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Israel: 'प्रस्ताव में गहरी खामियां थीं', गाजा संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्टैंड पर बोले नेतन्याहू

Tue, 31 Oct 2023 04:25 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 31 Oct 2023 04:25 PM IST
सार

इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, मैं युद्ध विराम को लेकर इस्राइल की स्थिति स्पष्ट करना चाहता हूं। जिस प्रकार पर्ल हार्बर पर बमबारी के बाद या 9/11 के आतंकवादी हमलों के बाद अमेरिका युद्ध विराम के लिए सहमत नहीं हुआ, उसी तरह सात अक्तूबर के भयावह हमलों के बाद इस्राइल युद्ध को समाप्त करने पर सहमत नहीं होगा। 

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"Resolution was deeply flawed": Netanyahu on India's abstention in UN vote on Gaza conflict
Benjamin Netanyahu - फोटो : Social Media

विस्तार

इस्राइल और हमास के बीच चल रहा 25वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 'मानवीय संघर्ष विराम' के प्रस्ताव को अत्यधिक त्रुटिपूर्ण बताया है।

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संयुक्त राष्ट्र में मतदान में भारत के अनुपस्थित रहने के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने जवाब देते हुए कहा, मुझे लगता है कि उस प्रस्ताव में गहरी खामियां थीं और मुझे यह कहते हुए खेद है कि हमारे कई दोस्तों ने भी ऐसा नहीं (हमास के हमलों की निंदा) किया। हमने उनसे आग्रह किया है कि इसमें कोई खामी हो सकती है। यहां हुई भयावहता (इस्राइल पर हमास का हमला) की कड़ी निंदा की जा सकती थी। यह ऐसी भयावहता है कि जिसे आपका देश या कोई भी अन्य बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा, मुझे उम्मीद है कि हम इस प्रकार के किसी भी संकल्प की पुनरावृत्ति नहीं देखेंगे। 

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नेतन्याहू ने हमास के रॉकेट हमलों की तुलना पर्ल हार्बर पर बमबारी के बाद की अमेरिकी की स्थिति से की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्राइल संघर्ष विराम पर सहमत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम की मांग हमास के सामने आत्मसमर्पण करने का आह्वान है। 

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इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, मैं युद्ध विराम को लेकर इस्राइल की स्थिति स्पष्ट करना चाहता हूं। जिस प्रकार पर्ल हार्बर पर बमबारी के बाद या 9/11 के आतंकवादी हमलों के बाद अमेरिका युद्ध विराम के लिए सहमत नहीं हुआ, उसी तरह सात अक्तूबर के भयावह हमलों के बाद इस्राइल युद्ध को समाप्त करने पर सहमत नहीं होगा। 

एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान नेतन्याहू ने कहा, युद्ध विराम का आह्वान हमास, आतंकवाद और बर्बरता के सामने इस्राइल के आत्मसमर्पण की मांग है। यह नहीं होगा। देवियों और सज्जनों, बाइबल कहती है कि शांति का समय और युद्ध का भी समय है। यह युद्ध का समय है। यह साझा भविष्य के लिए एक युद्ध है।

भारत ने जॉर्डन के उस प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बना ली थी, जिसमें गाजा में इस्राइली बलों और हमास के आतंकवादियों के बीच तत्काल, टिकाऊ और निरंतर मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था। इसमें हमास के आतंकवादी हमले की निंदा नहीं की गई थी। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत ने कनाडा के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसके एक अतिरिक्त खंड में हमास के आतंकवादी हमलों की निंदा की गई थी। 

जॉर्डन के नेतृत्व वाले मसौदा प्रस्ताव को महासभा द्वारा अपनाया गया था, जिसके पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि 14 इसके विरोध में थे और 45 अनुपस्थित थे। प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा न लेने वाले 45 देशों में भारत, आइसलैंड, पनामा, लिथुआनिया और ग्रीस (यूनान) शामिल हैं। 

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