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साहित्य में नोबेल पाने वाले साहित्यकारों का जन्म जून में ज्यादा, कुछ रोचक तथ्य

Fri, 06 Oct 2017 06:21 AM IST
Updated Fri, 06 Oct 2017 06:21 AM IST
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some unknown facts about nobel prize for litrature
प्रतीकात्मक तस्वीर
2017 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार के लिए जापानी मूल के ‌ब्रिटिश लेखक कजुओ इशिगुरो को चुना गया है। कजुओ का सबसे चर्चित नोबेल The Remains of the Day है जो साल 1989 में प्रकाशित हुआ था। नोबेल पुरस्कार कमेटी ने कजुओ के नाम की घोषणा करते हुए उनकी कई चर्चित कृतियों और उपन्यासों की जानकारी दी।
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आइए आपको साहित्य के नोबेल से जुड़ीं कुछ खास जानकारी से रूबरू कराते हैं...1901 में साहित्य का नोबेल देने की शुरुआत हुई। तब से अब तक 113 साहित्याकारों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। सात मौकों पर 1914, 1918, 1935, 1940, 1941, 1942 और 1943 में इस पुरस्कार की घोषणा नहीं हुई।
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चार बार इस अवार्ड को संयुक्त रुप से दिया गया। 1904 में फ्रैडरिक मिस्ट्रल और जोश इशेगारे, 1917 में कार्ल जेलरअप और हैनरिक पोन्टोपिडेन, 1966 में शैमुल एगनॉन और नैली शाश्स और 1974 में आयविंड और हैरी मार्टिंसन को साहित्य का नोबेल संयुक्त रूप से दिया गया।
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83 लोगों का जन्म जून महीने में

​ खास बात ये है कि साहित्य का नोबेल पाने वाले 113 साहित्यकारों में 83 लोगों का जन्म जून महीने में हुआ। इस नोबेल को पाने वालों की औसत आयु 65 वर्ष रही है। सबसे छोटी उम्र में जंगल बुक की रचना करने वाले रुडयार्ड किपलिंग को 1907 में ये पुरस्कार पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जबकि 2007 में 88 साल की उम्र में ब्रिटिश साहित्यकार डॉरिस लेसिंग ये पुरस्कार पाकर सबसे बुजर्ग विजेता कहलाए।

14 महिलाओं को अब तक साहित्य के नोबेल से नवाजा जा चुका है। 1909 में स्वीडन की सलमा लेगरॉफ नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला थीं। 1958 में बोरिस पास्तेरनक और 1964 में जीन पॉल सारत्रे ने ये सम्मान लेने से इनकार कर दिया था। साहित्य के नोबेल के इतिहास में किसी भी साहित्यकार को दोबारा नोबेल से नहीं नवाजा गया है।

अबतक 25 भाषाओं के साहित्यकारों को ये सम्मान हासिल हो चुका है, जिसमें सबसे आगे फ्रांस के साहित्यकार हैं। 1913 में भारत के रबिन्द्र नाथ टैगोर को इस सम्मान से नवाजा गया, लेकिन उन्होंने अपनी रचना बंगाली और अंग्रेजी भाषा में की थी। 
(source-www.nobelprize.org)
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