कीर्तिमान: एवरेस्ट फतह करने वाला पहला डॉक्टर दंपती गुजरात निवासी, जानें पूरा मामला
नेपाली मीडिया की खबरों के मुताबिक, डॉक्टर दंपती शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे चोटी पर पहुंचे। हेमंत गुजरात के एनएचएल म्यूनिसिपल मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के प्रोफेसर हैं, जबकि सुरभिबेन गुजरात विद्यापीठ में चीफ मेडिकल ऑफिसर हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुजरात के रहने वाले सर्जन डॉ. हेमंत ललितचंद्र और उनकी पत्नी डॉ. सुरभिबेन 8849 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर फतह हासिल करने वाले पहले डॉक्टर दंपती बन गए हैं। उधर, लद्दाख के रहने वाले स्कालजेग रिगजिन ने विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी लहोत्से पर बिना क्रत्रिम ऑक्सीजन की मदद के विजय हासिल की।
नेपाली मीडिया की खबरों के मुताबिक, डॉक्टर दंपती शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे चोटी पर पहुंचे। हेमंत गुजरात के एनएचएल म्यूनिसिपल मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के प्रोफेसर हैं, जबकि सुरभिबेन गुजरात विद्यापीठ में चीफ मेडिकल ऑफिसर हैं। गुजरात की विभिन्न चिकित्सा सेवाओं में काम कर रहे डॉक्टर दंपती ने विश्व की सबसे ऊंची पर चढ़ाई पर्यावरण की रक्षा का संदेश देने के लिए की।
इससे पहले नेपाली शेरपा महिला लक्पा ने गुरुवार को दुनिया की सबसे ऊंची एवरेस्ट चोटी को सर्वाधिक बार फतह करने का अपना ही रिेकॉर्ड तोड़ दिया था। शेरपा के भाई और अभियान आयोजक मिंगमा गेलू ने कहा कि लक्पा शेरपा और कई अन्य पर्वतारोहियों ने 8,849 मीटर (29,032 फुट) ऊंचे शिखर पर पहुंचने के लिए अनुकूल मौसम का फायदा उठाया। उन्होंने कहा, लक्पा स्वस्थ हैं और सुरक्षित नीचे उतर रही हैं। जीवन के 48 बसंत देख चुकीं लक्पा शेरपा ने कभी औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं की, क्योंकि उन्हें चढ़ाई की चाहत पूरी करने के लिए गियर और ट्रेकर्स की आपूर्ति कर जीविकोपार्जन करना पड़ता था।