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UN: 'UNSC में ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधित्व के विस्तार की आवश्यकता', भारत-ब्राजील की दावेदारी के समर्थन में रूस
Sun, 29 Sep 2024 04:16 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 29 Sep 2024 04:16 AM IST
सार
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा, 'हम यूएनएससी में ब्राजील और भारत की उम्मीदवारी के पक्ष में अपनी स्थिति का समर्थन करते हैं, साथ ही अफ्रीकी संघ की प्रसिद्ध पहलों पर सकारात्मक निर्णय लेते हैं। हालांकि, हम पश्चिमी देशों के लिए किसी अतिरिक्त सीट के बारे में बात नहीं कर सकते, जिनका सुरक्षा परिषद में पहले से ही अत्यधिक प्रतिनिधित्व है।'
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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत और ब्राजील की दावेदारी का समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि निष्पक्ष विश्व व्यवस्था के लिए यूएनएससी में ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधित्व के विस्तार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रूस भारत और ब्राजील की उम्मीदवारी के पक्ष में अपना समर्थन करता है।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान, अपने संबोधन में रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने कहा, 'हम पश्चिम के साथ बातचीत से पीछे नहीं हट रहे हैं। जुलाई में, रूस के प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद में अधिक न्यायपूर्ण, अधिक टिकाऊ विश्व व्यवस्था के निर्माण के विषय पर खुली बहस हुई थी। हमारा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ अन्य मंचों पर भी शुरू हुई चर्चा को फिर से शुरू करना महत्वपूर्ण है। एक निष्पक्ष विश्व व्यवस्था के लिए निस्संदेह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधित्व के विस्तार की आवश्यकता है।'
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अपने संबोधन में लावरोव ने आगे कहा, 'हम ब्राजील और भारत की उम्मीदवारी के पक्ष में अपनी स्थिति का समर्थन करते हैं, साथ ही अफ्रीकी संघ की प्रसिद्ध पहलों पर सकारात्मक निर्णय लेते हैं। हालांकि, हम पश्चिमी देशों के लिए किसी अतिरिक्त सीट के बारे में बात नहीं कर सकते, जिनका सुरक्षा परिषद में पहले से ही अत्यधिक प्रतिनिधित्व है।'
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इसके अलावा, रूसी विदेश मंत्री ने पश्चिम पर वैश्वीकरण के मूल्यों को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों ने दुनिया के आधे देशों के खिलाफ प्रतिबंध युद्ध छेड़ दिया है। लावरोव ने कहा, 'सुरक्षा परिषद महासचिव वैश्विक सहयोग के बारे में बात कर रहे हैं। साथ ही, पश्चिमी देशों ने दुनिया के आधे से ज्यादा देशों के खिलाफ प्रतिबंधों का युद्ध छेड़ दिया है और डॉलर को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे हम सभी मानवता की विरासत और भलाई के रूप में विज्ञापित करते हैं।'
बता दें कि भारत विकासशील देशों के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की मांग कर रहा है। वैश्विक मंच पर समर्थन मिलने पर भारत की सुरक्षा परिषद में दावेदारी की मांग ने गति पकड़ी है।