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Aeroflot Aircraft: रूसी विमान को उड़ान से रोकने के मामले में बढ़ीं श्रीलंका की मुश्किलें, पीएम विक्रमसिंघे को जारी करना पड़ा बयान
Sun, 05 Jun 2022 04:16 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 05 Jun 2022 04:16 PM IST
सार
एयरोफ्लोट का एक विमान 191 यात्रियों और चालक दल के 13 सदस्यों के साथ दो जून को कोलंबो हवाई अड्डे से मॉस्को के लिए उड़ान भरने वाला था। हालांकि, इसे कोलंबो के वाणिज्यिक उच्च न्यायालय के आदेश के कारण उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई।
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विक्रमसिंघे
विस्तार
रूस की एयरोफ्लोट एयरलाइन के एक विमान को जब्त करने के मामले में श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सफाई जारी की है। उन्होंने कहा है कि इस विमान को जब्त करने का विवाद दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि दो निजी कंपनियों के बीच का कानूनी मसला है।
क्या है पूरा मामला?
एयरोफ्लोट का एक विमान 191 यात्रियों और चालक दल के 13 सदस्यों के साथ दो जून को कोलंबो हवाई अड्डे से मॉस्को के लिए उड़ान भरने वाला था। हालांकि, इसे कोलंबो के वाणिज्यिक उच्च न्यायालय के आदेश के कारण उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई। उड़ान पर रोक लगाने के बाद रूस की सरकार ने स्पष्टीकरण के लिए मॉस्को में श्रीलंकाई राजदूत को तलब किया।
श्रीलंका ने एयरफ्लोट के विमान को रोका क्यों?
आयरलैंड के सेलेस्टियल एविएशन के मालिक ने एयरोफ्लोट के खिलाफ लंदन में एयरबस ए330 विमान के पट्टे पर लंबित मध्यस्थता के खिलाफ के शिकायत दर्ज की थी। विमान की मालिक कंपनी ने अदालत में दलील दी थी कि मार्च में विमान पट्टे का समझौता समाप्त होने के बाद एयरोफ्लोट को विमान नहीं उड़ाने के लिए कहा गया था। हालांकि, विमानन कंपनी ने मॉस्को और कोलंबो के बीच विमान उड़ानों का संचालन जारी रखा।
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क्या रहा राष्ट्रपति विक्रमसिंघे का बयान?
श्रीलंकाई राष्ट्रपति की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस मामले में उनकी विदेश मंत्रालय से बातचीत हुई है और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने एयरोफ्लोट यात्री विमान की उड़ान एसयू-289को लेकर बयान जारी किया है। बयान में कहा गया कि दो जून, 2022 को पश्चिमी प्रांत की वाणिज्यिक उच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी करके एयरोफ्लोट की उड़ान को बीआईए से उड़ान भरने से दूर रहने को कहा गया था।
बयान में कहा गया कि वाणिज्यिक विवाद का यह मामला अब भी अदालत के अंतिम निर्णय के लिए लंबित है। बयान के मुताबिक इस मामले में सामान्य राजनयिक चैनलों के माध्यम से भी विचार विमर्श किया जा रहा है।
एयरोफ्लोट ने रोकीं श्रीलंका जाने वाली फ्लाइट्स
रूस की आधिकारिक तास समाचार एजेंसी ने बताया कि एअरोफ्लोट ने श्रीलंका के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं, क्योंकि यहां के अधिकारियों ने अपनी एसयू-289 उड़ान को कोलंबो हवाई अड्डा से प्रस्थान करने की अनुमति नहीं दी थी। यह विमान अभी भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (बीआईए) पर है।
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क्या है पूरा मामला?
एयरोफ्लोट का एक विमान 191 यात्रियों और चालक दल के 13 सदस्यों के साथ दो जून को कोलंबो हवाई अड्डे से मॉस्को के लिए उड़ान भरने वाला था। हालांकि, इसे कोलंबो के वाणिज्यिक उच्च न्यायालय के आदेश के कारण उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई। उड़ान पर रोक लगाने के बाद रूस की सरकार ने स्पष्टीकरण के लिए मॉस्को में श्रीलंकाई राजदूत को तलब किया।
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श्रीलंका ने एयरफ्लोट के विमान को रोका क्यों?
आयरलैंड के सेलेस्टियल एविएशन के मालिक ने एयरोफ्लोट के खिलाफ लंदन में एयरबस ए330 विमान के पट्टे पर लंबित मध्यस्थता के खिलाफ के शिकायत दर्ज की थी। विमान की मालिक कंपनी ने अदालत में दलील दी थी कि मार्च में विमान पट्टे का समझौता समाप्त होने के बाद एयरोफ्लोट को विमान नहीं उड़ाने के लिए कहा गया था। हालांकि, विमानन कंपनी ने मॉस्को और कोलंबो के बीच विमान उड़ानों का संचालन जारी रखा।
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क्या रहा राष्ट्रपति विक्रमसिंघे का बयान?
श्रीलंकाई राष्ट्रपति की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस मामले में उनकी विदेश मंत्रालय से बातचीत हुई है और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने एयरोफ्लोट यात्री विमान की उड़ान एसयू-289को लेकर बयान जारी किया है। बयान में कहा गया कि दो जून, 2022 को पश्चिमी प्रांत की वाणिज्यिक उच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी करके एयरोफ्लोट की उड़ान को बीआईए से उड़ान भरने से दूर रहने को कहा गया था।
बयान में कहा गया कि वाणिज्यिक विवाद का यह मामला अब भी अदालत के अंतिम निर्णय के लिए लंबित है। बयान के मुताबिक इस मामले में सामान्य राजनयिक चैनलों के माध्यम से भी विचार विमर्श किया जा रहा है।
एयरोफ्लोट ने रोकीं श्रीलंका जाने वाली फ्लाइट्स
रूस की आधिकारिक तास समाचार एजेंसी ने बताया कि एअरोफ्लोट ने श्रीलंका के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं, क्योंकि यहां के अधिकारियों ने अपनी एसयू-289 उड़ान को कोलंबो हवाई अड्डा से प्रस्थान करने की अनुमति नहीं दी थी। यह विमान अभी भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (बीआईए) पर है।