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Qatar: कतर ने इस्राइल पर लगाया सरकार प्रायोजित आतंकवाद का आरोप; दोहा हमले को बताया क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा
Mon, 15 Sep 2025 07:50 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा / दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा / दुबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 15 Sep 2025 07:50 AM IST
सार
कतर ने दोहा पर हुए इस्राइल के हमले की कड़ी निंदा की है। कतर के पीएम अल थानी ने इसे सरकार प्रयोजित आतंकवाद भी करार दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि कतर अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर संभव कदम उठाएगा।
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कतर के पीएम अल थानी और इस्राइल के पीएम नेतन्याहू
- फोटो : ANI
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विस्तार
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन अल थानी ने दोहा पर हुए इस्राइल के हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे 'सरकार प्रायोजित आतंकवाद' और गंभीर उकसावा बताते हुए कहा कि यह हमला कतर की संप्रभुता और क्षेत्रीय शांति पर सीधा हमला है। यह हमला उस समय हुआ जब कतर, मिस्र और अमेरिका की मध्यस्थता से गाजा युद्धविराम पर बातचीत चल रही थी। इस हमले में छह लोग मारे गए, जिनमें हामास के पांच वरिष्ठ नेता और कतर की सुरक्षा टीम का एक सदस्य शामिल है। शेख मोहम्मद ने कहा, 'यह न सिर्फ कतर पर हमला है, बल्कि मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया को नष्ट करने की साजिश है।'
यह भी पढ़ें - Brazil: 'हमारा लोकतंत्र बिकाऊ नहीं है', टैरिफ को लेकर अमेरिकी धमकी से भड़के ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा
'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस्राइल पर करे कार्रवाई'
उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अगर अब भी चुप रहा, तो इस्राइल की आक्रामकता और बढ़ेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि कतर अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर संभव कदम उठाएगा।
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अरब और मुस्लिम देशों की आपात बैठक
इस घटना के बाद अरब और मुस्लिम देशों के विदेश मंत्री रविवार को एकजुट होकर बैठक कर रहे हैं। सोमवार को नेताओं की एक बड़ी आपात शिखर बैठक होगी, जिसमें इस्राइल के खिलाफ संयुक्त प्रतिक्रिया पर चर्चा होगी। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत ने कहा कि, 'अगर ऐसे अपराधों पर चुप्पी साधी गई, तो और बड़े अपराधों का रास्ता खुलेगा।' वहीं इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के महासचिव हुसैन इब्राहिम ताहा ने भी चेताया कि यह हमला पूरे क्षेत्र में युद्ध को भड़काने और अस्थिरता फैलाने की कोशिश है।
हमले पर इस्राइल ने नहीं रखा अपना पक्ष
इस हमले पर इस्राइल ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'दोहा में बैठे हामास के नेता ही युद्ध खत्म होने की सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्हें खत्म करना बंधकों की रिहाई और युद्ध को समाप्त करने के लिए जरूरी है।' इस्राइल का कहना है कि गाजा में अब भी 48 बंधक हैं, जिनमें से 20 के जीवित होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें - US: ट्रंप की विदेशी कंपनियों से अपील, अमेरिका में निवेश के साथ देश के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करें
कतर की भूमिका पर सवाल
कतर लंबे समय से हमास के राजनीतिक नेतृत्व की मेजबानी करता आया है, जो अमेरिका और अन्य देशों के अनुरोध पर बातचीत का माध्यम रहा है। लेकिन हाल के दिनों में इस्राइल की कट्टरपंथी राजनीति में कतर की आलोचना बढ़ी है। नेतन्याहू ने पहले भी संकेत दिए थे कि यदि हमास नेता कतर में रहेंगे, तो कतर भी इस्राइली हमलों का निशाना बन सकता है। सोमवार की आपात बैठक में अरब और मुस्लिम देशों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे एकजुट और निर्णायक रुख अपनाएं, जिससे गाजा युद्ध को रोका जा सके और मध्य पूर्व में शांति बहाल हो।
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'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस्राइल पर करे कार्रवाई'
उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अगर अब भी चुप रहा, तो इस्राइल की आक्रामकता और बढ़ेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि कतर अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर संभव कदम उठाएगा।
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अरब और मुस्लिम देशों की आपात बैठक
इस घटना के बाद अरब और मुस्लिम देशों के विदेश मंत्री रविवार को एकजुट होकर बैठक कर रहे हैं। सोमवार को नेताओं की एक बड़ी आपात शिखर बैठक होगी, जिसमें इस्राइल के खिलाफ संयुक्त प्रतिक्रिया पर चर्चा होगी। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत ने कहा कि, 'अगर ऐसे अपराधों पर चुप्पी साधी गई, तो और बड़े अपराधों का रास्ता खुलेगा।' वहीं इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के महासचिव हुसैन इब्राहिम ताहा ने भी चेताया कि यह हमला पूरे क्षेत्र में युद्ध को भड़काने और अस्थिरता फैलाने की कोशिश है।
हमले पर इस्राइल ने नहीं रखा अपना पक्ष
इस हमले पर इस्राइल ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'दोहा में बैठे हामास के नेता ही युद्ध खत्म होने की सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्हें खत्म करना बंधकों की रिहाई और युद्ध को समाप्त करने के लिए जरूरी है।' इस्राइल का कहना है कि गाजा में अब भी 48 बंधक हैं, जिनमें से 20 के जीवित होने की संभावना है।
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कतर की भूमिका पर सवाल
कतर लंबे समय से हमास के राजनीतिक नेतृत्व की मेजबानी करता आया है, जो अमेरिका और अन्य देशों के अनुरोध पर बातचीत का माध्यम रहा है। लेकिन हाल के दिनों में इस्राइल की कट्टरपंथी राजनीति में कतर की आलोचना बढ़ी है। नेतन्याहू ने पहले भी संकेत दिए थे कि यदि हमास नेता कतर में रहेंगे, तो कतर भी इस्राइली हमलों का निशाना बन सकता है। सोमवार की आपात बैठक में अरब और मुस्लिम देशों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे एकजुट और निर्णायक रुख अपनाएं, जिससे गाजा युद्ध को रोका जा सके और मध्य पूर्व में शांति बहाल हो।