{"_id":"69e36a308b2b031bab036eb2","slug":"turkiye-meeting-foreign-ministers-from-four-nations-united-on-enhancing-cooperation-pakistan-participate-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"तुर्किये में चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक: सहयोग बढ़ाने पर सभी एकजुट, पाकिस्तान समेत ये देश भी शामिल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
तुर्किये में चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक: सहयोग बढ़ाने पर सभी एकजुट, पाकिस्तान समेत ये देश भी शामिल
Sat, 18 Apr 2026 04:56 PM IST
Himanshu Singh Chandel
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Sat, 18 Apr 2026 04:56 PM IST
सार
तुर्किये के अंटाल्या में पाकिस्तान समेत चार देशों के विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक हुई। इसमें सभी देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा हुई। आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान के विदेश मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तुर्किये के अंटाल्या शहर में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक हुई। इस बैठक में चारों देशों ने आपसी सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय मुद्दों पर मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया। यह तीसरी परामर्श बैठक थी, जो ऐसे समय में हुई जब पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक चुनौतियां बढ़ रही हैं। इस बैठक को कूटनीतिक स्तर पर बड़ी पहल माना जा रहा है।
इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान, तुर्किये के हाकन फिदान और मिस्र के बद्र अब्देलअती शामिल हुए। यह बैठक अंटाल्या डिप्लोमेसी फोरम के दौरान हुई। सभी नेताओं ने साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और एक मजबूत साझेदारी बनाने पर सहमति जताई। उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए संवाद और कूटनीति को जरूरी बताया।
क्या क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा हुई?
बैठक में बदलते क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने माना कि मौजूदा समय में बातचीत और सहयोग ही तनाव कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देशों के बीच संवाद जारी रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के टकराव को रोका जा सके और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाया जा सके।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- केंद्रीय कर्मियों/पेंशनरों को नहीं मिलेगा 18 महीने का डीए/डीआर, सरकार ने तब बचा लिए थे 34 हजार करोड़ रुपये
क्या अमेरिका-ईरान वार्ता का असर दिखा?
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। इन हालातों ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में आर्थिक दबाव और अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है, जिस पर भी इस बैठक में चर्चा हुई।
क्या चार देशों के बीच नया ढांचा बनेगा?
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री भी रहे इशाक डार ने चारों देशों के बीच एक सहयोगी ढांचा बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये मिलकर शांति, समृद्धि और आर्थिक विकास के लिए साझा योजना तैयार करें। उन्होंने इन देशों के बीच मजबूत रिश्तों और समान सोच की सराहना भी की।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान, तुर्किये के हाकन फिदान और मिस्र के बद्र अब्देलअती शामिल हुए। यह बैठक अंटाल्या डिप्लोमेसी फोरम के दौरान हुई। सभी नेताओं ने साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और एक मजबूत साझेदारी बनाने पर सहमति जताई। उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए संवाद और कूटनीति को जरूरी बताया।
विज्ञापन
क्या क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा हुई?
बैठक में बदलते क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने माना कि मौजूदा समय में बातचीत और सहयोग ही तनाव कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देशों के बीच संवाद जारी रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के टकराव को रोका जा सके और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाया जा सके।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- केंद्रीय कर्मियों/पेंशनरों को नहीं मिलेगा 18 महीने का डीए/डीआर, सरकार ने तब बचा लिए थे 34 हजार करोड़ रुपये
क्या अमेरिका-ईरान वार्ता का असर दिखा?
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। इन हालातों ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में आर्थिक दबाव और अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है, जिस पर भी इस बैठक में चर्चा हुई।
क्या चार देशों के बीच नया ढांचा बनेगा?
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री भी रहे इशाक डार ने चारों देशों के बीच एक सहयोगी ढांचा बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये मिलकर शांति, समृद्धि और आर्थिक विकास के लिए साझा योजना तैयार करें। उन्होंने इन देशों के बीच मजबूत रिश्तों और समान सोच की सराहना भी की।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन