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Taiwan-China Relations: ताइवान का दावा, रविवार सुबह तक आठ चीनी जहाज और छह विमान हमारे क्षेत्र में सक्रिय

Mon, 25 Mar 2024 04:20 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ताइपे Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 25 Mar 2024 04:20 AM IST
सार

ताइवान दक्षिण पूर्वी चीन के तट से करीब 100 मील दूर स्थिति एक द्वीप है। ताइवान खुद को संप्रभु राष्ट्र मानता है। उसका अपना संविधान है। ताइवान में लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार है। वहीं चीन की कम्युनिस्ट सरकार ताइवान को अपने देश का हिस्सा बताती है। चीन इस द्वीप को फिर से अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।

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Taiwan China Relations Taiwan claims eight Chinese ships and six aircraft detected in our area
china taiwan - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ताइवान और चीन के बीच जारी विवाद के बीच ताइवान ने दावा किया कि चीनी विमान और जहाज उसके क्षेत्र में सक्रिय हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक आठ चीनी नौसैनिक जहाज और छह चीनी विमान सक्रिय है। चीन का एक विमान ताइवान के दक्षिण-पश्चिम वायु क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। हालांकि, अधिकारियों की विमान पर कड़ी नजर है। किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए उन्होंने उचित बल तैनात कर दिया है।

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पहले भी ताइवान को घेर चुका है चीन
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने साल के शुरुआत में एक बड़ा दावा किया था। उन्होंने चीन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 26 जनवरी की सुबह से अगले सुबह तक चीन ने एसयू-30 लड़ाकू विमानों और छह नौसेना जहाजों समेत 33 विमानों द्वीप राष्ट्र ताइवान के चारों तरफ तैनात किए थे। उनका दावा है कि 33 विमानों में से 13 युद्धक विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य को लांघा है।

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ताइवान चीन का अभिन्न अंग- वांग यी
ताइवान को लेकर चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में कहा कि यह हमारे देश का अभिन्न अंग है। जो भी चीन की संप्रभुता को चुनौती देगा, उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम ताइवान को अपनी मातृभूमि से कभी अलग नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा था कि दुनिया के ज्यादातर देश एक चीन नीति का समर्थन करती है। गौरतलब है कि पिछले साल किन गैंग की बर्खास्तगी के बाद वांग यी ने विदेश मंत्री का पद संभाला था।

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चीन-ताइवान के बीच विवाद क्या है?
ताइवान दक्षिण पूर्वी चीन के तट से करीब 100 मील दूर स्थिति एक द्वीप है। ताइवान खुद को संप्रभु राष्ट्र मानता है। उसका अपना संविधान है। ताइवान में लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार है। वहीं चीन की कम्युनिस्ट सरकार ताइवान को अपने देश का हिस्सा बताती है। चीन इस द्वीप को फिर से अपने नियंत्रण में लेना चाहता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान और चीन के पुन: एकीकरण की जोरदार वकालत करते हैं। ऐतिहासिक रूप से से देखें तो ताइवान कभी चीन का ही हिस्सा था। 

 

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