{"_id":"5f6d19f78ebc3e691e07350b","slug":"sufi-organization-handed-over-110-year-old-sikh-manuscripts-to-the-gurudwara-in-pakistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान: सूफी संगठन ने 110 साल पुरानी सिख पांडुलिपियों को गुरुद्वारे को सौंपा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाकिस्तान: सूफी संगठन ने 110 साल पुरानी सिख पांडुलिपियों को गुरुद्वारे को सौंपा
Fri, 25 Sep 2020 05:03 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 25 Sep 2020 05:03 AM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में सूफी संगठन ने मुस्लिम-सिख भाईचारे को मजबूत करने के लिए गुरु ग्रंथ साहिब की 110 साल पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियों को पंजाब प्रांत के सियालकोट के एक गुरुद्वारे को सौंप दी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह पांडुलिपियां पाकिस्तान में एक पीर के घर पर 90 साल से सुरक्षित रखी हुई थीं।
विज्ञापन
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गुजरात जिले में एक सूफी परिवार के पास रखें प्राचीन सिख स्वरूप को अब स्थानीय सूफी मित्र सांझ पंजाब द्वारा सियालकोट में गुरुद्वारा बाबा दी बेरी प्रशासन को सौंप दिया गया है।
विज्ञापन
सूफी संगठन के प्रमुख इफ्तिखार वरराइच कालरावी ने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब की दो पांडुलिपियां लंबे समय से गुजरात के एक सूफी पीर सैयद मुनीर नक्शबंदी के घर पर सुरक्षित थीं। आपसी सद्भाव की वकालत करने वाले नक्शबंदी ने विभाजन से पहले जातीय हिंसा से बचने की कोशिश कर रहे कुछ सिख परिवारों को अपने घर पर शरण देने के अलावा उनके कुछ धार्मिक ग्रंथों को भी सुरक्षित रखा था और उन्हें अपवित्र होने से बचाए रखा था। उनमें गुरु ग्रंथ साहिब की दो पांडुलिपियां थीं।
विज्ञापन
कालरावी ने बताया कि 1950 में सूफी बुजुर्ग का निधन हो जाने के बाद उनके बच्चों ने इन्हें सुरक्षित रखा था और तब से वे परिवार के पास ही थे।
कालरावी ने बताया कि पीर के परिवार के पास 90 से अधिक सालों तक सुरक्षित रहने के बाद अब हमने फैसला किया कि इन पांडुलिपियों को गुरुद्वारा बाबा दी बेरी को सौंप दिया जाना चाहिए। यह मुस्लिम-सिख दोस्ती का एक शानदार उदाहरण है और यह हमारे रिश्तों को और मजबूत बनाने में मदद करेगा।