Pope Francis Health: पोप फ्रांसिस की हालत में सुधार, संतों को उपाधि देने के लिए वेटिकन के राज्य सचिव से की बात
वेटिकन की ओर से मंगलवार को जारी किए गए बुलेटिन में घोषणा की गई थी कि पोप फ्रांसिस ने पांच लोगों को धन्य घोषित करने और दो लोगों को संत बनाने के आदेश को मंजूरी दी। उन्होंने वेटिकन के राज्य सचिव से संतों की उपाधि देने के लिए औपचारिक बैठक की तारीखों पर चर्चा की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फेफड़ों में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती पोप फ्रांसिस की हालत में अब सुधार है। उन्होंने वेटिकन के राज्य सचिव से मुलाकात की। इसमें उन्होंने संतों के लिए नए आदेश को मंजूरी दी। साथ ही उन्हें उपाधि देने के लिए औपचारिक बैठक की तारीखों पर चर्चा की। इससे साफ है कि पोप के अस्पताल में भर्ती होने और उनके स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति के बीच वेटिकन की मशीनरी अपने काम में जुटी है।
वेटिकन की ओर से मंगलवार को जारी किए गए बुलेटिन में घोषणा की गई थी कि पोप फ्रांसिस ने पांच लोगों को धन्य घोषित करने (Beatification- रोमन कैथोलिक चर्च की परंपरा के अनुसार ऐसे मृत लोग जिन्हें पोप संत घोषित करते हैं और उनको सम्मान दिया जाता है) और दो लोगों को संत बनाने (canonisation- रोमन कैथोलिक चर्च की परंपरा के अनुसार संत घोषित करने की आधिकारिक प्रक्रिया) के आदेश को मंजूरी दी। इससे पहले कार्डिनल पिएत्रो पैरोलिन और उनके डिप्टी आर्कबिशप एडगर पेना पारा की मौजूदगी में पोप फ्रांसिस ने भविष्य में संत बनाने (canonisation) के बारे में एक कार्डिनल्स की परिषद (consistory)
बुलाने का फैसला लिया था।
बताया जाता है कि फ्रांसिस जब भी वेटिकन में होते हैं तो ऐसी मुलाकात और फैसले लेते रहते हैं। वे वेटिकन में संत बनाने वाले कार्यालय से ऐसे आदेशों को मंजूरी देते रहते हैं। लेकिन उनकी बीमारी को देखते हुए भविष्य के कार्डिनल्स की परिषद की बैठक बुलाने के पीछे कोई दूरदर्शी सोच थी।
सोमवार को मेडिकल बुलेटिन में कहा गया था कि पोप का इलाज जारी है। अब उनकी किडनी में खराबी के शुरुआती लक्षण नजर आए। बताया गया कि रात में उन्होंने अच्छी नींद ली। सोमवार सुबह भी आराम किया। उन्होंने भोजन भी किया। वह अपने अस्पताल के कमरे से लगातार काम रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को गाजा शहर में पैरिश को फोन भी किया। जिसके साथ वह युद्ध शुरू होने के बाद से संपर्क में हैं। पोप फ्रांसिस (88) को 'ब्रोंकाइटिस' की समस्या के बाद 14 फरवरी को रोम के जेमेली अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था।
युवावस्था में निकाला गया था फेफडे़ का हिस्सा
पोप फ्रांसिस जब जवान थे, तब उनके एक फेफड़े में संक्रमण के कारण उसे हटाना पड़ा था। इस कारण अब उन्हें सांस से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले 2023 में भी उन्हें फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
लोगों ने की प्रार्थना
रविवार को न्यूयॉर्क में कार्डिनल टिमोथी डोलन ने कहा कि ईसाई धर्म के कैथोलिक संप्रदाय के लोग पोप फ्रांसिस की नाजुक हालत के बीच एकजुट हैं। हालांकि रोम में धार्मिक गुरु सार्वजनिक रूप से ऐसा कहने से बचते दिखे। डोलन ने सेंट पैट्रिक कैथेड्रल के मंच से कहा कि हमारे पवित्र पिता पोप फ्रांसिस का स्वास्थ्य बहुत ही नाजुक है और शायद वे मृत्यु शैय्या के करीब हैं। उम्मीद और प्रार्थना है कि फ्रांसिस ठीक हो जाएंगे। फ्रांसिस की स्थिति ने इन अटकलों को फिर से जन्म दे दिया है कि यदि वह अचेत हो गए या किसी अन्य प्रकार से अक्षम हो गए तो क्या होगा और क्या वह इस्तीफा दे देंगे? कि रक्त परीक्षण में उनकी किडनी में खराबी के शुरुआती लक्षण नजर आए, लेकिन यह नियंत्रण में है। शनिवार से उन्हें सांस लेने में कोई और परेशानी नहीं हुई है। उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही है। रविवार को उन्होंने प्रार्थना सभा में भाग लिया। साथ ही लोगों से बात भी की।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.