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इस देश में कर्मचारियों के लिए शुरू होगा चार दिन का कार्य सप्ताह, केवल 32 घंटे करना होगा काम

Wed, 17 Mar 2021 07:15 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 17 Mar 2021 07:15 PM IST
सार

ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में कहा गया था कि चार दिन का कार्य सप्ताह हो, तो कर्मचारियों को हर हफ्ते 560 मिनट की कम ड्राइविंग करनी होगी। साथ ही, छोटे कार्य सप्ताह को पर्यावरण के लिए बेहतर बताया गया है...

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Spain became the first country in the world, where proposed to start a four-day work week trial
ऑफिस - फोटो : Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

स्पेन दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है, जहां चार दिन के कार्य-सप्ताह यानी वर्किंग वीक का परीक्षण शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को दफ्तर में सप्ताह में कम घंटे गुजारने होंगे, लेकिन उनके वेतन में कोई कटौती नहीं होगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि दफ्तर में ज्यादा घंटे गुजारने का मतलब यह नहीं होता है कि उससे उत्पादकता भी ज्यादा हो। निजी कंपनियों को भी इस योजना में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

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स्पेन के राजनीति-शास्त्री इनिगो एरेजोन ने एक ट्विट में कहा- ‘चार दिन के कार्य-सप्ताह (32 घंटों) के साथ हम अपन समय की सबसे वास्तविक बहस की शुरुआत कर रहे हैं।’ टीवी चैनल यूरोन्यूज की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चार दिन के कार्य-सप्ताह के प्रस्ताव को कई कंपनियों और बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी, जबकि उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।
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जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि अभी भी बहुत से लोग घर से काम कर रहे हैं। इस अनुभव के कारण चार दिन के कार्य-सप्ताह जैसी योजनाएं अधिक संभव लगने लगी हैं। उन्होंने कहा है कि बहुत जल्द सोमवार से शुक्रवार और सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ऑफिस में रहने की धारणा अतीत की बात बन जाएगी। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वेलबिइंग रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ जेन इमैनुएल डी नेवे ने यूरोन्यूज से कहा- कोविड-19 के कारण किए जा रहे बदलाव उस क्रांति की दिशा में पहला कदम हैं, जिससे चार दिन का सप्ताह ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए एक हकीकत बन जाएगा।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्पेन में ये प्रयोग सफल रहा, तो कई देश इसे अपनाने की तरफ आगे बढ़ेंगे। इस बारे में न्यूजीलैंड में पहले से ही विचार हो रहा है। पिछले हफ्ते न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेन ने एक फेसबुक लाइव में देश में कार्य-सप्ताह को घटा कर चार दिन करने का विचार सामने रखा। इसका बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन किया है। आर्डेन ने ये विचार इस चर्चा के दौरान रखा कि कोरोना महामारी क बाद देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए ऐसे क्या कदम उठाए जाएं, जिससे लोगों को उन कार्यों को भी करने का पर्याप्त समय मिले, जिसे वे दिल से कहना चाहते हैँ।

यूरोन्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि चार दिन कार्य सप्ताह के प्रस्ताव पहले भी आए हैं, लेकिन उसको लेकर कभी वैसा उत्साह पैदा नहीं हुआ, जैसा अब देखा गया है। अब इस बात भी जोर दिया जा रहा है कि चार दिन के कार्य सप्ताह के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी और पर्यावरण के स्तर में सुधार होगा। ब्रिटेन की हेलने बिजनेस स्कूल में 2012 में हुए एक अध्ययन में कहा गया था कि चार दिन का कार्य सप्ताह हो, तो कर्मचारियों को हर हफ्ते 560 मिनट की कम ड्राइविंग करनी होगी। ऐसे भी कई अध्ययन हुए हैं, जिनमें छोटे कार्य सप्ताह को पर्यावरण के लिए बेहतर बताया गया है।


इन फायदों के बावजूद माना जा रहा है कि चार दिन के सप्ताह को लागू करने पर कई दिक्कतें आएंगी। जितना काम अभी होता है, तब भी उतना करना ही होगा। अभी ज्यादातर विकसित देशों में कर्मचारियों को एक हफ्ते में 37.5 घंटे काम करने पड़ते हैं। अपने पूरे काम को 32 घंटों में ही करना शुरुआत में मुश्किल भरा हो सकता है। सवाल यह पूछा जा रहा है कि क्या हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी के उत्साह में कर्मचारी कम घंटों में ही ज्यादा काम सचमुच कर डालेंगे?

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