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दुनिया के बेहतरीन राजनयिकों में से एक हैं जयशंकर: अमेरिकी विशेषज्ञ
Sat, 08 Jun 2019 06:49 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 08 Jun 2019 06:49 PM IST
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एस जयशंकर
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अमेरिका के कुछ पूर्व राजनयिकों और विदेश मामलों के विशेषज्ञों ने भारत के नए विदेश मंत्री के रूप में एस. जयशंकर की नियुक्ति की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया कि उनके कार्यकाल में अमेरिका-भारत रणनीतिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
अपनी कुशल कूटनीति, गंभीर वार्ता तकनीकों और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए जाने जाने वाले 64 वर्षीय जयशंकर 2013 से 2015 तक अमेरिका में भारत के राजदूत थे।
पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की सहायक विदेश मंत्री रहीं निशा देसाई बिस्वाल ने पीटीआई-भाषा को बताया, "मैं जयशंकर को विदेश मंत्री के रूप देखकर बहुत खुश हूं। वह अनुभवी और कुशल राजनयिक हैं। वैश्विक रणनीतिकार के रूप में उनके गहन अनुभव ने भारत की विदेश नीति के विकास में उन्हें महत्वपूर्ण व्यक्ति बना दिया है।"
बिस्वाल फिलहाल अमेरिका-भारत व्यापार परिषद की अध्यक्ष हैं। दिसंबर 2013 में भारत की वरिष्ठ राजनयिक देव्यानी खोबरागड़े मामले में द्विपक्षीय संबंधों में संकट के दौरान बिस्वाल और जयशंकर ने साथ मिल कर काम किया था।
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भारत में अमेरिका के राजदूत रहे रिचर्ड वर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा, जयशंकर "दुनिया के सबसे अच्छे राजनयिकों में से एक हैं।"
जनवरी, 2015 से जनवरी 2017 तक दिल्ली में नियुक्त रहे वर्मा ने भी जयशंकर के साथ काफी करीब से काम किया है। उनका कहना है, "वह बहुत कड़े वार्ताकार हैं, लेकिन साथ ही वह बहुत निष्पक्ष भी हैं। उन्हें पता है कि सौदा/समझौता कैसे पक्का करना है। उन्हें अमेरिका-भारत संबंधों और भारत-चीन मसलों की जानकारी बाकी लोगों के मुकाबले बहुत ज्यादा है।"
जयशंकर चीन में सबसे लंबे समय तक भारत के राजदूत रहे हैं। वह जून 2009 से दिसंबर 2013 तक बीजिंग में रहे। वह 2015 से 2018 तक भारत के विदेश सचिव भी रहे।
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अपनी कुशल कूटनीति, गंभीर वार्ता तकनीकों और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए जाने जाने वाले 64 वर्षीय जयशंकर 2013 से 2015 तक अमेरिका में भारत के राजदूत थे।
पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की सहायक विदेश मंत्री रहीं निशा देसाई बिस्वाल ने पीटीआई-भाषा को बताया, "मैं जयशंकर को विदेश मंत्री के रूप देखकर बहुत खुश हूं। वह अनुभवी और कुशल राजनयिक हैं। वैश्विक रणनीतिकार के रूप में उनके गहन अनुभव ने भारत की विदेश नीति के विकास में उन्हें महत्वपूर्ण व्यक्ति बना दिया है।"
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बिस्वाल फिलहाल अमेरिका-भारत व्यापार परिषद की अध्यक्ष हैं। दिसंबर 2013 में भारत की वरिष्ठ राजनयिक देव्यानी खोबरागड़े मामले में द्विपक्षीय संबंधों में संकट के दौरान बिस्वाल और जयशंकर ने साथ मिल कर काम किया था।
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भारत में अमेरिका के राजदूत रहे रिचर्ड वर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा, जयशंकर "दुनिया के सबसे अच्छे राजनयिकों में से एक हैं।"
जनवरी, 2015 से जनवरी 2017 तक दिल्ली में नियुक्त रहे वर्मा ने भी जयशंकर के साथ काफी करीब से काम किया है। उनका कहना है, "वह बहुत कड़े वार्ताकार हैं, लेकिन साथ ही वह बहुत निष्पक्ष भी हैं। उन्हें पता है कि सौदा/समझौता कैसे पक्का करना है। उन्हें अमेरिका-भारत संबंधों और भारत-चीन मसलों की जानकारी बाकी लोगों के मुकाबले बहुत ज्यादा है।"
जयशंकर चीन में सबसे लंबे समय तक भारत के राजदूत रहे हैं। वह जून 2009 से दिसंबर 2013 तक बीजिंग में रहे। वह 2015 से 2018 तक भारत के विदेश सचिव भी रहे।