फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   S Jaishankar Says Innovative, participative diplomacy can help solving conflicts

Jaishankar: 'ब्रिक्स की डी-डॉलरीकरण की योजना नहीं'; ट्रंप की चेतावनी के बाद दोहा में जयशंकर ने साफ की स्थिति

Sat, 07 Dec 2024 07:46 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 07 Dec 2024 07:46 PM IST
सार

रूस-यूक्रेन और हमास इस्राइल के बीच चल रही जंग के बीच भारत ने इन युद्धों को सुलझाने के लिए नवोन्मेषी, सहभागी कूटनीति पर जोर दिया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोहा फोरम में अपने संबोधन में कहा कि सामान्य तौर पर सुई युद्ध जारी रखने की बजाय बातचीत की वास्तविकता की ओर अधिक बढ़ रही है।

विज्ञापन
S Jaishankar Says Innovative, participative diplomacy can help solving conflicts
डॉ. एस. जयशंकर, भारतीय विदेश मंत्री - फोटो : X / @DrSJaishankar

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स देशों द्वारा व्यापार के लिए नई मुद्रा लाने को लेकर चल रही अटकलों पर स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। अमेरिकी डॉलर से प्रतिस्पर्धा करने के लिए नई मुद्रा शुरू करने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उनका ये बयान अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ब्रिक्स देशों के डी-डॉलरीकरण की नीति अपनाने या डॉलर से दूर जाने की स्थिति में 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आया है।  

विज्ञापन

जयशंकर ने पहले ट्रंप प्रशासन के साथ भारत के सकारात्मक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, पहले ट्रंप प्रशासन के साथ हमारे बहुत ही अच्छे और ठोस संबंध थे। हां कुछ मुद्दे थे जिनमें ज्यादातर व्यापार से संबंधित मुद्दे थे, लेकिन बहुत सारे मुद्दे थे जिन पर ट्रंप बहुत खुले विचारों के था। मैं लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि ट्रंप प्रशासन में ही क्वाड को फिर से शुरू किया गया था।

विज्ञापन

विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंध हैं जिसने दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, जहां तक ब्रिक्स को लेकर ट्रंप की टिप्पणी का मुद्दा है तो हमने हमेशा से कहा है कि भारत कभी भी डॉलर को कमजोर करने या उसे छोड़ने के पक्ष में नहीं रहा है। ब्रिक्स देश वित्तीय लेनदेन पर चर्चा करते हैं। अमेरिका हमारा सबके बड़ा व्यापार भागीदार है और हमें हमें डॉलर को कमजोर करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जयशंकर 'नए युग में संघर्ष समाधान' विषय पर दोहा फोरम पैनल के 22वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी और नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईदे भी मौजूद थे। विदेशमंत्री 6 से 9 दिसंबर तक कतर और बहरीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

संघर्ष सुलझाने के लिए अभिनव, सहभागी कूटनीति की जरूरत
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच विदेश मंत्री ने कहा कि संघर्षों को सुलझाने के लिए और अधिक अभिनव और सहभागी कूटनीति की जरूरत है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में अब यह महसूस किया जाने लगा है कि लड़ाई जारी रखने के बजाय बातचीत शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनयिकों को यह समझना होगा कि यह एक गंदी दुनिया है। यह भयानक है। यहां संघर्ष है, लेकिन इन्हीं सब कारणों से दुनिया के राजनयिकों को आगे बढ़कर पहल करने की जरूरत भी है।

यूएन या पश्चिम देशों की प्रभुत्व का समय गया
विदेश मंत्री ने कहा कि 60 और 70 के दशक का युग बहुत पीछे चला गया है, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद या कुछ पश्चिमी ताकतें ही युद्ध का समाधान निकालने के लिए आगे आती थीं। अब सभी देशों को इसके लिए आगे आना आवश्यक है। इसलिए उन्हें लगता है कि यह गहर कूटनीति का समय है। अभिनव कूटनीत का समय है। रूस और यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे साझा सूत्र की तलाश कर रहा है जिस पर किसी भी समय आगे बढ़ा जा सके।

जयशंकर का चतुर जवाब
जयशंकर से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका भारत को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है तो उन्होंने इसका बहुत ही चतुर जवाब दिया। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, हम अमेरिका को भारत के पाले में लाने का प्रयास कर रहे हैं। सीरिया में अशांति पर उन्होंने कहा कि इससे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए खतरा पैदा हो गया है और समुद्र के रास्ते माल की ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed