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Hindi News ›   World ›   Sri Lanka: Constitutional dispute over tenure of President and Parliament in Sri Lanka ends

Sri Lanka: श्रीलंका में राष्ट्रपति और संसद के कार्यकाल पर संवैधानिक पेंच खत्म, इस प्रस्ताव को दी गई मंजूरी

Wed, 10 Jul 2024 04:54 PM IST
मेघा झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: मेघा झा Updated Wed, 10 Jul 2024 04:54 PM IST
सार

श्रीलंकाई मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति और संसद दोनों के कार्यकाल को स्पष्ट करने के लिए संविधान में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, इसे केवल पांच वर्ष तक सीमित कर दिया है, सरकार ने बुधवार को घोषणा की।

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Sri Lanka: Constitutional dispute over tenure of President and Parliament in Sri Lanka ends
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रसिंघे - फोटो : ANI

विस्तार

श्रीलंका के मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति और संसद दोनों के कार्यकाल को स्पष्ट करने के लिए संविधान में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि नए प्रस्ताव के आधार पर कार्यकाल केवल पांच वर्ष तक सीमित हो जाएगा।
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श्रीलंका में जब स्वतंत्र चुनाव आयोग अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान की तारीख की घोषणा करने की तैयारी में था तब राष्ट्रपति के कार्यकाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। वर्ष 2015 से 19वें संशोधन के अनुसार दोनों पदों का कार्यकाल पहले से ही पांच वर्ष है। हालांकि, समस्या अनुच्छेद 83 को लेकर थी, जिसमें कहा गया था कि जनमत संग्रह के साथ कार्यकाल को पांच से छह तक बढ़ाया जा सकता है। एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह परिभाषित करने के लिए संपर्क किया कि कार्यकाल पांच वर्ष का है या छह वर्ष का।
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संविधान में 30(2) और 83 के बीच अस्पष्टता पर निर्णय लेने की मांग की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। जिसका अर्थ यह है कि यह केवल पांच वर्ष का होगा। लेकिन इस याचिका को इस सप्ताह की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। उसके बाद अब पेश किया जाने वाला संशोधन अनुच्छेद 83 (बी) से उत्पन्न होने वाले मुद्दे को हल करने की कोशिश है। क्योंकि कार्यकाल को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है। नए प्रस्ताव में लिखा है, "राष्ट्रपति के पद की अवधि या संसद की अवधि को मौजूदा छह वर्षों से घटाकार पांच वर्ष किया जाए।" 
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अगले महीने होगी राष्ट्रपति चुनाव के तारीख की घोषणा
चुनाव आयोग के प्रमुख आरएमएएल रत्नायके ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव की तारीख की घोषणा महीने के अंत तक की जा सकती है।  आयोग ने पहले घोषणा की थी कि चुनाव 16 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच होंगे।
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