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Pakistan Air Pollution: दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना लाहौर, सांस लेना मुश्किल; खतरनाक हुआ एक्यूआई
Sun, 16 Nov 2025 02:28 AM IST
लव गौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: लव गौर
Updated Sun, 16 Nov 2025 02:28 AM IST
सार
Pakistan Air Pollution: पाकिस्तान का लाहौर शहर शनिवार (15 नवंबर) को दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
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पाकिस्तान में वायु प्रदूषण का कहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पड़ोसी देश पाकिस्तान का शहर लाहौर दमघोंटू हवा में डूबा हुआ है। जहां सांस लेना भी मुश्किल बना है। लाहौर की हवा जहरीली हो चुकी है। जिसका सीधा बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में शनिवार (15 नवंबर) को पाकिस्तान का लाहौर शहर दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
एआरवाई न्यूज के मुताबिक एक्यूआई 396 दर्ज किया गया है। इसी के साथ पाकिस्तान के पंजाब के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब प्रांत के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक स्तर पर बनी हुई है।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि फैसलाबाद पाकिस्तान का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 571 दर्ज किया गया, जबकि गुजरांवाला 570 पार्टिकुलेट मैटर के स्तर के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। लाहौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 396 रहा, जबकि मुल्तान का एक्यूआई सूचकांक 257 रहा है।
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हर सर्दियों में बिगड़ती है हालात
पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी सर्दियों के प्रारंभ में पंजाब प्रांत में स्मॉग और वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कम तापमान, फॉग, वाहनों का धुआं और कृषि अवशेष जलाने से हवा में प्रदूषक तत्वों का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। लाहौर में एक समय लाहौर की हवा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्वच्छ माने जाने वाले स्तर से 80 गुना अधिक प्रदूषित दर्ज की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट में बताया कि सरकार ने आम जनता को जहरीले प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए स्कूल बंद कर दिए। वहीं खाने-पीने की जगहों और बाजारों के समय पर पाबंदियां लगाईं। साथ ही लोगों को बाहर कम निकलने की सलाह दी। अधिकारियों ने नागरिकों से बाहर जाते समय मास्क पहनने, घरों की खिड़कियां बंद रखने और एयर प्यूरीफायर के इस्तेमाल की अपील की।
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एआरवाई न्यूज के मुताबिक एक्यूआई 396 दर्ज किया गया है। इसी के साथ पाकिस्तान के पंजाब के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब प्रांत के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक स्तर पर बनी हुई है।
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रिपोर्ट में आगे बताया गया कि फैसलाबाद पाकिस्तान का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 571 दर्ज किया गया, जबकि गुजरांवाला 570 पार्टिकुलेट मैटर के स्तर के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। लाहौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 396 रहा, जबकि मुल्तान का एक्यूआई सूचकांक 257 रहा है।
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हर सर्दियों में बिगड़ती है हालात
पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी सर्दियों के प्रारंभ में पंजाब प्रांत में स्मॉग और वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कम तापमान, फॉग, वाहनों का धुआं और कृषि अवशेष जलाने से हवा में प्रदूषक तत्वों का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। लाहौर में एक समय लाहौर की हवा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्वच्छ माने जाने वाले स्तर से 80 गुना अधिक प्रदूषित दर्ज की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट में बताया कि सरकार ने आम जनता को जहरीले प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए स्कूल बंद कर दिए। वहीं खाने-पीने की जगहों और बाजारों के समय पर पाबंदियां लगाईं। साथ ही लोगों को बाहर कम निकलने की सलाह दी। अधिकारियों ने नागरिकों से बाहर जाते समय मास्क पहनने, घरों की खिड़कियां बंद रखने और एयर प्यूरीफायर के इस्तेमाल की अपील की।