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पाकिस्तान: SC के आदेश के बाद भी पंजाब में चुनाव को लेकर अनिश्चितता, CJP ने सरकार और विपक्ष को लेकर कही ये बात

Thu, 27 Apr 2023 04:47 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पाकिस्तान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पाकिस्तान Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 27 Apr 2023 04:47 PM IST
सार

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम किसी पर दबाव नहीं डाल रहे हैं। हम केवल संविधान को लागू करने का रास्ता तलाश रहे हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने विपक्ष के साथ बातचीत को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाए।

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Supreme Court can not force Pakistan govt to hold talks with opposition CJP Umar Ata Bandial
पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) उमर अता बंदियाल ने गुरुवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय सत्तारूढ़ गठबंधन को पंजाब प्रांत में चुनाव कराने को लेकर विपक्ष के साथ बातचीत करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि सरकार 'पास-पास खेल रही' है। शीर्ष अदालत के 14 मई को चुनाव कराने के आदेश के बावजूद पंजाब विधानसभा के भविष्य को लेकर अनिश्चतता बनी हुई है। इस बीच न्यायमूर्ति बंदियाल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ  ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू की है। 

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'हम केवल संविधान को लागू करने का रास्ता तलाश रहे'
हालांकि, बंदियाल ने कहा कि विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। सुनवाई शुरू होने के महज एक घंटे बाद ही स्थगित कर दी गई। उन्होंने कहा, हम किसी पर दबाव नहीं डाल रहे हैं। हम केवल संविधान को लागू करने का रास्ता तलाश रहे हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने विपक्ष के साथ बातचीत को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, सरकार ने अपनी सही भावना को दिखाने के लिए क्या कदम उठाए हैं? 

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'ऐसा लगता है पास-पास खेल रही सरकार'
देश के एक प्रमुख समाचार पत्र ने न्यायमूर्ति बंदियाल के हवाले से कहा, ऐसा लगता है कि सरकार पास-पास खेल रही है।  पिछली सुनवाई में अदालत ने राजनीतिक दलों से 26 अप्रैल को बातचीत करने और हितधारकों को समझौते पर पहुंचने का मौका देने के बाद 27 अप्रैल तक जवाब देने के लिए कहा था। हालांकि, कोई बातचीत नहीं हुई और सरकार ने भी 4 अप्रैल के निर्देश का पालन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'अगर सरकार बातचीत को लेकर गंभीर होती तो वह खुद प्रयास करती। अदालत सरकार को बातचीत के लिए बाध्य नहीं कर सकती।

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'अगर मतभेदों को बातचीत के माध्यम से हल नहीं किया गया तो..'
उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि राजनेताओं को खुद समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए, अगर मतभेदों को बातचीत के माध्यम से हल नहीं किया गया तो 'संविधान और चुनाव पर हमारा आदेश मौजूद' है। शीर्ष न्यायाधीश ने यह भी उम्मीद जताई कि अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी और सरकार के बीच गुरुवार को बातचीत होगी।

पीटीआई ने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में भंग कर दी थी विधानसभा
पंजाब प्रांत में चुनाव कराने को लेकर सरकार और पीटीआई के बीच गतिरोध चल रहा है। इसी बीच अदालत ने गुरुवार को सुनवाई की। पीटीआई ने 14 और 18 जनवरी को पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा विधानसभाओं को भंग कर दिया था, ताकि सत्तारूढ़ पीडीएम गठबंधन को देश में जल्द आम चुनाव कराने के लिए मजबूर किया जा सके। 

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