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बीजिंग कांग्रेस पर क्या कहते हैं आम नागरिक?

Tue, 13 Nov 2012 11:15 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 13 Nov 2012 11:15 AM IST
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what chinese says on beijing congress

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का अधिवेशन राजधानी बीजिंग में जारी है जिसमें पार्टी नेताओं की रिपोर्टों के साथ-साथ पार्टी की केंद्रीय समिति के लिए चुने जानेवाले नए सदस्यों को लेकर चर्चा हो रही है।

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चर्चा बदं दरवाजों के पीछे हो रही है। बीबीसी संवाददाता ना फ़ैम ने बीजिंग के कुछ नागरिकों से बात की और पूछा कि अधिवेशन ने उनके सामान्य जीवन को किस तरह से प्रभावित किया।
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जहाँ कुछ लोग सफाई, बोहतर व्यवस्था से खुश हैं, वहीं कई अन्य जी-मेल अकांउट बंद होने, इंटरनेट की धीमी स्पीड और नेताओं के वाहनों के कारण लगी पाबंदियों से परेशान हैं।
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क्रिस्टीन वु 32 साल की महिला हैं और वो एक अनुवादक के तौर पर काम करती हैं। वो विदेशों में स्थित अपने कुछ क्लाइंटों से ई-मेल के माध्यम से लगातार बातचीत करती रहती हैं।

उनके दो अकाउंट हैं, एक याहू के साथ और दूसरा जी-मेल पर। जिस दिन से चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी का अधिवेशन शुरु हुआ, उनका जी-मेल अकाउंट उसी दिन से बंद है।

क्रिस्टीन के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं था कि वो अपने सभी जानकारों को ई-मेल भेजकर उन्हें ये सूचना दें कि वो कुछ समय के लिए उन्हें सिर्फ याहू के ई-मेल पते पर ही संपर्क करें। उनका दावा है, "मुझे पूरी तरह से पता है कि ये दिक्क़त पार्टी कांग्रेस की वजह से पैदा हुई है।"

इंटरनेट सेवाओं पर रोक
क्रिस्टीन कहती हैं, "ऐसा तभी होता है जब बीजिंग में कोई बड़ा राजनीतिक सम्मेलन हो रहा हो और इसमें कोई शक नहीं कि कांग्रेस का 18वां अधिवेशन इस दशक में यहां होने वाला सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम है।"

गूगल का कहना है कि सिर्फ़ जी-मेल ही नहीं, बल्कि उसकी दूसरी कई सेवाएं जैसे सर्च इंजन और गूगल मैप्स वगैरह को चीन में ब्लॉक कर दिया है।

सेवाओं पर लगाई गई रोक की बात का अहसास लोगों को शुक्रवार को हुआ। शहिरयों का कहना है कि वो अभी भी इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

याओ बिंगबिंग एक कंपनी में काम करती हैं। वे बताती हैं, "मैं जी-मेल का प्रयोग नहीं कर पा रही हूं। पिछले हफ़्ते से ही इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी रही है, ये ठीक कांग्रेस के शुरु होने के आसपास का वक़्त है।"

याओ बिंगबिंग कहती हैं कि इस दौरान ट्रैफ़िक की स्थिति भी बहुत बुरी रही है। ये दिक्कतें तब और बढ़ जाती हैं जब नेतागन सम्मेलन स्थल की ओर या वहाँ से जा रहे होते हैं।

"इस दौरान आम लोगों के वाहनों को नेताओं की गाड़ी के जाने के लिए रास्ता देना पड़ता है। टैक्सी वाले चंगन एवेन्यू की तरफ़ जाने से मना करते हैं। इस इलाक़े में गाड़ियों को रोकने पर सख़्ती से पाबंदी लगा दी गई है।"

कबूतर भी नहीं उड़ सकते
याओ बिंगबिंग हंसते हुए कहती हैं कि शुक्र है कि सम्मेलन सिर्फ़ हफ्ते भर चलेगा। कांग्रेस के ठीक पहले शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पार्टी ने 14 लाख वालंटियरों को सुरक्षा कार्य में लगाया है। सुरक्षा उपायों में मध्य बीजिंग में कबूतर उड़ाने तक की पाबंदी जैसे क़दम शामिल हैं।

तियानमेन के इलाक़े में जाने वाले लोगों को सुरक्षाकर्मियों को पहचान पत्र दिखाना पड़ रहा है और चौराहे के कई क्षेत्रों में लोगों के जाने पर मनाही है।

जो लोग सड़क के किनारे बैठकर या ठेले लगाकर सामान बेचा करते थे, उन्हें मुख्य रास्तों से हटा दिया गया है जिसका असर उनकी जीविका पर पड़ रहा है।

एक खोमचेवाले ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वो पिछले दो सालों से शहर में फल बेचने का काम करते रहे हैं। लेकिन उन्होंने इससे पहले इस तरह की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था नहीं देखी थी।

वो कहते हैं, "मैंने सुना है कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी थी लेकिन उसके बाद इस तरह की तैयारी नहीं देखी गई थी।" "इसका असर मेरी कमाई पर पड़ रहा है। वैसे भी मैं महीने भर में कुछ हज़ार युआन से ज़्यादा नहीं कमा पाता।"

लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो इन प्रतिबंधों से ज़्यादा परेशान नहीं दिखते। एक नागरिक शि मिंग कहते हैं कि सड़कें अधिक साफ़-सुथरी हैं और उन्हें ये बेहद अच्छा लग रहा है। उनका कहना है कि सड़कें अधिक सुरक्षित भी हैं।


वो कहते हैं कि शहर हर तरफ़ सजा हुआ दिख रहा है, हर तरफ़ फूल और झंडे नजर आ रहे हैं। हो सकता है मेरी कमाई कुछ कम हो गई हो लेकिन मैं उस मामले में कुछ नहीं कर सकता।

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