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Sri Lanka: श्रीलंका का बुरा वक्त, इस्राइल में नौकरी दिलाने में हुए भ्रष्टाचार की अब पड़ी मार

Wed, 21 Sep 2022 06:52 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 21 Sep 2022 06:52 PM IST
सार

Sri Lanka: विश्लेषकों के मुताबिक इस्राइल के नाराज होने की वजह पुरानी है। 2018 में इस्राइल ने श्रीलंका सरकार को वहां निजी क्षेत्र में काम करने योग्य कर्मचारियों को भेजने को कहा था। लेकिन बाद में ये आरोप लगा कि इस्राइल में नर्स की नौकरी के लिए भेजने के बदले तीन से साढ़े तीन लाख रुपये यहां वसूले गए...

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Sri lanka: Israel reluctant to provide job to Sri Lankan after complaints over scams
Sri lanka and Israel - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

इस्राइल अब श्रीलंकावासियों को अपने यहां नौकरी देने को लेकर अनिच्छुक हो गया है। ऐसा ये शिकायत आने के बाद हुआ है कि विदेश में नौकरी चाहने वाले लोगों से श्रीलंका में गैर कानूनी ढंग से धन वसूला जा रहा है। अब इस्राइल को मनाने के लिए श्रीलंका सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है।

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हालांकि श्रीलंका के विदेश रोजगार मंत्री मनुषा नानायाक्करा ने इस शिकायत को सिरे से बेबुनियाद बताया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि ऐसी शिकायतों की जांच कराई जाएगी। इसकी जिम्मेदारी सीआईडी को दी गई है। उन्होंने कहा कि इस्राइल ले जाने के लिए अवैध रूप से धन वसूलने का एक भी मामला सामने आया, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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नानायक्करा इसके पिछली सरकार में इसी विभाग के उप मंत्री थे। उन्होंने कहा है कि अपने उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने पांच सौ लोगों को कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए इस्राइल भेजा था। लेकिन उनमें से सिर्फ दस फीसदी ही वापस श्रीलंका आए। उन्होंने कहा- ‘वे लोग भी अभी गैर-कानूनी रूप से इस्राइल में रह रहे हैं। इन्हीं लोगों ने अब अपने देश के खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं और वे श्रीलंका सरकार की आलोचना कर रहे हैं। वे वहां स्थायी शरण मिलने की आस में रुके हुए हैं।’

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नानायक्करा ने बताया कि उन लोगों की वजह से ही इस्राइल सरकार ने यह फैसला किया है कि अब कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए किसी श्रीलंकाई को वह वहां नहीं आने देगी। इस्राइल ने कहा है कि जब तक श्रीलंका के लोग अवैध रूप से इस्राइल में मौजूद रहेंगे, किसी नए श्रीलंकाई को वहां आने की इजाजत नहीं मिलेगी। नानायक्करा के मुताबिक असल मुद्दा यही है। अवैध धन वसूली का आरोप बेबुनियाद है। इसके बावजूद ऐसी खबर आने के तुरंत बाद श्रीलंका सरकार ने इस्राइल के साथ कूटनीतिक बैठक आयोजित की।

विश्लेषकों के मुताबिक इस्राइल के नाराज होने की वजह पुरानी है। 2018 में इस्राइल ने श्रीलंका सरकार को वहां निजी क्षेत्र में काम करने योग्य कर्मचारियों को भेजने को कहा था। लेकिन बाद में ये आरोप लगा कि इस्राइल में नर्स की नौकरी के लिए भेजने के बदले तीन से साढ़े तीन लाख रुपये यहां वसूले गए। अन्य क्षेत्रों में नौकरी के लिए भेजे गए लोगों से 60 से 70 लाख तक रुपये लिए गए। इन आरोपों के कारण इस साल मई में ही इस्राइल सरकार ने सूचित किया था कि वह प्राइवेट सेक्टर में श्रीलंकाई नागरिकों को काम करने का अब कोई अवसर नहीं देगी।

जानकारों के मुताबिक ये फैसला उस समय लिया गया, जब श्रीलंका गहरे आर्थिक संकट में है और बड़ी संख्या में लोग बाहर जाकर कमाने के लिए बेसब्र हैं। श्रीलंका सरकार ने कहा है कि वह कूटनीतिक माध्यमों से इस्राइल सरकार को मनाने की कोशिश कर रही है। उसने यह प्रस्ताव रखा है कि इस्राइल में काम करने को इच्छुक नर्सों का कोलंबो स्थित इस्राइली दूतावास सीधे इंटरव्यू ले सकता है। यह फिर इस्राइल सरकार आवेदकों की नौकरी पर लॉटरी से फैसला कर सकती है।

पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस समय श्रीलंका सरकार किसी वैसे देश को नाराज करने की स्थिति में नहीं है, जिससे उसे मदद मिल सकती हो या जहां श्रीलंकाइयों को काम मिल सकता हो। इसीलिए सरकार इस्राइल की शिकायतें दूर करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।

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