फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Thailand, Cambodia sign new ceasefire agreement to end border fighting

Thailand-Cambodia Ceasefire: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच फिर युद्धविराम समझौता, हफ्तों तक चला खूनी संघर्ष

Sat, 27 Dec 2025 05:22 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 27 Dec 2025 05:22 PM IST
सार

Thailand-Cambodia Ceasefire: हफ्तों तक चले खूनी संघर्ष के बाद थाईलैंड और कंबोडिया ने एक बार फिर युद्धविराम समझौता किया है। भारतीय समयानुसार आज दोपहर 12 बजे यह समझौता लागू हुआ। 

विज्ञापन
Thailand, Cambodia sign new ceasefire agreement to end border fighting
थाईलैंड और कंबोडिया के राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

थाईलैंड और कंबोडिया ने शनिवार को सीमा विवाद को लेकर कई हफ्तों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए एक नया युद्धविराम समझौता किया। यह समझौता दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसार) से लागू हो गया। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने सैन्य गतिविधियों को रोकने और सैन्य उद्देश्यों के लिए हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर रोक लगाने पर सहमति जताई है।
विज्ञापन


कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अब तक केवल थाईलैंड ने हवाई हमले किए थे और शनिवार सुबह तक कंबोडिया के कुछ ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

ये भी पढ़ें: सीरिया के मस्जिद आतंकी हमले की यूएन प्रमुख ने की कड़ी निंदा, कहा- ऐसे हमले किसी हालत में स्वीकार्य नहीं
विज्ञापन


समझौते में यह भी कहा गया कि अगर युद्धविराम 72 घंटे तक बना रहता है, तो थाईलैंड जुलाई में हुई झड़प के दौरान पकड़े गए 18 कंबोडियाई सैनिकों को वापस भेजेगा। इन सैनिकों की रिहाई कंबोडिया की एक बड़ी मांग रही है। समझौते पर हस्ताक्षर के कुछ घंटों बाद ही थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कंबोडिया के सामने विरोध जताया। थाईलैंड ने आरोप लगाया कि कंबोडियाई सेना की ओर से बिछाई गई एंटी-पर्सनल लैंड माइन पर पैर रखने से एक थाई सैनिक स्थायी रूप से विकलांग हो गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीमा पर रक्षा मंत्रियों ने किए हस्ताक्षर
यह समझौता कंबोडिया के रक्षा मंत्री टी सैहा और थाईलैंड के रक्षा मंत्री नत्ताफोन नार्खफनिट ने सीमा चौकी पर किया। इससे पहले तीन दिनों तक दोनों देशों के निचले स्तर के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी।


ये भी पढ़ें: Year Ender 2025: टकराव और संघर्ष के नाम रहा साल 2025, कैसे तीसरे विश्व युद्ध की आहट से सहम उठी थी पूरी दुनिया?

समझौते में कहा गया है कि दोनों देश जुलाई में हुए पांच दिनों के संघर्ष के बाद हुए पहले संघर्षविराम और उससे जुड़े समझौतों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जुलाई का मलयेशिया की मध्यस्थता से संघर्षविराम हुआ था और इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका अहम रही थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर दोनों देश नहीं मानते तो उनकी व्यापारिक सुविधाएं रोक दी जाएंगी। बाद में अक्तूबर में मलयेशिया में हुई एक क्षेत्रीय बैठक में इसे औपचारिक रूप दिया गया था, जिसमें ट्रंप भी शामिल हुए थे।

आम पर झड़पों का सबसे ज्यादा असर 
इन समझौतों के बावजूद दोनों देशों के बीच बयानबाजी चलती रही और सीमा पर छोटी झड़पें होती रहीं, जो दिसंबर की शुरुआत में युद्ध के रूप में बदल गईं। थाई अधिकारियों के मुताबिक, सात दिसंबर के बाद से झड़प में थाईलैंड के 26 सैनिक और एक नागरिक की मौत हुई है। इसके अलावा, 44 आम नागरिकों की मौत की भी मौत हुई है। वहीं, कंबोडिया ने अपने सैनिकों के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है। हालांकि उसका कहना है कि 30 नागरिक मारे गए हैं और 90 घायल हुए हैं। दोनों देशों की सीमा से सटे इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed