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खुलासा: 20 पेट्रोकेमिकल कंपनियों से दुनिया में 55 फीसदी प्रदूषण, 90% कचरे के लिए सिर्फ 100 कंपनियां जिम्मेदार

Wed, 19 May 2021 05:17 PM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 19 May 2021 05:17 PM IST
सार

सिंगल यूज प्लास्टिक हमारे जीवन को दिनोंदिन प्रभावित कर रहा है, कई बड़े-बड़े देश पर्यावरण प्रदूषण कम करने की बात तो जरूर करते हैं, पर ये सुनकर आप हैरान होंगे कि उन्हीं देशों के बड़े बैंक प्लास्टिक उत्पादन करने वाली कंपनियों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। 

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twenty petrochemical companies producing 55 percent pollution in world
प्लास्टिक कचरा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दैनिक उपयोग में आने वाली ज्यादातर चीजें प्लास्टिक के पैकेट में आ रही हैं, जिससे हम इस्तेमाल करने के बाद फेंक देते हैं उसे हम सिंगल यूज प्लास्टिक कहते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है। सिंगल यूज प्लास्टिक शहरों में जलभराव के लिए जिम्मेदार साथ ही सेहत के लिए बेहद खतनाक माना जाता है। कई प्रयास के बावजूद सिंगल यूज प्लास्टिक को बाजार से नहीं हटाया जा सका है। आज भी सिंगल यूज प्लास्टिक हमारे जीवन का अहम हिस्सा बना हुआ है। इसमें दुनिया के कई बड़े देश भी शामिल हैं। बड़े देशों की ओर से प्लास्टिक बनाने वाली कंपनियों को आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है।  

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विश्व का 90% प्लास्टिक कचरा 100 कंपनियां पैदा कर रही
इसके अलावा सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया भर में निकलने वाले इस तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे का 90 फीसदी सिर्फ 100 कंपनियां पैदा कर रही हैं। वहीं दुनिया का आधे से ज्यादा कचरा सिर्फ 20 कंपनियां पैदा कर रही हैं और ये सभी पेट्रोकेमिकल से जुड़ी हैं। इनमें एक्सॉन मोबाइल, अमेरिका की डाउ केमिकल्स और चीन की पेट्रो कंपनी सिनोपेक भी शामिल है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, स्टॉकहोम एनवायरनमेंट इंस्टीट्यूट और मिंडेरू फाउंडेशन ने रिसर्च के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के पीछे काम कर रहे कॉरपोरेट नेटवर्क को तहकीकात की।
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इसके लिए दुनिया भर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को कच्चा माल सप्लाई करने वाली एक हजार से ज्यादा कंपनियों का अध्ययन किया गया, जिनका इस्तेमाल  पैकेजिंग, फूड रैपर्स, प्लास्टिक बॉटल और बैग्स बनाने में होता है, जिन्हें हम इस्तेमाल के बाद फेंक देते हैं, जो बाद में समंदर तक भी पहुंच जाते हैं। 
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20 संस्थान दे रहे हैं प्लास्टिक बनाने वाली कंपनियों को 60% फंड
दूसरा चौंकाने वाला खुलासा यह है कि 20 संस्थान सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने कंपनियों को 60 फीसदी वित्तीय सहायता दे रहे हैं। बार्कले, एचएसबीसी, बैंक ऑफ अमेरिका भी प्लास्टिक बनाने वाली कंपनियों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। इन तीनों संस्थानों ने प्लास्टिक बनाने वाली कंपनियों को ढाई लाख करोड़ रुपए दे चुके हैं। 

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