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भ्रष्टाचार और चीन पर निर्भरता खत्म करे डब्ल्यूएचओ तो फिर जुड़ सकता है अमेरिका

Mon, 01 Jun 2020 04:02 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 01 Jun 2020 04:02 PM IST
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The White House says that America will consider rejoining WHO if it ends corruption and reliance on China
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

कोरोना वायरस को लेकर अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का विरोध करने वाले और इसकी सदस्यता त्यागने वाले अमेरिका ने अब संगठन से दोबारा जुड़ने की बात कही है। हालांकि, इसके साथ व्हाइट हाउस ने शर्त रखी है कि डब्ल्यूएचओ को भ्रष्टाचार और चीन पर निर्भरता खत्म करना होंगी। 

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बता दें कि बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर चीन के इशारे पर चलने का आरोप लगाते हुए संगठन से सारे संबंध समाप्त करने का एलान किया था। ट्रंप ने कहा था कि चीन कोरोना से संबंधित अहम जानकारी दुनिया से छिपा रहा है और संगठन इसमें चीन के साथ है। 
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इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने रविवार को कहा था कि डब्ल्यूएचओ को सुधारों की आवश्यकता है, अगर ऐसा होता है और संगठन में भ्रष्टाचार और चीन से संबंध समाप्त होते हैं तो अमेरिका डब्ल्यूएचओ में शामिल होने पर गंभीरता से विचार करेगा। 
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बता दें कि अमेरिका पहले ही कह चुका है कि अभी तक 45 करोड़ डॉलर की जो राशि डब्ल्यूएचओ को दी जाती थी उसे अब अन्य अंतरराष्ट्रीय जनस्वास्थ्य संगठनों को दिया जाएगा। रॉबर्ट ने कहा, चीन डब्ल्यूएचओ को सालाना महज चार करोड़ डॉलर देता है और हम इस संगठन को करीब 45 करोड़ डॉलर देते थे। 

उन्होंने कहा कि अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डब्ल्यूएचओ को दिए जाने वाले 45 करोड़ डॉलर फ्रंट लाइन स्वास्थ्य कर्मियों को मिलें, बिलकुल उसी तरीके से जैसा कि हम अफ्रीका में PEPFAR के साथ कर रहे हैं। 


रॉबर्ट ने कहा, डब्ल्यूएचओ अफ्रीका में एड्स और एचआईवी के पीड़ितों को नहीं बचा रहा है। अफ्रीका में लोगों को बचाने का काम अमेरिकी और हमारे टैक्स देने वाले लोग कर रहे हैं। हम यह डब्ल्यूएचओ के माध्यम से नहीं कर रहे हैं, हम यह काम संयुक्त राज्य अमेरिका के तौर पर कर रहे हैं।

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