France: मैक्रों बोले- समझौते के तहत यूक्रेन में तैनात होगी यूरोप की प्रस्तावित सेना, रूसी हमलों का देगी जवाब
France: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूरोप की प्रस्तावित सेना यूक्रेन में तैनात हो सकती है और रूस के हमले की स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार रहेगी। इस पर चर्चा के लिए पेरिस में गुरुवार को करीब 30 देशों की बैठक होगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को कहा कि यूरोप की प्रस्तावित सेना को शांति समझौते के तहत यूक्रेन में तैनात किया जा सकता है, जो रूस के हमले की स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार रहेगी। मैक्रों ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद यह बयान दिया। पेरिस में गुरुवार को 30 देशों की एक शिखर बैठक होगी, जिसमें इस प्रस्तावित सैन्य बल पर चर्चा होगी।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने क्या कहा
मैक्रों ने कहा, अगर यूक्रेन की जमीन पर फिर से बड़ा हमला होता है, तो ये सेनाएं निशाने पर होंगी और फिर हमारे सामान्य सैन्य प्रतिरोध का सिद्धांत लागू होगा। उन्होंने कहा, जब हमारे सैनिक तैनात किए जाते हैं, तो वे कमांडर इन चीफ के आदेश के अनुसार प्रतिक्रिया देने और स्थिति के अनुसार जवाब देने के लिए तैयार रहते हैं। इस प्रस्तावित सैन्य गठबंधन को 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' (इच्छुक देशों का गठबंधन) कहा जा रहा है, जिसका मतलब है कि ये देश यूक्रेन की मदद करना चाहते हैं। लेकिन पेरिस में जब करीब तीस देश जुटेंगे, तो यह साफ नहीं है कि वे रूस के साथ संघर्ष को रोकने के लिए क्या कदम उठाएंगे।
ये भी पढ़ें: सूडान की सेना का दावा- खार्तूम के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नियंत्रण में लिया, RSF के एक ठिकाने पर भी कब्जा
31 देशों के प्रतिनिधियों की बैठक की मेजबानी करेंगे मैक्रों
मैक्रों इस सैन्य गठबंधन को बनाने के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ काम कर रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति गुरुवार को 31 देशों के प्रतिनिधियों की बैठक की मेजबानी करेंगे। मैक्रों के कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, फरवरी में हुई पहली बैठक में ज्यादा देशों की मौजूदगी दिखाती है कि यह गठबंधन यूक्रेन की मदद के लिए तेजी से मजबूत हो रहा है।
प्रस्तावित सैन्य गठबंधन में शामिल नहीं अमेरिका
खास बात यह है कि इस प्रस्तावित सैन्य गठबंधन में अमेरिका शामिल नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने यूक्रेन में संघर्ष विराम के बाद शांति बनाए रखने के लिए सेना भेजने के विचार पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने एक इंटरव्यू में यूरोप की प्रस्तावित सेना भेजने के विचार को खारिज किया। उन्होंने इसे सिर्फ दिखावा करार दिया और कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। वहीं, यूरोप इस विचार से सहमत नहीं है। उसका मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। 2014 में क्रीमिया पर कब्जे और 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण ने यह साबित कर दिया है।
संबंधित वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.