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नेपाल: बढ़ते पर्यावरण संकट के बीच बालेन सरकार का बड़ा कदम, जलवायु के लिए क्यों बनाया नया विभाग?
Sun, 20 Sep 2026 06:22 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:22 PM IST
सार
नेपाल ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी कूटनीति मजबूत करने के लिए विदेश मंत्रालय में पहली बार पर्यावरण कूटनीति विभाग बनाया है। यह विभाग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेपाल की भागीदारी और घरेलू एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाएगा। 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद यह कदम और अहम हो गया है। नेपाल ने अभी अलग विभाग बनाने की जरूरत क्यों महसूस की और इससे उसकी जलवायु कूटनीति कैसे बदलेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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नेपाल के प्रधानमंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नेपाल ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी कूटनीतिक कोशिशों को मजबूत करने के लिए विदेश मंत्रालय में पहली बार पर्यावरण कूटनीति विभाग बनाया है। मंत्रालय के मुताबिक, इस नए विभाग का मकसद जलवायु और पर्यावरण से जुड़े मामलों पर नेपाल की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाओं का खतरा नेपाल में लगातार गंभीर होता जा रहा है।
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नेपाल ने पर्यावरण कूटनीति के लिए अलग विभाग क्यों बनाया?
- विदेश मंत्रालय में पहली बार पर्यावरण कूटनीति से जुड़ा अलग विभाग बनाया गया है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों को संस्थागत और मजबूत करना है।
- यह विभाग संयुक्त राष्ट्र और विशेष एजेंसियों से जुड़े मामलों को देखने वाले विभाग के तहत काम करेगा। इसकी जिम्मेदारी एक अवर सचिव के पास होगी।
- विभाग जलवायु और पर्यावरण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और कार्यक्रमों में नेपाल की भागीदारी को सुगम बनाएगा। यह नेपाल की संबंधित राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय करेगा।
- सरकार का कहना है कि इससे जलवायु और पर्यावरण से जुड़ी नेपाल की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार होगी।
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