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Russia's Wagner Group: रूस में भाड़े के सैनिकों का समूह क्यों बना सेना के लिए चुनौती, क्या है इसकी पूरी कहानी?
Sat, 24 Jun 2023 10:29 PM IST
जयदेव सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जयदेव सिंह
Updated Sat, 24 Jun 2023 10:29 PM IST
सार
वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने शनिवार को रूसी सैन्य नेतृत्व को उखाड़ फेकने का एलान कर दिया। प्रिगोझिन ने आरोप लगाया रूसी सैन्य नेतृत्व उनके लोगों पर हमले करा रहा है। आखिर ये वैगनर ग्रुप क्या है? ये कैसे काम करता है?आइये जानते हैं…
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रूस के मददगार वैगनर ग्रुप ने उसके खिलाफ ही जंग छेड़ दी है
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूक्रेन से जारी युद्ध के बीच रूस के वैगनर समूह के प्रमुख ने रूसी रक्षा मंत्रालय के खिलाफ बगावत कर दी है। वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन की बगावत के बाद रूसी रक्षा मंत्रालय ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। प्रिगोझिन रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप के मालिक हैं। प्रिगोझिन ने रूसी सेना के मुख्यालय रोस्तोव-ऑन-डॉन पर कब्जे के लिए अपने लड़ाकों को भी भेजने की बात कही है। हथियारबंद बगावत के आरोप में प्रिगोझिन को 20 साल की सजा हो सकती है।
आखिर ये वैगनर ग्रुप क्या है? ये कैसे काम करता है? क्या है वैगनर समूह की ताकत? इस ग्रुप पर क्या आरोप लगते रहे हैं? प्रिगोझिन कौन हैं? प्रिगोझिन कैसे इस प्राइवेट आर्मी के मुखिया बने? आइये जानते हैं…
अभी क्या हुआ है?
वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने शनिवार को रूसी सैन्य नेतृत्व को उखाड़ फेकने का एलान कर दिया। प्रिगोझिन ने आरोप लगाया रूसी सैन्य नेतृत्व उनके लोगों पर हमले करा रहा है। प्रिगोझिन के एलान के चंद घंटे पहले ही रूसी रक्षा मंत्रालय ने प्रिगोझिन पर सशस्त्र विद्रोह करने का आरोप लगाया था। दरअसल, बीते कुछ महीनों से प्रिगोझिन लगातार रूसी रक्षा मंत्री, सर्गेई शोइगु और यूक्रेन में सेना के प्रमुख वालेरी गेरासिमोव पर हमलावर हैं। प्रिगोझिन का आरोप है कि ये दोनों अधिकारी जानबूझकर वैगनर लड़ाकों को कम आपूर्ति कर रहे हैं।
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इस बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन में "स्वयंसेवक संरचनाओं" को जून के अंत तक सरकार के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा। सरकार की इस घोषणा में वैगनर समूह का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन इस कदम को सरकार द्वारा वैगनर समूह पर अधिक नियंत्रण हासिल करने के प्रयास के रूप में देखा गया। इसके बाद प्रिगोझिन ने बयान जारी कर घोषणा की कि उनकी सेना इस तरह के किसी भी अनुबंध का बहिष्कार करेगी।
यह भी पढ़ें : Russia: बगावत के बाद वैगनर ग्रुप चीफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, रूस में बने गृह युद्ध के हालात
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आखिर ये वैगनर ग्रुप क्या है? ये कैसे काम करता है? क्या है वैगनर समूह की ताकत? इस ग्रुप पर क्या आरोप लगते रहे हैं? प्रिगोझिन कौन हैं? प्रिगोझिन कैसे इस प्राइवेट आर्मी के मुखिया बने? आइये जानते हैं…
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अभी क्या हुआ है?
वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने शनिवार को रूसी सैन्य नेतृत्व को उखाड़ फेकने का एलान कर दिया। प्रिगोझिन ने आरोप लगाया रूसी सैन्य नेतृत्व उनके लोगों पर हमले करा रहा है। प्रिगोझिन के एलान के चंद घंटे पहले ही रूसी रक्षा मंत्रालय ने प्रिगोझिन पर सशस्त्र विद्रोह करने का आरोप लगाया था। दरअसल, बीते कुछ महीनों से प्रिगोझिन लगातार रूसी रक्षा मंत्री, सर्गेई शोइगु और यूक्रेन में सेना के प्रमुख वालेरी गेरासिमोव पर हमलावर हैं। प्रिगोझिन का आरोप है कि ये दोनों अधिकारी जानबूझकर वैगनर लड़ाकों को कम आपूर्ति कर रहे हैं।
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इस बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन में "स्वयंसेवक संरचनाओं" को जून के अंत तक सरकार के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा। सरकार की इस घोषणा में वैगनर समूह का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन इस कदम को सरकार द्वारा वैगनर समूह पर अधिक नियंत्रण हासिल करने के प्रयास के रूप में देखा गया। इसके बाद प्रिगोझिन ने बयान जारी कर घोषणा की कि उनकी सेना इस तरह के किसी भी अनुबंध का बहिष्कार करेगी।
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वैगनर समूह
- फोटो : सोशल मीडिया
यूक्रेन युद्ध में इस संगठन की क्या भूमिका रही है?
पूर्वी यूक्रेन के बखमुत शहर पर कब्जे के दौरान वैगनर समूह के लड़ाके बड़े पैमाने पर सक्रिय थे। यूक्रेनी सैनिकों का दावा है कि वैगनर लड़ाकों को खुले मैदान में बड़े पैमाने पर हमले के लिए भेजा गया था, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग मारे गए। युद्ध के शुरुआत में रूसी सेना ने वैगनर समूह के लड़ाई में शामिल होने की पुष्टि नहीं की थी। हालांकि, बाद में इन भाड़े के सैनिकों की साहस की प्रशंसा की थी।
आखिर ये वैगनर ग्रुप क्या है?
वैगनर समूह को आधिकारिक तौर पर PMC वैगनर कहा जाता है। यह समूह 2014 में पहली बार चर्चा में आया। तब यह समूह पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादियों की मदद कर रहा था। उस समय यह एक गुप्त संगठन था। इस संगठन पर दुनियाभर के अलग-अलग देशों में रूसी सरकार के लिए छद्म युद्ध लड़ने के आरोप लगे। कहा जाता है कि यह संगठन अफ्रीका और मध्य पूर्व में सक्रिय था। खासतौर पर लीबिया, सीरिया, मोजाम्बिक, माली, सूडान और मध्य अफ्रीका के देशों में इस समूह के गृह युद्ध में शामिल होने के आरोप लगे। 2015 से 2018 के बीच वैगनर ग्रुप रूस की सेना और बशर अल-असद की टुकड़ियों के साथ भी लड़ा है।
इस समूह को रूस की निजी सैन्य कंपनी के तौर पर जाना जाता है। पिछले साल युद्ध शुरू होने के बाद रूस की तरफ से इस ग्रुप को यूक्रेन के राष्ट्रपति को ही निशाना बनाने की सुपारी दी गई थी। बताया गया था कि रूस ने किराए पर काम करने वाले हत्यारों के समूह- वैगनर ग्रुप को जेलेंस्की की हत्या का जिम्मा सौंपा था।
यह भी पढ़ें : Russia Civil War: रूस में गृहयुद्ध के हालात; ग्रैंडमास्टर कैस्पारोव बोले- प्रिगोझिन 24 घंटे और जिंदा रहे तो...
पूर्वी यूक्रेन के बखमुत शहर पर कब्जे के दौरान वैगनर समूह के लड़ाके बड़े पैमाने पर सक्रिय थे। यूक्रेनी सैनिकों का दावा है कि वैगनर लड़ाकों को खुले मैदान में बड़े पैमाने पर हमले के लिए भेजा गया था, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग मारे गए। युद्ध के शुरुआत में रूसी सेना ने वैगनर समूह के लड़ाई में शामिल होने की पुष्टि नहीं की थी। हालांकि, बाद में इन भाड़े के सैनिकों की साहस की प्रशंसा की थी।
आखिर ये वैगनर ग्रुप क्या है?
वैगनर समूह को आधिकारिक तौर पर PMC वैगनर कहा जाता है। यह समूह 2014 में पहली बार चर्चा में आया। तब यह समूह पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादियों की मदद कर रहा था। उस समय यह एक गुप्त संगठन था। इस संगठन पर दुनियाभर के अलग-अलग देशों में रूसी सरकार के लिए छद्म युद्ध लड़ने के आरोप लगे। कहा जाता है कि यह संगठन अफ्रीका और मध्य पूर्व में सक्रिय था। खासतौर पर लीबिया, सीरिया, मोजाम्बिक, माली, सूडान और मध्य अफ्रीका के देशों में इस समूह के गृह युद्ध में शामिल होने के आरोप लगे। 2015 से 2018 के बीच वैगनर ग्रुप रूस की सेना और बशर अल-असद की टुकड़ियों के साथ भी लड़ा है।
इस समूह को रूस की निजी सैन्य कंपनी के तौर पर जाना जाता है। पिछले साल युद्ध शुरू होने के बाद रूस की तरफ से इस ग्रुप को यूक्रेन के राष्ट्रपति को ही निशाना बनाने की सुपारी दी गई थी। बताया गया था कि रूस ने किराए पर काम करने वाले हत्यारों के समूह- वैगनर ग्रुप को जेलेंस्की की हत्या का जिम्मा सौंपा था।
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पुतिन
- फोटो : Twitter @MissJacque_line
कैसे बढ़ा वैगनर समूह?
शुरुआत में इस संगठन के करीब पांच हजार लड़ाके थे। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती गई। इस वक्त इस समूह के करीब 50 हजार लड़ाके यूक्रेन में रूस की ओर से लड़ रहे हैं। जनवरी में ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से यह दावा किया गया था। इसमें कहा गया कि 2022 से इस संगठन ने बड़े पैमाने पर लड़ाकों की भर्ती शुरू की है, क्योंकि रूसी सेना में नियमित सैनिकों की भर्ती में मुश्किल हो रही थी।
इसी साल की शुरूआत में अमेरिकी नेशनल सिक्युरिटी काउंलिस ने दावा किया था कि करीब 80 फीसदी वैगनर लड़ाके यूक्रेन युद्ध में हिस्सा ले रहे हैं। दिलचस्प बात है कि रूस में भाड़े की सैनाएं गैर-कानूनी हैं। इसके बाद भी वैगनर समूह एक कंपनी में पंजीकृत है, इसका मुख्यालय सेंट पीटर्सबर्ग में है। इस कथित प्रतिबंध के बाद भी यह संगठन रूस के अलग-अलग शहरों में बड़े पैमाने पर भर्ती कर रहा है।
किसने की वैगनर समूह की शुरुआत?
रूस के पूर्व सैन्य अधिकारी दिमित्री उत्किन को इस संगठन की शुरुआत करने वाला माना जाता है। रूसी सेना में लेफ्टिनेंट रह चुके उत्किन चेचेन्या युद्ध का भी हिस्सा रहे हैं। इसके साथ ही रूसी खुफिया एजेंसी-जीआरयू में वह काम कर चुके हैं। ऐसा माना जाता है कि उत्किन ने अपने पूर्व रेडियो कॉल साइन के नाम पर समूह का नाम रखा और क्रेमलिन के साथ संबंध बनाए रखा था। हालांकि, रूस की तरफ से इस संगठन से संबंध होने की बात हमेशा से नकारी जाती रही है।
यह भी पढ़ें: 'रूसी नेतृत्व को हटा देंगे': यूक्रेन युद्ध में रूस को सफलता दिलाने वाले वैगनर ग्रुप ने किया विद्रोह, दी धमकी
शुरुआत में इस संगठन के करीब पांच हजार लड़ाके थे। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती गई। इस वक्त इस समूह के करीब 50 हजार लड़ाके यूक्रेन में रूस की ओर से लड़ रहे हैं। जनवरी में ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से यह दावा किया गया था। इसमें कहा गया कि 2022 से इस संगठन ने बड़े पैमाने पर लड़ाकों की भर्ती शुरू की है, क्योंकि रूसी सेना में नियमित सैनिकों की भर्ती में मुश्किल हो रही थी।
इसी साल की शुरूआत में अमेरिकी नेशनल सिक्युरिटी काउंलिस ने दावा किया था कि करीब 80 फीसदी वैगनर लड़ाके यूक्रेन युद्ध में हिस्सा ले रहे हैं। दिलचस्प बात है कि रूस में भाड़े की सैनाएं गैर-कानूनी हैं। इसके बाद भी वैगनर समूह एक कंपनी में पंजीकृत है, इसका मुख्यालय सेंट पीटर्सबर्ग में है। इस कथित प्रतिबंध के बाद भी यह संगठन रूस के अलग-अलग शहरों में बड़े पैमाने पर भर्ती कर रहा है।
किसने की वैगनर समूह की शुरुआत?
रूस के पूर्व सैन्य अधिकारी दिमित्री उत्किन को इस संगठन की शुरुआत करने वाला माना जाता है। रूसी सेना में लेफ्टिनेंट रह चुके उत्किन चेचेन्या युद्ध का भी हिस्सा रहे हैं। इसके साथ ही रूसी खुफिया एजेंसी-जीआरयू में वह काम कर चुके हैं। ऐसा माना जाता है कि उत्किन ने अपने पूर्व रेडियो कॉल साइन के नाम पर समूह का नाम रखा और क्रेमलिन के साथ संबंध बनाए रखा था। हालांकि, रूस की तरफ से इस संगठन से संबंध होने की बात हमेशा से नकारी जाती रही है।
यह भी पढ़ें: 'रूसी नेतृत्व को हटा देंगे': यूक्रेन युद्ध में रूस को सफलता दिलाने वाले वैगनर ग्रुप ने किया विद्रोह, दी धमकी
प्रिगोझिन
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रिगोझिन कौन हैं?
इस समूह के मौजूदा प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन एक अमीर व्यवसायी हैं। येवगेनी प्रिगोझिन का जन्म साल 1961 में लेनिनग्राड में हुआ था। लेनिनग्राड को आज हम सेंट पीट्सबर्ग के नाम से जानते हैं। साल 1981 में येवगेनी को मारपीट, डकैती और धोखाधड़ी का दोषी पाए जाने पर 13 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि सोवियत यूनियन के पतन के बाद येवगेनी को 9 साल की सजा के बाद ही रिहा कर दिया गया था।
जेल से बाहर आने के बाद येवगेनी ने एक छोटा सा बिजनेस शुरू किया और हॉट डॉग का स्टॉल लगाया। इसके बाद येवगेनी ने एक रेस्तरां खोला। जल्द ही येवगेनी का रेस्तरां काफी प्रसिद्ध हो गए। येवगेनी के रेस्तरां की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि खुद रूसी राष्ट्रपति पुतिन विदेशी मेहमानों को इस रेस्तरां में खाना खिलाने ले जाने लगे। इस तरह येवगेनी रूसी राष्ट्रपति पुतिन के करीब आए। पुतिन से करीबी का फायदा उठाकर येवगेनी प्रिगोझिन ने कैटरिंग का बिजनेस शुरू किया और वह रूसी सेना और स्कूली बच्चों को खाना खिलाने के सरकारी ठेके लेने लगे। इसी के चलते येवगेनी की पहचान पुतिन के रसोइए के रूप में हो गई।
यह भी पढ़ें : Wagner Group: पुतिन का रसोइया रहा, अब बना दुश्मन? हॉट डॉग स्टॉल से बनाई आर्मी, जानिए कौन है येवगेनी प्रिगोझिन
व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या है वैगनर ग्रुप की ताकत?
2017 की ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट की मानें तो वैगनर ग्रुप अब तक रूस के समर्थन से 6000 किराए के हत्यारों की फौज खड़ी कर चुका है। अमेरिकी थिंक टैंक के मुताबिक, कागजों पर वैगनर ग्रुप एक निजी संगठन है, लेकिन इसका प्रबंधन और अभियान रूसी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी के जरिए संचालित होने की बात सामने आ चुकी है। यह निजी सेना मिलिट्री के ही पूर्व अधिकारियों और जवानों से मिलकर बनती हैं और सुपारी लेकर लक्षित हत्याएं (टारगेटेड किलिंग) करती हैं। यानी कुल मिलाकर यह भाड़े के सैनिक होते हैं, जिनकी किसी सरकार के प्रति कोई खास जिम्मेदारी नहीं होती।
2017 की ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट की मानें तो वैगनर ग्रुप अब तक रूस के समर्थन से 6000 किराए के हत्यारों की फौज खड़ी कर चुका है। अमेरिकी थिंक टैंक के मुताबिक, कागजों पर वैगनर ग्रुप एक निजी संगठन है, लेकिन इसका प्रबंधन और अभियान रूसी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी के जरिए संचालित होने की बात सामने आ चुकी है। यह निजी सेना मिलिट्री के ही पूर्व अधिकारियों और जवानों से मिलकर बनती हैं और सुपारी लेकर लक्षित हत्याएं (टारगेटेड किलिंग) करती हैं। यानी कुल मिलाकर यह भाड़े के सैनिक होते हैं, जिनकी किसी सरकार के प्रति कोई खास जिम्मेदारी नहीं होती।
क्या-क्या हैं वैगनर ग्रुप पर आरोप?
वैगनर ग्रुप पर अब तक मानवाधिकार उल्लंघन और आम लोगों पर अत्याचार के कई आरोप लग चुके हैं। खासकर मध्य अफ्रीकी देशों में इस संगठन पर लोगों के साथ बर्बरता करने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा रूस के हित वाले कई और देशों में इस संगठन पर हिंसा भड़काने, प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने और आम लोगों की जान लेने के भी आरोप हैं। यूक्रेन के डोनबास में भी 2014 में वैगनर ग्रुप पर आम लोगों के टॉर्चर और उनकी बर्बर हत्या के आरोप लगे थे। दिसंबर 2021 में यूरोपीय संघ ने इस संगठन के आठ लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
वैगनर ग्रुप पर अब तक मानवाधिकार उल्लंघन और आम लोगों पर अत्याचार के कई आरोप लग चुके हैं। खासकर मध्य अफ्रीकी देशों में इस संगठन पर लोगों के साथ बर्बरता करने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा रूस के हित वाले कई और देशों में इस संगठन पर हिंसा भड़काने, प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने और आम लोगों की जान लेने के भी आरोप हैं। यूक्रेन के डोनबास में भी 2014 में वैगनर ग्रुप पर आम लोगों के टॉर्चर और उनकी बर्बर हत्या के आरोप लगे थे। दिसंबर 2021 में यूरोपीय संघ ने इस संगठन के आठ लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया था।