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Tulsi Gabbard: हिंदू धर्म के खिलाफ धार्मिक कट्टरता बढ़ाने की साजिश, डेमोक्रेट्स पर बरसीं ट्रंप समर्थक भारतवंशी
Fri, 31 Jan 2025 12:59 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Fri, 31 Jan 2025 12:59 AM IST
सार
तुलसी गबार्ड ने कहा कि दुर्भाग्य से, कुछ डेमोक्रेट सीनेटर अभी भी धर्म की स्वतंत्रता के सिद्धांत और संविधान के अनुच्छेद 6 को नहीं समझते हैं, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका के किसी भी सरकारी पद के लिए धार्मिक परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
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तुलसी गबार्ड
- फोटो : fb/tulsigabbard
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विस्तार
पूर्व कांग्रेस सदस्य तुलसी गबार्ड ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि डेमोक्रेटिक सीनेटर हिंदुओं और हिंदू धर्म के खिलाफ धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान उन्होंने सीनेट चयन समिति के सामने दिया। गौरतलब है कि अमेरिकी प्रशासन में नियुक्ति की परंपरा के तहत नामित पदाधिकारियों को सीनेट समितियों के समक्ष उपस्थित होकर सांसदों की तरफ से पूछे जाने वाले सवालों के जवाब देने होते हैं।
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बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गबार्ड को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के पद पर नियुक्त किया है। यह पद सीआईए और एफबीआई सहित अमेरिकी सरकार की सभी खुफिया एजेंसियों की देखरेख करता है। इस पद के लिए ट्रंप द्वारा नामित किए जाने के बाद, गबार्ड को उनके कई विरोधियों ने उनके हिंदू धर्म के लिए आड़े हाथों लिया है।
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प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली हिंदू अमेरिकी हैं गबार्ड
43 वर्षीय गबार्ड ऐसी पहली हिंदू अमेरिकी हैं, जिन्हें प्रतिनिधि सभा के लिए चुना गया था। उन्होंने कहा कि कुछ डेमोक्रेट सीनेटरों ने पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप के न्यायिक नामांकितों जैसे एमी कोनी बैरेट और ब्रायन बुशर के खिलाफ ईसाई विरोधी कट्टरता का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा, 'मैंने उस समय कांग्रेस में एक डेमोक्रेट के रूप में उन कार्यों की निंदा की थी, क्योंकि धार्मिक कट्टरता की हम सभी को पूरी तरह से निंदा करनी चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।'
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संविधान के अनुच्छेद 6 को नहीं समझते हैं डेमोक्रेट सीनेटर: गबार्ड
गबार्ड ने कहा कि दुर्भाग्य से, कुछ डेमोक्रेट सीनेटर अभी भी धर्म की स्वतंत्रता के सिद्धांत और संविधान के अनुच्छेद 6 को नहीं समझते हैं, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका के किसी भी सरकारी पद के लिए धार्मिक परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
हिंदू धर्म के बारे में अधिक जानने वाले मेरे एक्स अकाउंट पर जा सकते हैं: गबार्ड
तुलसी गबार्ड ने कहा कि डेमोक्रेट एक बार फिर धार्मिक कट्टरता का कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इस बार हिंदुओं और हिंदू धर्म के खिलाफ धार्मिक कट्टरता को भड़काने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को हिंदू धर्म के बारे में अधिक जानने में रुचि है, तो वे मेरे सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जा सकता है, जहां मैं इस विषय पर अधिक जानकारी साझा करूंगी।
हाल ही में डेमोक्रेट से रिपब्लिकन सदस्य बनी हैं गबार्ड
बता दें कि भारतवंशी गबार्ड चार बार कांग्रेस की सदस्य रह चुकी हैं। उन्होंने मध्य पूर्व और अफ्रीका के युद्ध क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह हाल ही में डेमोक्रेट से रिपब्लिकन सदस्य बनी हैं। अक्तूबर 2022 में उन्होंने डेमोक्रेट खेमा छोड़कर निर्दलीय प्रत्याशी बनने की घोषणा की थी। अगस्त, 2024 में तुलसी ने ट्रंप को औपचारिक समर्थन देने का एलान किया था।