फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   The robots began to grow, the job of waiters snatching in Chinese restaurant

रोबोट बनने लगे मुसीबत, चीनी रेस्टोरेंट में छीन रहे वेटरों की नौकरी

Wed, 08 Aug 2018 05:02 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 08 Aug 2018 05:02 AM IST
विज्ञापन
The robots began to grow, the job of waiters snatching in Chinese restaurant
चीन के रेस्टोरेंट में लोगों को खाना देते रोबोट।

चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बहुत तेजी से काम चल रहा है। यहां हर उस काम को रोबोट में एआई तकनीकी द्वारा कृत्रिम बौद्धिक रूप देकर उतारने की कोशिश हो रही है जिसे इंसानी श्रम द्वारा किया जाता रहा है। इसी कड़ी में चीन के रेस्टोरेंट में वेटर का काम रोबोट से लेने की तैयारी है। इसके लिए बाकायदा अलीबाबा ने प्लान बनाकर शंघाई के एक रेस्टोरेंट में रोबोटिक वेटर को तैनात भी कर दिया है। यह रोबोट वेटर न सिर्फ होटलों में खाने का बिल घटाएगा बल्कि ग्राहकों को टिप देने के झंझट से भी बचाएगा। लेकिन इसका नुकसान वेटरों की नौकरी पर पड़ेगा और कई लोग चीन में बेरोजगार हो जाएंगे।

विज्ञापन


शंघाई के रोबोटिक रेस्तरां में बुकिंग के लिए लोग बाकायदा मोबाइल ऐप का सहारा भी ले रहे हैं। इसी से उत्साहित होकर चीन के 13 शहरों में ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा ने 57 हेमा बाजारों में रोबोटिक रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी की है। ये रेस्टोरेंट अलीबाबा के सुपरमार्केट चेन हेमा के नजदीक होंगे। वहीं, अलीबाबा के प्रतिद्वंद्वी जेडी डॉट कॉम ने भी 2020 तक एक हजार ऐसे रेस्तरां खोलने का ऐलान किया है जहां रोबोट खाना परोसेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रोबोट को इस तरह बनाया जाएगा कि वह रेस्टोरेंट के हर पहलू से वाकिफ हो। 
विज्ञापन


अलीबाबा के प्रोडक्ट मैनेजर साओ हैताओ के मुताबिक, शंघाई में एक वेटर की तनख्वाह 10 हजार युआन यानी 1500 डॉलर प्रति माह आती है। हर रेस्तरां को कम से कम दो शिफ्ट के हिसाब से वेटर रखने पड़ते हैं। रोबोट के आने से लागत में कमी आएगी और दो शिफ्ट का खर्च भी बचेगा क्योंकि ये रोबोट रखरखाव की सामान्य लागत पर दिन भर काम करेंगे। अलीबाबा का तकनीक को लेकर किया जा रहा यह प्रयोग कितनी लागत बचाएगा, इसे लेकर बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में मजदूरी पहले ही कम है, ऐसे में रोबोट का इस्तेमाल हजारों वेटरों को बेरोजगार कर देगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन सरकार ने रखी है बारीक निगाह
हालांकि सरकार पुलिस महकमे के लिए चेहरा पहचानने की तकनीक पर जोर दे रही है जिससे कानून तोड़ने वालों का आसानी से पता लगाया जा सके। एक तरफ चीनी सरकार की कोशिश है कि सर्विस सेक्टर को नौकरी देने वाली इंडस्ट्री के रूप में विकसित किया जाए, वहीं नई तकनीक उस पर ग्रहण लगाने का काम कर रही है। रोबोट के सर्विस सेक्टर में आने से लोगों को अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा है।


रोबोट रेस्टोरेंट में खाने का दाम है कम
रोबोट रेस्टोरेंट में खाने-पीने का दाम काफी कम है। आमतौर पर दो-तीन लोगों के खाने का बिल औसतन 300 से 400 युआन आता है जबकि इस रेस्टोरेंट में सिर्फ 100 युआन का खर्च ही आता है। हालांकि शंघाई की जिआओटॉन्ग यूनिवर्सिटी में रोबोटिक्स के प्रोफेसर वांग हेशनेग कहते हैं, अब भी रोबोट की कुल लागत ज्यादा है, लेकिन जिस तरह से मजदूरी बढ़ रही है, हो सकता है कि भविष्य में रोबोट इंसानों को  नौकरी से हटा दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed