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'अमेरिकियों की बलि चढ़ाने वाले हैं ट्रंप': ईरान की चेतावनी- यमन पर हमला हुआ तो बंद कर देंगे बाब अल-मंदेब
Sun, 20 Sep 2026 03:33 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, तेहरान
आईएएनएस, तेहरान
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 20 Sep 2026 03:33 PM IST
सार
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। जहां एक तरफ सऊदी अरब और हूती लड़ाकों में संघर्ष छिड़ा हुआ है और वह लगातार बढ़ रहा है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच भी धमकियों का दौर शुरू हो गया है।
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ईरान ने अमेरिका को दी धमकी
- फोटो : आईएएनएस
विस्तार
पश्चिम एशिया के हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक सैन्य अधिकारी व लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने कहा कि ट्रंप, अमेरिकियों की बलि चढ़ाने वाले हैं।
ईरान की अमेरिका को धमकी
जोल्फागारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं। यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा। पश्चिम में गरीबी आ जाएगी।' बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और व्यापारिक सामान इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
अमेरिका ने अपने दूतावासों को किया अलर्ट
रविवार को पूरे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। इन घटनाओं की वजह से इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता तेज हो गई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी दूतावासों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किए है। लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इस्राइल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्किये में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जारी किए हैं।
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ईरान ने संभावित खतरे के मद्देनजर अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है। ईरान ने आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल 'कोड 100' जारी किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा हालात को देखते हुए इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी है। लोगों से कहा गया है कि जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज्यादा सतर्क रहना चाहिए और फ्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
पश्चिम एशिया में फिर बिगड़ सकते हैं हालात
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इस क्षेत्र में आने या यहां से बाहर जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं। ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका से जुड़े दूसरे हितों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं भी शामिल हैं।
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ईरान की अमेरिका को धमकी
जोल्फागारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं। यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा। पश्चिम में गरीबी आ जाएगी।' बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और व्यापारिक सामान इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
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अमेरिका ने अपने दूतावासों को किया अलर्ट
रविवार को पूरे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। इन घटनाओं की वजह से इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता तेज हो गई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी दूतावासों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किए है। लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इस्राइल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्किये में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जारी किए हैं।
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ईरान ने संभावित खतरे के मद्देनजर अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है। ईरान ने आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल 'कोड 100' जारी किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा हालात को देखते हुए इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी है। लोगों से कहा गया है कि जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज्यादा सतर्क रहना चाहिए और फ्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
पश्चिम एशिया में फिर बिगड़ सकते हैं हालात
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इस क्षेत्र में आने या यहां से बाहर जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं। ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका से जुड़े दूसरे हितों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं भी शामिल हैं।