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Sri Lanka: ब्रिक्स में शामिल होने की श्रीलंका ने जताई इच्छा, विदेश मंत्री साबरी ने भारत से मांगा समर्थन
Tue, 21 May 2024 08:07 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 21 May 2024 08:07 AM IST
सार
श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने कहा कि भारत आर्थिक गौरव की ओर बढ़ रहा है, जो न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि श्रीलंका जैसे देशों के लिए भी अच्छा है।
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श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने सोमवार को ब्रिक्स समूह में शामिल होने के लिए अपने देश की उत्सुकता व्यक्त की। साथ ही भारत की सराहना करते हुए कहा कि नई दिल्ली के इसका हिस्सा बनने के बाद यह समूह एक ‘अच्छी संस्था’ बन गया है। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि श्रीलंका जब भी औपचारिक रूप से ब्रिक्स समूह में शामिल होने के लिए आवेदन करेगा तो सबसे पहले भारत से संपर्क करेगा।
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भारत के हिस्सा बनने के बाद ब्रिक्स एक अच्छी संस्था
साबरी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'हम ब्रिक्स को लेकर आशान्वित हैं। साथ ही, मुझे लगता है कि कैबिनेट ने इस पर गौर करने और हमें सिफारिश करने के लिए एक उप समिति नियुक्त की थी। हम ऐसा देखना चाहेंगे क्योंकि हम बहु-विकल्प चाहते हैं। आखिर ऐसा चाहता कौन नहीं है? इसलिए ब्रिक्स एक अच्छी संस्था है, खासकर जब से भारत इसका एक हिस्सा है।'
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विदेश मंत्री रूस में रहेंगे मौजूद
हम सबसे पहले भारत से बात करेंगे और ब्रिक्स तक पहुंच बनाने के लिए भारत का समर्थन मांगेंगे। और फिर निश्चित रूप से मुझे रूस में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि मैं वहां रहूंगा और फिर हम इसका आकलन करेंगे। हां, मुझे लगता है कि अभी व्यक्तिगत रूप से यदि आप मुझसे पूछें, तो मुझे लगता है कि हमें ब्रिक्स को गंभीरता से देखना चाहिए।
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उन्होंने आगे कहा, 'हम सबसे पहले भारत से बात करेंगे और ब्रिक्स तक पहुंच बनाने के लिए समर्थन मांगेंगे। फिर बेशक मुझे रूस में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि मैं वहां रहूंगा और फिर हम इसका आकलन करेंगे। हां, मुझे लगता है कि अभी व्यक्तिगत रूप से अगर आप मुझसे पूछें, तो मुझे लगता है कि हमें ब्रिक्स को गंभीरता से देखना चाहिए।'
कौन-कौन हैं ब्रिक्स का सदस्य
ब्रिक्स का गठन 16 जून 2009 को हुआ था, उस दौरान इसका नाम ब्रिक था और दिसंबर 2010 में इसके गठन के बाद इस समूह में शामिल होने वाला दक्षिण अफ्रीका एकमात्र देश बना, जिसके बाद इसका नाम ब्रिक्स हो गया। इसका नाम ब्रिक्स इसके सदस्यीय देशों के आधार पर रखा गया। BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सदस्य हैं। साथ ही चार नए सदस्य मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इस साल एक जनवरी को रूस ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली।
पीएम मोदी आएं श्रीलंका के दौरे पर
यह पूछे जाने पर कि क्या श्रीलंका भारत से किसी उच्च स्तरीय यात्रा की मेजबानी करना चाहता है, श्रीलंकाई मंत्री ने कहा कि उनके राष्ट्रपति ने हाल ही में भारत का दौरा किया था और अब वे भारतीय प्रधानमंत्री और एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, 'हम जल्द से जल्द भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले साल हमारे राष्ट्रपति भारत आए थे। इसलिए अब बारी भारतीय प्रधानमंत्री के श्रीलंका दौरे की है।'
भारत आर्थिक गौरव की ओर बढ़ रहा
कोलंबो और नई दिल्ली के बीच अच्छे संबंधों की सराहना करते हुए श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने कहा कि भारत आर्थिक गौरव की ओर बढ़ रहा है, जो न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि श्रीलंका जैसे देशों के लिए भी अच्छा है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका बंदरगाहों, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचे में बहुत अधिक निवेश देख रहा है, जो दोनों देशों के लिए जीत की स्थिति बनाता है।
उन्होंने आगे कहा, 'हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध है। मुझे लगता है कि पहले से कई बेहतर संबंध हैं। दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी है। आर्थिक रूप से हम सामान्य लाभ के लिए एक-दूसरे के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इससे भारतीय लोगों के कोलंबो जाने और इसे देखने के लिए कई अधिक रास्ते खुल जाएंगे।'