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US में बोले दत्तात्रेय होसबाले: मुस्लिम हमारे अपने, हिंदू ही थे इनके पूर्वज; RSS के सरकार्यवाह के संकेत क्या?
Fri, 24 Apr 2026 08:35 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 24 Apr 2026 08:35 PM IST
सार
आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारतीय मुसलमान सभ्यता और संस्कृति के रूप में हिंदुओं के ही वंशज हैं और वे भारतीय समाज का अटूट हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से उपजी दूरियों को खत्म करने के लिए संघ मुस्लिम नेतृत्व के साथ निरंतर संवाद कर रहा है। इस खबर में जानिए, होसबाले ने और क्या-क्या कहा है...
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दत्तात्रेय होसबाले, आरएसएस सरकार्यवाह
- फोटो : @अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारतीय मुसलमानों को लेकर बड़ी बात कही है। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में जब उनसे मुस्लिम समुदाय के प्रति संघ के दृष्टिकोण पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपनी बात रखी। होसबोले ने कहा कि भारत के 99.99 फीसदी मुसलमानों के पूर्वज हिंदू ही थे और वे इसी देश की मिट्टी की संतान हैं।
होसबाले ने क्या-क्या कहा?
होसबाले ने कहा कि केवल पूजा पद्धति बदल लेने से किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या उसके पूर्वज नहीं बदल जाते। उन्होंने कहा, 'भारतीय मुसलमानों के पूर्वज भारतीय ही थे और वे हिंदू थे। इसलिए, भारत के लगभग सभी मुसलमान हिंदू मूल के ही वंशज हैं। हमारा यह मानना है कि वे हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं।' उन्होंने समझाया कि भले ही समय के साथ उनके धर्म या इबादत करने के तरीकों में बदलाव आया हो, लेकिन उनकी सभ्यता की जड़ें और उनकी राष्ट्रीय पहचान आज भी वही है जो सदियों पहले थी। संघ इसी विचार को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
यह भी पढ़ें: राघव बागी, भाजपा पर बिफरी AAP: केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया आई सामने, संजय बोले- पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी
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'चालबाजियों से समुदाय के बीच पैदा हुआ तनाव'
उन्होंने कहा कि कुछ विशेष प्रकार की चालबाजियों और राजनीतिक हितों के कारण समय-समय पर समुदायों के बीच तनाव पैदा हुए हैं। होसबाले का मानना है कि इन गलतफहमियों को दूर करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मुस्लिम नेतृत्व के साथ एक निरंतर और व्यापक संवाद की आवश्यकता है।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों से संघ ने इस दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस ने मुस्लिम समुदाय के प्रमुखों और बौद्धिक नेतृत्व के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य उन सभी शंकाओं और गलतफहमियों को दूर करना है, जो दशकों से किसी न किसी कारणवश बनी हुई थीं।'
होसबाले पर जयराम रमेश ने कसा तंज
अमेरिका के दौरे पर गए आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। होसबाले ने वाशिंगटन में कहा था कि आरएसएस कोई अमेरिकी श्वेत वर्चस्ववादी समूह जैसा संगठन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सेवा पर आधारित संगठन है। इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि आरएसएस दिखावे का राष्ट्रवाद करता है और विदेश में स्वीकार्यता पाने के लिए बेताब है। रमेश ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा यूरोपीय फासीवादी आंदोलनों से प्रेरित है। यह भारत की विविधता और एकता के विचार के खिलाफ है।
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होसबाले ने क्या-क्या कहा?
होसबाले ने कहा कि केवल पूजा पद्धति बदल लेने से किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या उसके पूर्वज नहीं बदल जाते। उन्होंने कहा, 'भारतीय मुसलमानों के पूर्वज भारतीय ही थे और वे हिंदू थे। इसलिए, भारत के लगभग सभी मुसलमान हिंदू मूल के ही वंशज हैं। हमारा यह मानना है कि वे हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं।' उन्होंने समझाया कि भले ही समय के साथ उनके धर्म या इबादत करने के तरीकों में बदलाव आया हो, लेकिन उनकी सभ्यता की जड़ें और उनकी राष्ट्रीय पहचान आज भी वही है जो सदियों पहले थी। संघ इसी विचार को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
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'चालबाजियों से समुदाय के बीच पैदा हुआ तनाव'
उन्होंने कहा कि कुछ विशेष प्रकार की चालबाजियों और राजनीतिक हितों के कारण समय-समय पर समुदायों के बीच तनाव पैदा हुए हैं। होसबाले का मानना है कि इन गलतफहमियों को दूर करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मुस्लिम नेतृत्व के साथ एक निरंतर और व्यापक संवाद की आवश्यकता है।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों से संघ ने इस दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस ने मुस्लिम समुदाय के प्रमुखों और बौद्धिक नेतृत्व के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य उन सभी शंकाओं और गलतफहमियों को दूर करना है, जो दशकों से किसी न किसी कारणवश बनी हुई थीं।'
होसबाले पर जयराम रमेश ने कसा तंज
अमेरिका के दौरे पर गए आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। होसबाले ने वाशिंगटन में कहा था कि आरएसएस कोई अमेरिकी श्वेत वर्चस्ववादी समूह जैसा संगठन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सेवा पर आधारित संगठन है। इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि आरएसएस दिखावे का राष्ट्रवाद करता है और विदेश में स्वीकार्यता पाने के लिए बेताब है। रमेश ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा यूरोपीय फासीवादी आंदोलनों से प्रेरित है। यह भारत की विविधता और एकता के विचार के खिलाफ है।
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