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Iran-US: ईरान के बातचीत बंद करने वाले एलान के बाद ट्रंप का आया पहला बयान, बोले- ये चुप हो जाए तो बेहतर

Mon, 01 Jun 2026 11:34 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 01 Jun 2026 11:34 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत बंद कर चुप हो जाता है तो यह बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है और वह इंतजार कर सकता है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर बड़े सैन्य हमले नहीं करेगा, लेकिन नाकेबंदी जारी रखेगा।

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Trump Issues First Statement After Iran Announces End to Talks Says It Would Better Just Stayed Silent
पश्चिम एशिया तनाव पर ट्रंप ने दिए बड़े संकेत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान बातचीत रोककर चुप हो जाता है तो यह अच्छी बात होगी। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका पर किसी तरह का दबाव नहीं है और वह तेहरान के फैसले का जितना चाहे उतना इंतजार कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में इस्राइल, लेबनान और ईरान को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जरूरत से ज्यादा बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर सच जानना चाहते हैं तो मुझे लगता है कि हम बहुत ज्यादा बात कर चुके हैं। अब चुप रहना बेहतर होगा।” हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका फिर से बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी नाकेबंदी जारी रखेगा और यही सबसे मजबूत दबाव है।
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क्या अमेरिका ईरान पर हमला करने जा रहा है?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम वहां जाकर हर जगह बम नहीं गिराने वाले हैं। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका की रणनीति अभी आर्थिक और सामरिक दबाव बनाए रखने की है। उन्होंने नाकेबंदी को स्टील की दीवार जैसा मजबूत कदम बताया। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका सीधे युद्ध से बचते हुए दबाव की नीति अपनाना चाहता है।
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क्या ट्रंप खुद को मजबूत स्थिति में मान रहे हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका के पास अभी भी ईरान पर दबाव बनाने की पूरी ताकत है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। ट्रंप बोले  कि मैं जितना चाहें उतना इंतजार कर सकता हूं। इससे साफ हुआ कि व्हाइट हाउस फिलहाल तेहरान की अगली चाल देखने के मूड में है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत अब “बहुत बोरिंग” होती जा रही थी।

क्या इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव कम हुआ?
ट्रंप ने दावा किया कि उनकी इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बेहद अच्छी बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि बेरूत की तरफ जा रहे सैनिकों को वापस बुला लिया गया है। ट्रंप के मुताबिक हिजबुल्ला से भी बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने गोलीबारी रोकने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि इस्राइल हमला नहीं करेगा और हिजबुल्ला भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा।


क्या मध्य पूर्व में हालात अभी भी संवेदनशील हैं?
हालांकि ट्रंप ने तनाव कम होने के संकेत दिए, लेकिन मध्य पूर्व में हालात अब भी बेहद नाजुक बने हुए हैं। ईरान, इस्राइल और लेबनान के बीच बढ़ती बयानबाजी ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य, गाजा और लेबनान जैसे इलाकों में तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

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