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Russia-India-China: विदेश मंत्री लावारोव बोले- तीनों देश मिलकर आगे बढ़ें, मॉस्को इस सोच-स्वरूप का प्रबल समर्थक

Fri, 30 May 2025 04:51 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 30 May 2025 04:51 AM IST
सार

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रूस-भारत-चीन (आरआईसी) प्रारूप को फिर से सक्रिय करने में रुचि व्यक्त की है। लावरोव ने यह भी आरोप लगाया कि नाटो भारत को चीन विरोधी साजिशों में फंसाने की खुलेआम कोशिश कर रहा है। 

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Russia India China troika Foreign Minister Lavrov said Moscow strong supporter of this thinking and format
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव - फोटो : एएनआई

विस्तार

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बृहस्पतिवार को रूस-भारत-चीन (आरआईसी) ढांचे को फिर से सक्रिय करने में रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रूस इस सोच और स्वरूप का प्रबल समर्थक है कि तीनों देश साथ मिलकर आगे बढ़ें। लावरोव ने यह बात रूस के पर्म शहर में यूरेशिया (यूरोप और एशिया) में सुरक्षा और सहयोग पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कही। 

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रूस की सरकारी एजेंसी TASS के हवाले से लावरोव ने कहा कि मैं त्रिपक्षीय पहल रूस-भारत-चीन के प्रारूप के भीतर काम को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने में मॉस्को की वास्तविक रुचि की पुष्टि करना चाहता हूं। इसको कई साल पहले रूस के पूर्व प्रधानमंत्री येवगेनी प्रिमाकोव की पहल पर स्थापित किया गया था। लावरोव ने कहा कि इस समूह की अब तक न केवल विदेश मंत्रियों के स्तर पर, बल्कि तीनों देशों की अन्य आर्थिक, व्यापार और वित्तीय एजेंसियों के प्रमुखों के स्तर पर 20 से ज्यादा मंत्रिस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। 
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भारत-चीन के बीच सीमा पर स्थिति को आसान बनाने पर बनी समझ
विदेश मंत्री लावरोव ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा पर स्थिति को कैसे आसान बनाया जाए, इस पर समझ बन गई है। उन्होंने कहा कि इसलिए RIC को पुनर्जीवित करने का समय आ गया है। 


नाटो पर भारत को चीन विरोधी साजिशों में फंसाने का लगाया आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नाटो (NATO) भारत को चीन विरोधी साजिशों में फंसाने की खुलेआम कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत इस बात को समझता है और इसे एक बड़ी उकसावे वाली बात के रूप में देखता है। मैं यह बात उनके साथ गोपनीय बातचीत के आधार पर कह रहा हूं।'

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गलवान घाटी में टकराव के बाद रुकी आरआईसी तिकड़ी की बातचीत
गौरतलब है कि जून 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुए टकराव के बाद से RIC तिकड़ी की बातचीत रुक गई थी। हालांकि, अक्तूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते सुधारने की जरूरत पर जोर दिया। इसे एक सकारात्मक संकेत माना गया। 

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