विदेश: जर्मनी के दो राज्यों में मर्ज की पार्टी को नुकसान, पाकिस्तान में दो मानवाधिकार कार्यकर्ता गिरफ्तार
जर्मनी के दो राज्यों में रविवार को हुए चुनावों के एक्जिट पोल में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की पार्टी को भारी नुकसान होता दिख रहा है। इससे मर्ज पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि वह यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अनुमान है कि मर्ज की मध्य-दक्षिणपंथी पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) को जर्मनी के पूर्व कम्युनिस्ट पूर्वी हिस्से में स्थित मुख्य रूप से ग्रामीण राज्य मेक्लेनबर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया में 5.5 प्रतिशत वोट ही मिलेंगे। यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद से वहां पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन होगा। सार्वजनिक प्रसारक एआरडी के एक्जिट पोल के अनुसार, बर्लिन में सीडीयू के 20 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहने का अनुमान है, जबकि लेफ्ट पार्टी 24.5 प्रतिशत वोटों के साथ आगे है।
पाकिस्तान में दो मानवाधिकार कार्यकर्ता गिरफ्तार
पाकिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ता ईमान मजारी-हाजिर और हादी अली चट्टा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने और सजा पर रोक लगने के कुछ ही घंटों बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। एमनेस्टी इंटरनेशनल के दक्षिण एशिया के उप-क्षेत्रीय निदेशक बाबू राम पंत ने कहा कि यह कार्रवाई चिंता बढ़ाने वाली है। उन्होंने दोनों की तत्काल और बगैर शर्त रिहाई की मांग की। एमनेस्टी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर को दोनों को जमानत दी थी, लेकिन उसी रात करीब 9:30 बजे रावलपिंडी की अदियाला जेल में रिहाई की प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने उन्हें फिर हिरासत में ले लिया। इसके बाद आतंकवाद-रोधी अदालत ने दोनों को 14 दिन के लिए अदियाला जेल भेज दिया। इससे पहले दोनों को 23 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों में 10 से 17 साल की सजा सुनाई गई थी। आरोपों में अपराध को बढ़ावा देना, साइबर आतंकवाद और गलत जानकारी फैलाना शामिल थे।
अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में ड्रग्स तस्करी के संदेह में एक नाव पर हमला करके चार लोगों को मार गिराया है। यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका में तस्करों के खिलाफ अमेरिकी अभियान का हिस्सा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस अभियान के तहत अब तक 69 हमलों में कम से कम 231 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि नाव तस्करी के रास्ते पर थी, हालांकि ड्रग्स होने का कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार कोलंबिया, ग्वाटेमाला और होंडुरास जैसे देश भी साझा सैन्य अभियानों के लिए सहमत हुए हैं, हालांकि ग्वाटेमाला ने ऐसे किसी समझौते से इनकार किया है।
कांगो में एबोला का कहर: प्रकोप के केंद्र में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू
कांगो ने इतिहास के सबसे तेजी से फैलते एबोला प्रकोप के केंद्र बूनिया में स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाना शुरू कर दिया है। यह अभियान 'इरवेबो' वैक्सीन के माध्यम से चलाया जा रहा है, ताकि जोखिम में तैनात लगभग 20,000 फ्रंटलाइन वर्कर्स की सुरक्षा की जा सके। देश में अब तक 7,541 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 3,639 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्तमान प्रकोप 'बुंडीबुग्यो' वायरस के कारण फैल रहा है, जिसका कोई स्वीकृत इलाज नहीं है। इसलिए वैज्ञानिक अध्ययन और सुरक्षा के उद्देश्य से इरवेबो वैक्सीन का उपयोग अनुकंपा आधार पर किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार असुरक्षा, हड़ताल और विस्थापन के कारण यह प्रकोप बेहद गंभीर और अनियंत्रित बना हुआ है।
अमेरिका के मिशिगन में धर्म आधारित मुकदमे का मामला सामने आया है। डियरबॉर्न शहर ने शनिवार को एक मुकदमे का जवाब दिया। मुकदमे में शहर पर मुस्लिम त्योहारों को मनाने और अन्य धर्मों के त्योहारों की अनदेखी का आरोप है। शहर ने अपने ऊपर हो रहे हमलों का कारण अपनी विविधता और "स्वागत योग्य स्वभाव" को बताया। यह मुकदमा गुरुवार को दायर हुआ था, जिसमें शहर और मेयर पर ईसाई व यहूदी त्योहारों की अनदेखी करते हुए मुस्लिम त्योहारों पर हजारों अमेरिकी डॉलर खर्च करने का आरोप लगा। द फेडरलिस्ट की पत्रकार मार्गोट क्लीवलैंड द्वारा दायर मुकदमे में कहा गया कि डियरबॉर्न ईसाइयों और यहूदियों के लिए शत्रुतापूर्ण जगह रहा है। मुकदमे के अनुसार, मेयर अब्दुल्ला हम्मुद ने पादरी टेड बारहम से कहा था कि उनका शहर में स्वागत नहीं है। शहर ने पिछले साल रमजान बैनरों पर 1,500 अमेरिकी डॉलर और पीस पार्क में चांद के प्रतीक पर 5,000 अमेरिकी डॉलर खर्च किए थे। लेकिन शहर ने ईसाई त्योहार ईस्टर और यहूदी त्योहार पासओवर को इसी तरह नहीं मनाया। शहर ने अपने बयान में कहा कि वह सभी निवासियों की निष्पक्ष और समान रूप से सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मेयर हम्मुद ने कहा कि डियरबॉर्न सभी का स्वागत करता है, चाहे उनका कोई भी धर्म हो।
नीदरलैंड में प्रवासन और शरण नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों दूर-दराज दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों को दंगा पुलिस ने तितर-बितर किया। हिंसा के बाद स्थानीय अधिकारियों ने मार्च पर प्रतिबंध लगाया और पुलिस ने शनिवार को कई गिरफ्तारियां कीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पटाखे और अन्य वस्तुएं फेंकीं। न्याय मंत्री डेविड वैन वील ने एक्स पर इसे "घृणित दृश्य" बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया मांगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने नाजी सलाम किए, यहूदी विरोधी नारे लगाए और पुलिस पर हमला कर पटाखे फेंके। हेग नगर पालिका ने मैलीवेल्ड पार्क में हिंसा के बाद मार्च पर प्रतिबंध लगाया और भीड़ को तितर-बितर होने का आदेश दिया। यह अशांति पिछले साल हुई दक्षिणपंथी प्रदर्शन के दौरान हुए दंगों के एक साल बाद हुई। पिछले साल की झड़पों में एक पुलिस कार जलाई गई थी और केंद्रवादी डी66 पार्टी के मुख्यालय पर हमला हुआ था। डी66 के नेता रॉब जेट्टन अब प्रधानमंत्री हैं।
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने अभियान चलाकर पांच लड़ाकों को मार गिराया और 23 लोगों के अपहरण की कोशिश नाकाम कर दी। यह घटना 18-19 सितंबर की रात हुई, जब आतंकियों ने कलात के पास चमन-कराची एन-25 राजमार्ग पर लोगों की शांतिपूर्ण आवाजाही बाधित करने की कोशिश की। सेना ने एक बयान में बताया कि आतंकियों ने फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली और वाहनों को लूटने के उद्देश्य से एक चेकपोस्ट बना रखी थी। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा, 'सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाब दिया और भीषण गोलीबारी के बाद सशस्त्र बलों की प्रभावी कार्रवाई में पांच आतंकियों को ढेर कर दिया गया।' सुरक्षा बलों ने लड़ाकों के ठिकाने से 23 अपहृत लोगों को भी सुरक्षित बरामद किया। वहां से छह ट्रक, तीन बस और दो कारें भी बरामद की गईं। बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी मिले हैं। आईएसपीआर ने बताया कि आसपास के इलाकों में विद्रोहियों की तलाश और उन्हें खत्म करने के लिए अभियान जारी है। इसका उद्देश्य स्थानीय आबादी के साथ-साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बयान में कहा गया कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। सुरक्षा बल देश से विदेशी प्रायोजित और विदेशी समर्थन वाले आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बलूचिस्तान लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद से जूझ रहा है। इसके चलते सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज कर दिया है।