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यूक्रेन का रूस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला: मॉस्को पर एक साथ दागे 1600 ड्रोन, कितना हुआ नुकसान?
Sun, 20 Sep 2026 01:56 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, मॉस्को
पीटीआई, मॉस्को
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:56 PM IST
सार
यूक्रेन ने रविवार रात रूस पर 1,000 से ज्यादा ड्रोन दागे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने देशभर में 1,100 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, राजधानी की ओर बढ़ रहे 450 ड्रोन रास्ते में नष्ट किए गए। उन्होंने कहा कि कुछ ड्रोन मॉस्को की तेल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत से टकराए।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विस्तार
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेनी सेना ने रविवार रात मॉस्को पर 1,600 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। रॉयटर्स के मुताबिक, रूसी अधिकारियों ने कहा कि इनमें से बड़ी संख्या में ड्रोन को मार गिराया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे रूसी राजधानी पर 'अब तक का सबसे बड़ा' ड्रोन हमला बताया है।
वहीं, सेना के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि हमले में दो लोगों की मौत हो गई और रूस की राजधानी में स्थित एक तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने देशभर में 1,100 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। इनमें यूक्रेन के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल हैं।
मॉस्को में किन इमारतों को बनाया यूक्रेन ने निशाना?
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि राजधानी की ओर बढ़ रहे 450 ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ ड्रोन मॉस्को की तेल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत से भी टकराए। उन्होंने कहा, 'यह अभूतपूर्व हमला स्पष्ट रूप से चुनावों में बाधा डालने के उद्देश्य से किया गया था। विरोधी इसे हासिल करने में नाकाम रहा।'
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यह बड़ा हमला रूस में संसदीय चुनाव के तीसरे और अंतिम दिन हुआ है। यह रूस का पहला युद्धकालीन संसदीय चुनाव है। चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का विरोध लगभग न के बराबर रहा है। ऐसे में यह चुनाव क्रेमलिन के प्रभुत्व को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचों को निशाना बना रहे रूस और यूक्रेन
यूक्रेन और रूस एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बना रहे हैं। यह सिलसिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोमवार के उस बयान के बावजूद जारी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने पर सहमत हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने मॉस्को में धमाकों की आवाज सुनी और तेल रिफाइनरी की जगह से धुआं उठते देखा। रिफाइनरी को हुए नुकसान की पूरी जानकारी तत्काल सामने नहीं आई।
तेल रिफाइनिंग क्षमता पर असर
यूक्रेन के हमलों से रूस की तेल रिफाइनिंग क्षमता का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। इसके कारण कई क्षेत्रों में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली हैं। मॉस्को स्थित इस तेल संयंत्र को कई बार निशाना बनाया जा चुका है।
उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस रिफाइनरी ने 2024 में 1.16 करोड़ मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया था। इससे 29 लाख टन पेट्रोल और 32 लाख टन डीजल का उत्पादन हुआ था। यूक्रेन ने हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दोनों पक्षों का कहना है कि वे नागरिकों को निशाना नहीं बनाते।
21 मंजिला इमारत से 400 लोगों को निकाला गया
मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत के अलावा 400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि इनमें 70 बच्चे शामिल हैं। रामेंस्कोये जिले में 21 मंजिला अपार्टमेंट इमारत से लोगों को बाहर निकाला गया। कई घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है।
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वहीं, सेना के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि हमले में दो लोगों की मौत हो गई और रूस की राजधानी में स्थित एक तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने देशभर में 1,100 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। इनमें यूक्रेन के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल हैं।
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मॉस्को में किन इमारतों को बनाया यूक्रेन ने निशाना?
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि राजधानी की ओर बढ़ रहे 450 ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ ड्रोन मॉस्को की तेल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत से भी टकराए। उन्होंने कहा, 'यह अभूतपूर्व हमला स्पष्ट रूप से चुनावों में बाधा डालने के उद्देश्य से किया गया था। विरोधी इसे हासिल करने में नाकाम रहा।'
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यह बड़ा हमला रूस में संसदीय चुनाव के तीसरे और अंतिम दिन हुआ है। यह रूस का पहला युद्धकालीन संसदीय चुनाव है। चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का विरोध लगभग न के बराबर रहा है। ऐसे में यह चुनाव क्रेमलिन के प्रभुत्व को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचों को निशाना बना रहे रूस और यूक्रेन
यूक्रेन और रूस एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बना रहे हैं। यह सिलसिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोमवार के उस बयान के बावजूद जारी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने पर सहमत हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने मॉस्को में धमाकों की आवाज सुनी और तेल रिफाइनरी की जगह से धुआं उठते देखा। रिफाइनरी को हुए नुकसान की पूरी जानकारी तत्काल सामने नहीं आई।
तेल रिफाइनिंग क्षमता पर असर
यूक्रेन के हमलों से रूस की तेल रिफाइनिंग क्षमता का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। इसके कारण कई क्षेत्रों में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली हैं। मॉस्को स्थित इस तेल संयंत्र को कई बार निशाना बनाया जा चुका है।
उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस रिफाइनरी ने 2024 में 1.16 करोड़ मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया था। इससे 29 लाख टन पेट्रोल और 32 लाख टन डीजल का उत्पादन हुआ था। यूक्रेन ने हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दोनों पक्षों का कहना है कि वे नागरिकों को निशाना नहीं बनाते।
21 मंजिला इमारत से 400 लोगों को निकाला गया
मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत के अलावा 400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि इनमें 70 बच्चे शामिल हैं। रामेंस्कोये जिले में 21 मंजिला अपार्टमेंट इमारत से लोगों को बाहर निकाला गया। कई घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है।