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DA: केंद्रीय कर्मियों/पेंशनरों को नहीं मिलेगा 18 महीने का डीए/डीआर, सरकार ने तब बचा लिए थे 34 हजार करोड़ रुपये

Sat, 18 Apr 2026 04:46 PM IST
Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Sat, 18 Apr 2026 04:46 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने डीए/डीआर 2% बढ़ाकर 60% किया, लेकिन कोरोना काल के 18 माह के 34,402 करोड़ रुपये के एरियर देने से इनकार किया। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद सरकार ने इसे अव्यावहारिक बताया।

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Central government employees will not receive the in arrears for 18 months of DA/DR
केंद्रीय कर्मचारियों को 18 माह के डीए/डीआर का बकाया नहीं मिलेगा - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

केंद्र सरकार ने शनिवार को अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए/डीआर में दो फीसदी की वृद्धि कर दी है। अब डीए/डीआर की दर 58 से 60 पर पहुंच गई है। इसके साथ ही अब यह भी तय हो गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों को 18 माह के डीए/डीआर का बकाया '34 हजार करोड़' रुपये नहीं मिलेंगे। सरकार ने कोरोनाकाल में इस राशि को रोक लिया था। कैबिनेट की मीटिंग के बाद जब केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने डीए/डीआर की घोषणा की तो उनके एजेंडे में 18 माह के डीए/डीआर के बकाया का कोई जिक्र नहीं था। 

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क्यों संभव नहीं है बकाया दिया जाना 

बता दें कि विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस मांग को केंद्र सरकार के समक्ष उठा रहे थे। 18 माह के डीए/डीआर का बकाया देने का मुद्दा, संसद में भी कई बार उठाया जा चुका है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा था कि वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी के विपरीत वित्तीय प्रभाव तथा सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी उपायों के वित्तपोषण का वित्त वर्ष 2020-21 के बाद राजकोषीय प्रभाव पड़ा था, इसलिए महंगाई भत्ता/महंगाई राहत का बकाया दिया जाना संभव नहीं है। वित्त राज्य मंत्री ने कहा था कि मौजूदा समय में इन भत्तों का 'एरियर' जारी नहीं किया जा सकता। 

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सरकार ने 34402 करोड़ रुपये बचा लिए थे  

कोरोनाकाल में केंद्र सरकार ने 18 माह का डीए/डीआर रोककर 34,402 करोड़ रुपये बचा लिए थे। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया था कि केन्द्र सरकार के कर्मचारियों/पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता (डीए)/महंगाई राहत (डीआर) की दिनांक 01.01.2020, 01.07.2020 और 01.01.2021 से देय तीन किस्तों को फ्रीज करने का निर्णय कोविड-19 के दौरान लिया गया था। इसका कारण आर्थिक व्यवधान था। उसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया था। तब इसका मकसद, सरकारी वित्त पर दबाव को कम करना था। 

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जेसीएम 'स्टाफ साइड' आग्रह कर चुकी है

'नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्सन' (एनजेसीए) के वरिष्ठ सदस्य एवं अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी.श्रीकुमार ने बताया, जेसीएम 'स्टाफ साइड' से लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठन, फेडरेशन और एसोसिएशन, डीए/डीआर के बकाया 34,402 करोड़ रुपये लौटाने का आग्रह कर चुके हैं। वित्त मंत्रालय में ऐसे कई संगठनों ने अपना प्रतिवेदन दिया है। संसद सत्र में सवाल पूछा गया है, मगर अभी तक सरकार ने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया है कि जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को उक्त राशि मिलने का कोई संकेत नजर आता हो। केंद्र सरकार ने संसद में यह बात मानी है कि डीए की बकाया राशि जारी करने के लिए कई कर्मचारी संगठनों की ओर से आवेदन मिले हैं। हालांकि सरकार ने इस संबंध में कोई ठोस भरोसा देने की बजाए साफ तौर से कह दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में डीए के एरियर को जारी करना व्यावहारिक नहीं है।

सरकार के मन में खोट आ चुका है 

बतौर श्रीकुमार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि ऐसे मामलों में कर्मचारी को छह फीसदी ब्याज के साथ उसका भुगतान करना होता है। केंद्र सरकार ने कोरोनाकाल के दौरान जनवरी 2020 से जून 2021 तक 18 महीने का महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की 3 किस्तें रोक ली थी। उस वक्त सरकार ने आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही थी। सरकार के मन में अब खोट आ चुका है। केंद्र ने 2020 के प्रारंभ में कोविड-19 की आड़ लेकर सरकारी कर्मियों और पेंशनरों के डीए/डीआर पर रोक लगा दी थी। उस वक्त कर्मियों के 11 फीसदी डीए का भुगतान रोक कर केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपये बचा लिए थे। उसके बाद कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने 18 माह के एरियर के भुगतान को लेकर सरकार को कई तरह के विकल्प सुझाए थे। इनमें एरियर का एकमुश्त भुगतान करना भी शामिल था। 

अब तो अर्थव्यवस्था पटरी पर है 

कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष एसबी यादव का कहना है, डीए/डीआर की बकाया राशि के भुगतान के लिए कई बार सरकार को पत्र लिखा गया है। कोरोनाकाल के दौरान आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो डीए/डीआर में कटौती कर दी गई। अब अर्थव्यवस्था पटरी पर है तो सरकार को 18 माह के डीए/डीआर का एरियर देना चाहिए। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल भी कह चुके हैं, 18 महीने के बकाया डीए/डीआर का एरियर कर्मचारियों का हक है। केंद्र सरकार को अविलंब इस राशि को जारी करना चाहिए। 'भारत पेंशनर समाज' के महासचिव एससी महेश्वरी ने भी कोरोनाकाल के दौरान रोके गए 18 माह के डीए का एरियर जारी करने के लिए सरकार से आग्रह किया था। 

तब एरियर को लेकर कोई बात नहीं कही थी 

कोरोनाकाल के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह घोषणा की थी कि कर्मचारियों को 28 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता मिलेगा। उस वक्त उन्होंने एरियर को लेकर कोई बात नहीं कही। केंद्रीय मंत्री की घोषणा का अर्थ यह था कि बढ़े हुए डीए की दर एक जुलाई 2021 से 28 फीसदी मान ली जाए। इसके अनुसार जून 2021 और जुलाई 2021 के बीच डीए में एकाएक 11 फीसदी वृद्धि हो गई, जबकि डेढ़ साल की अवधि में डीए की दरों में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई। एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए/डीआर फ्रीज कर दिया गया था। कोरोना संक्रमण काल में डीए की तीन किस्त (1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020, 1 जनवरी 2021) रोक दी गई थी। इसके बाद सरकार ने जुलाई 2021 में महंगाई भत्ते को बहाल कर दिया था। तब 18 महीने की बकाया तीन किस्तों का पैसा देने पर सरकार चुप हो गई।
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