फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Senior BNP leader urges India to take a relook at its relations with Bangladesh sans Sheikh Hasina

Bangladesh: 'अतीत को भुलाकर नए संबंधों को मजबूत करे भारत', BNP नेता बोले- बांग्लादेश के लोगों से बनाए रिश्ता

Thu, 29 Aug 2024 04:16 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: बशु जैन Updated Thu, 29 Aug 2024 04:16 PM IST
सार

बीएनपी के विदेश मामलों की सेल के प्रमुख चौधरी ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश के लोगों को समझने में देरी की। उन्होंने एक परिवार और एक पार्टी का समर्थन करने में पूरी ताकत लगा दी।

विज्ञापन
Senior BNP leader urges India to take a relook at its relations with Bangladesh sans Sheikh Hasina
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया। - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि पूर्व राजनयिक, नौकरशाह, राजनेता और थिंक टैंक मिलकर भारत-बांग्लादेश के संबंध को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत की ओर से मुद्दा उठाए जाने के बाद बीएनपी के नेता अमीर खसरू महमूद चौधरी ने कहा कि यह देश का आंतरिक मामला है। मगर बांग्लादेश भी अपने पड़ोसी देश भारत के साथ मजूबत संबंध चाहता है। भारत भी अतीत को छोड़कर नए सिरे से संबंध मजबूत करे और बांग्लादेश के लोगों से रिश्ता बनाए। 

विज्ञापन


बीएनपी के विदेश मामलों की सेल के प्रमुख चौधरी ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश के लोगों को समझने में देरी की। उन्होंने एक परिवार और एक पार्टी का समर्थन करने में पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को लेकर पूर्व राजनयिक, अधिकारियों, राजनेताओं और थिंक टैंक ने भारत को गुमराह किया और दोनों देशों के संबंधों को नष्ट कर दिया। इन लोगों ने भ्रम पैदा किया कि अगर अवामी लीग नहीं होगी तो भारत के लिए सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख होगा। शेख हसीना नहीं होंगी तो देश कट्टरपंथियों के हाथों में चला जाएगा। बांग्लादेश में हिंदू खतरे में पड़ जाएंगे। 
विज्ञापन


उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह से झूठ है और जानबूझकर इस कहानी को गढ़ा गया है। लोगों को अब जागने की जरूरत है। बांग्लादेश उदार देश है और यहां सदियों से हिंदू और मुस्लिम साथ रहते आए हैं। बांग्लादेश में कोई भी सरकार अल्पसंख्यकों पर हमलों का समर्थन नहीं करती है। यहां का संविधान सभी को समान अधिकारों की गारंटी देता है। बांग्लादेश अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक की अवधारणा पर विश्वास नहीं करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चौधरी बोले कि हमारे देश के अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर अन्य लोग कैसे टिप्पणी कर सकते हैं? यह हमारा आतंरिक मामला है। भारतीय अल्पसंख्यकों के साथ जो भी होता है, उस पर हम कभी टिप्पणी नहीं करते। इसलिए किसी और को भी इस मामले में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने भारत से आग्रह किया कि भारत को पुराने लोगों को पीछे छोड़ते हुए बांग्लादेश के लोगों की नब्ज समझनी होगी और उनसे रिश्ता बनाना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत-बांग्लादेश के संबंधों की बात आती है तो भारत को एक व्यक्ति और एक परिवार पर क्यों निर्भर रहना पड़ता है? आप अपने पड़ोसी को नहीं बदल सकते और उसके साथ अच्छे संबंध रखने चाहिए। बांग्लादेश भी भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है। 

चौधरी ने अवामी लीग शासन पर भ्रष्टाचार करने और विभिन्न द्विपक्षीय संधियों के संबंध में देश के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अवामी लीग ने चुनाव में फर्जीवाड़ा करके सत्ता हासिल की थी। इसलिए उनकी बांग्लादेश के लोगों के प्रति कोई जवाबदेही नहीं थी। पूर्व सरकार ने कई बड़ी परियोजनाओं और संधियों से 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक धन का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि सभी द्विपक्षीय संबंधों, समझौतों और अनुबंधों पर फिर से विचार करने की जरूरत है। क्योंकि तभी सच्चाई सामने आएगी। 

भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संधि की समीक्षा को लेकर चौधरी बोले कि यह एक व्यापक मुद्दा है। सभी संधियों और समझौतों की दोबारा जांच और समीक्षा करनी होगी। कुछ भी निलंबित या रद्द नहीं किया जाएगा। बीएनपी के भारत विरोधी होने के सवाल पर अमीर खसरू महमूद चौधरी ने कहा कि यह गलत धारणा है। भारत को इसे लेकर रुख साफ करना होगा और दोनों देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है। अपने देश के हित के बारे में मुखर होना भारत विरोधी नहीं है।


इंडिया आउट अभियान को लेकर चौधरी ने दावा किया कि यह किसी राजनीतिक दल नहीं बल्कि बांग्लादेश के आम लोगों का कार्यक्रम है। इसे शेख हसीना बनाम भारत बनाम बांग्लादेश के लोगों के रूप में देखा जाता है। भारत के खिलाफ लोगों में गुस्सा है, क्योंकि उसे अवामी लीग का सहयोगी माना जाता है। हसीना के भारत में शरण लेने को भी ढाका में अच्छी नजर से नहीं देखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed