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Population: इस देश में गहराया जनसंख्या संकट, साल 2023 में पैदा हुए सिर्फ 30,500 बच्चे, सरकार ने जताई चिंता
Wed, 28 Feb 2024 06:09 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 28 Feb 2024 06:09 PM IST
सार
अभी दक्षिण कोरिया में प्रजनन दर दुनिया में सबसे कम यानी 0.72 प्रतिशत है। सिंगापुर सरकार ने बताया कि साल 2021 में प्रजनन दर 1.12 प्रतिशत थी, जो कि 2022 में कम होकर 1.04 प्रतिशत हो गई। अब 2023 में ये आंकड़ा और गिरकर 0.97 प्रतिशत हो गई है।
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सिंगापुर में गिरती जनसंख्या दर
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारत में जहां बढ़ती जनसंख्या चिंता का विषय बनी हुई है, वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं, जो घटती जनसंख्या से परेशान हैं। सिंगापुर भी अपनी घटती जनसंख्या से परेशान है। सिंगापुर की सरकार ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि उनके देश में कुल प्रजनन दर एक प्रतिशत से भी कम होकर 0.97 प्रतिशत हो गई है। यह सिंगापुर के इतिहास में सबसे निचले स्तर पर हैं। कुल प्रजनन दर, बच्चों की वह औसत संख्या है, जो एक महिला अपने प्रजनन काल के दौरान पैदा करती है।
साल दर साल आ रही गिरावट
सिंगापुर के प्रधानमंत्री कार्यालय की मंत्री इंद्रानी राजाह ने बुधवार को सिंगापुर की पार्लियामेंट को यह जानकारी दी। सिंगापुर मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंगापुर में जन्म दर भी औसत 2.1 प्रतिशत से कम हो गई है। इन आंकड़ों के साथ ही सिंगापुर उन देशों में शामिल हो गया है, जिनमें जनसंख्या खतरनाक स्तर पर कम हो रही है। अभी दक्षिण कोरिया में प्रजनन दर दुनिया में सबसे कम यानी 0.72 प्रतिशत है। सिंगापुर सरकार ने बताया कि साल 2021 में प्रजनन दर 1.12 प्रतिशत थी, जो कि 2022 में कम होकर 1.04 प्रतिशत हो गई। अब 2023 में ये आंकड़ा और गिरकर 0.97 प्रतिशत हो गई है।
बूढ़ी हो रही सिंगापुर की जनसंख्या
सिंगापुर सरकार ने बताया कि साल 2023 में देश में 26,500 शादियां हुईं और 30,500 बच्चे पैदा हुए। सिंगापुर इन दिनों जनसंख्या के मोर्चे पर दोहरे संकट से जूझ रहा है। जहां एक तरफ सिंगापुर में जन्म दर और प्रजनन दर तेजी से नीचे गिर रही है और ज्यादा बच्चे पैदा नहीं हो रहे, वहीं दूसरी तरफ सिंगापुर की आबादी बूढ़ी हो रही है। ऐसा ही रहा तो आने वाले कुछ वर्षों बाद सिंगापुर में काम करने वाले लोगों की कमी हो सकती है, जिसका असर सिंगापुर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
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इन वजहों से कम हो रही जनसंख्या
सिंगापुर में जनसंख्या कम होने की कई वजह बताई गई हैं, जिनमें कोरोना के दौरान तलाक की संख्या में बढ़ोतरी, बच्चों के पालन-पोषण में होने वाले खर्च में बढ़ोतरी, बच्चों की परवरिश का दबाव और काम और परिवार के बीच असंतुलन प्रमुख वजहें हैं। सिंगापुर की मंत्री इंद्रानी राजाह ने बताया कि सिंगापुर में परिवार छोटे हो रहे हैं और अधिकतर दंपतियों पर अब दोहरी मार पड़ रही हैं, जहां उन्हें बच्चों के पालन पोषण पर ध्यान देना पड़ रहा है, वहीं उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता का भी ख्याल रखना पड़ रहा है। ऐसे में काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
गिरती जनसंख्या से सिंगापुर की जनसांख्यिकी में बदलाव आएंगे और साथ ही अर्थव्यवस्था में भी गिरावट आने की आशंका है। सरकार लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित कर रही है और इसके लिए कई तरह की सुविधाएं भी दी जा रही हैं, लेकिन सरकार की कोशिशों का सकारात्मक असर होता नहीं दिख रहा है।
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साल दर साल आ रही गिरावट
सिंगापुर के प्रधानमंत्री कार्यालय की मंत्री इंद्रानी राजाह ने बुधवार को सिंगापुर की पार्लियामेंट को यह जानकारी दी। सिंगापुर मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंगापुर में जन्म दर भी औसत 2.1 प्रतिशत से कम हो गई है। इन आंकड़ों के साथ ही सिंगापुर उन देशों में शामिल हो गया है, जिनमें जनसंख्या खतरनाक स्तर पर कम हो रही है। अभी दक्षिण कोरिया में प्रजनन दर दुनिया में सबसे कम यानी 0.72 प्रतिशत है। सिंगापुर सरकार ने बताया कि साल 2021 में प्रजनन दर 1.12 प्रतिशत थी, जो कि 2022 में कम होकर 1.04 प्रतिशत हो गई। अब 2023 में ये आंकड़ा और गिरकर 0.97 प्रतिशत हो गई है।
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बूढ़ी हो रही सिंगापुर की जनसंख्या
सिंगापुर सरकार ने बताया कि साल 2023 में देश में 26,500 शादियां हुईं और 30,500 बच्चे पैदा हुए। सिंगापुर इन दिनों जनसंख्या के मोर्चे पर दोहरे संकट से जूझ रहा है। जहां एक तरफ सिंगापुर में जन्म दर और प्रजनन दर तेजी से नीचे गिर रही है और ज्यादा बच्चे पैदा नहीं हो रहे, वहीं दूसरी तरफ सिंगापुर की आबादी बूढ़ी हो रही है। ऐसा ही रहा तो आने वाले कुछ वर्षों बाद सिंगापुर में काम करने वाले लोगों की कमी हो सकती है, जिसका असर सिंगापुर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
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इन वजहों से कम हो रही जनसंख्या
सिंगापुर में जनसंख्या कम होने की कई वजह बताई गई हैं, जिनमें कोरोना के दौरान तलाक की संख्या में बढ़ोतरी, बच्चों के पालन-पोषण में होने वाले खर्च में बढ़ोतरी, बच्चों की परवरिश का दबाव और काम और परिवार के बीच असंतुलन प्रमुख वजहें हैं। सिंगापुर की मंत्री इंद्रानी राजाह ने बताया कि सिंगापुर में परिवार छोटे हो रहे हैं और अधिकतर दंपतियों पर अब दोहरी मार पड़ रही हैं, जहां उन्हें बच्चों के पालन पोषण पर ध्यान देना पड़ रहा है, वहीं उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता का भी ख्याल रखना पड़ रहा है। ऐसे में काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
गिरती जनसंख्या से सिंगापुर की जनसांख्यिकी में बदलाव आएंगे और साथ ही अर्थव्यवस्था में भी गिरावट आने की आशंका है। सरकार लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित कर रही है और इसके लिए कई तरह की सुविधाएं भी दी जा रही हैं, लेकिन सरकार की कोशिशों का सकारात्मक असर होता नहीं दिख रहा है।