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न तूफान आया, न जलजला और बाइडन बने राष्ट्रपति, धरी रह गईं क्यूएनॉन समर्थकों की सारी भविष्यवाणी
Fri, 22 Jan 2021 01:17 AM IST
कुमार संभव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: कुमार संभव
Updated Fri, 22 Jan 2021 01:17 AM IST
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कैपिटल परिसर में हुई थी हिंसा
- फोटो : PTI
ट्रंप को हराने के लिए सारी बुरी ताकतें एक हो गईं, लेकिन उन्हें कोई हटा नहीं पाएगा। जो बाइडन कभी शपथ नहीं ले पाएंगे, क्योंकि उससे पहले भयानक तूफान आ जाएगा। ये बातें किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि अमेरिका में रहने वाले क्यूएनॉन समर्थकों के विचार थे, जो अब धराशायी हो चुके हैं। दरअसल, जो बाइडन ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है और क्यूएनॉन समर्थकों की सारी भविष्यवाणी धरी की धरी रह गईं। कौन हैं क्यूएनॉन समर्थक और क्या थीं उनकी भविष्यवाणियां, जानते हैं इस रिपोर्ट में...
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कौन हैं क्यूएनॉन समर्थक?
सबसे पहले हम क्यूएनॉन समर्थकों से रूबरू हो लेते हैं। दरअसल, अमेरिका में साल 2017 के दौरान एक आधारहीन कॉन्सपिरेसी सिद्धांत का प्रचार शुरू हुआ, जिसे क्यूएनॉन कहा गया। इसके बाद अमेरिका में क्यूएनॉन समर्थकों के कई समूह सक्रिय हो गए, जिन्हें ट्रंप समर्थक कहा जाने लगा। इन लोगों का दावा था कि ट्रंप को ईश्वर ने इस दुनिया को सुधारने के लिए भेजा है। इन समर्थकों ने बड़े पैमाने पर बच्चों की तस्करी होने का दावा किया। साथ ही, कहा कि सरकारी अधिकारी गुपचुप तरीके से डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे को कमजोर कर रहे हैं।
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ऐसी थीं क्यूएनॉन समर्थकों की भविष्यवाणी
बता दें कि क्यूएनॉन समर्थकों को उस क्षण का इंतजार था, जब ईश्वर की एक बहुत बड़ी योजना अमल में आएगी तो सरकार और हॉलीवुड में ऐसे दिग्गज लोग, जो कथित शैतानी अंगूठी के गुप्त सदस्य है, उनका पर्दाफाश हो जाएगा। और यह सब जो बाइडन के शपथ लेने से पहले हो जाएगा। जैसे ही बाइडन शपथ लेने जाएंगे, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी योजना अमल में आ जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कोई तूफान या जलजला नहीं आया। बाइडन संविधान की शपथ लेने के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए और क्यूएनॉन समर्थकों की एक भी भविष्यवाणी सच नहीं हो सकी।
बाइडन की शपथ के दौरान हुईं ये बातें
गौरतलब है कि जिस वक्त बाइडन शपथ लेने वाले थे, उस दौरान एक लाख 28 हजार क्यूएनॉन समर्थकों वाले टेलीग्राम ग्रुप पर हलचल मची हुई थी। उस वक्त एक समर्थक ने लिखा कि मैं बेहद डरा हुआ हूं। मेरे पेट में तकलीफ हो रही है, लेकिन मेरा विश्वास अब तक कायम है। वहीं, एक अन्य समर्थक ने कहा कि बच्चों के साथ लगातार बुरा बर्ताव हो रहा है। ईश्वर एक पल में सबकुछ बदल देंगे। उस दौरान तीसरे यूजर ने लिखा कि बाइडन अब हमारे राष्ट्रपति हैं। अब वक्त हो गया है कि हम अपनी डिवाइस बंद कर दें और हकीकत में लौट आएं। जो जब होना होगा, वह तब होगा, लेकिन अभी मैं अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट से लॉगआउट हो रहा हूं। काफी मजा आया दोस्तों, लेकिन दुर्भाग्यवश सबकुछ खत्म हो गया।
हिंसा में जुड़ा था क्यूएनॉन समर्थकों का नाम
बता दें कि अमेरिका के कैपिटल हिल में हिंसा के दौरान भी क्यूएनॉन समर्थकों का नाम सामने आया था। इसके बाद ट्विटर ने क्यूएनॉन विचारधारा से संबंधित कंटेंट शेयर करने वाले करीब 70 हजार अकाउंट सस्पेंड कर दिए थे। इनमें ज्यादातर अकाउंट अमेरिकी यूजर्स के थे, जो खुद को ट्रंप समर्थक बताते थे।