US: 'हम महात्मा गांधी की अहिंसा की विरासत के वारिस हैं, लेकिन..', वॉशिंगटन में ऑपरेशन सिंदूर पर थरूर की दो टूक
आतंक के खिलाफ भारत के सख्त संदेश को लेकर अमेरिका पहुंचे शशि थरूर ने वॉशिंगटन में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ हमारा करारा जवाब था। उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी की अहिंसा की विरासत के वारिस हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि डर के साये में जीएं।
विस्तार
आतंक के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति का संदेश लेकर भारतीय सांसद की टोली अमेरिका पहुंची, जिसका नेतृत्व कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहें है। इस दौरान वॉशिंगटन डीसी स्थित नेशनल प्रेस क्लब में एक अहम बातचीत के दौरान शशि थरूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति, कश्मीर में विकास, पाकिस्तान की नापाक हरकतों और भारत की सैन्य कार्रवाई पर विस्तार से बात की।
थरूर ने कहा कि हम अपनी सच्चाई दुनिया के सामने रख रहे हैं। जिनसे भी मिले, सबने आतंकवाद की निंदा की और भारत के जवाबी कार्रवाई के अधिकार को सही ठहराया। थरूर ने कहा कि हमारा ध्यान देश की आर्थिक प्रगति पर है और यह आतंकी हमला उसी से ध्यान भटकाने की कोशिश थी।
आतंक के आगे नहीं झुकेंगे- थरूर
थरूर ने पाकिस्तान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई को गैरजिम्मेदार और आम नागरिकों पर केंद्रित" बताया। उन्होंने कहा कि 88 घंटे बाद पाकिस्तान खुद पीछे हटा और युद्ध रोकने की पेशकश की। हम तो शुरू से ही इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी की अहिंसा की विरासत के वारिस हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि डर के साये में जीएं। आतंकवाद के आगे झुकेंगे नहीं, जवाब देंगे।
ये भी पढ़ें:- US: पहलगाम हमले की अमेरिकी सांसदों ने की निंदा, भारत की आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को बताया सही कदम
कश्मीर में शांति और टूरिज्म का बढ़ता ग्राफ- थरूर
बातचीत के दौरान थरूर ने बताया कि पिछले साल कश्मीर में अमेरिका के एलीट स्की टाउन ‘एस्पेन’ से भी ज्यादा पर्यटक आए और इस साल के शुरुआती महीनों में टूरिज्म में 100% बढ़ोतरी हुई। यह कश्मीर में शांति और विकास का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने हमले में पुरुषों को पत्नी-बच्चों के सामने मारा, महिलाओं को छोड़ दिया ताकि वे जाकर खौफ की कहानी सुनाएं। उन्होंने कहा कि सिंदूर का रंग खून से मिलता-जुलता है। जब महिलाओं का सिंदूर छीन लिया गया, तो हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उस अपमान का जवाब दिया। यही हमारे जवाबी हमले का मकसद था, आतंक को मुंहतोड़ जवाब।
भारत पर हथियारों की निर्भरता का सच
इसके साथ ही थरूर ने यह भी साफ किया कि भारत अब रूस पर पूरी तरह निर्भर नहीं है। हमने हथियार खरीद में विविधता लाई है। अमेरिका से भी हथियार लिए हैं और भविष्य में भी लेने को तैयार हैं। पाकिस्तान की तरह नहीं कि 81% हथियार सिर्फ चीन से ले।
पाकिस्तानी कबूलनामे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारत ने दक्षिण पाकिस्तान के हैदराबाद से लेकर उत्तर-पश्चिम में पेशावर तक हमले किए। पाकिस्तान ने खुद माना कि भारत के हमले इतने असरदार थे कि उन्हें खुद पहल कर युद्ध रोकना पड़ा।
ये भी पढ़ें:- GPDRR 2025: 'आपदा प्रबंधन के लिए मजबूत वैश्विक वित्तीय सहयोग जरूरी', डॉ. पीके मिश्रा ने रखा भारत का पक्ष
अमेरिका की भूमिका और ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावे पर कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने में उन्होंने व्यापार का मुद्दा उठाया, थरूर ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई। किसी भी बातचीत में व्यापार का जिक्र नहीं हुआ। कई देशों के मंत्री हमारे नेतृत्व से बात कर रहे थे, लेकिन भारत को समझाने की जरूरत नहीं थी। हमने हमेशा पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का जवाब दिया, खुद कभी शुरुआत नहीं की।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.