है। हमने कहा है कि मिशन के सामान्य कामकाज और हमारे कर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यूके आवश्यक कदम उठाए।