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Germany: चुनाव से पहले जर्मनी में सियासी बवाल; दक्षिणपंथी एएफडी का विरोध, 'नाजी' और 'भीड़' पर छिड़ा घमासान
Sun, 12 Jan 2025 08:08 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रीसा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रीसा
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 12 Jan 2025 08:08 AM IST
सार
जर्मनी के पूर्वी शहर रीसा में हुई एएफडी की बैठक में 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने आम चुनाव के लिए पार्टी की सह नेता एलिस वीडेन को चांसलर पद का उम्मीदवार चुना। वहीं कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शनकारियों ने विरोध में नारे लगाए। इसके चलते बैठक दो घंटे की देरी से शुरू हो सकी।
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एएफडी की नेता एलिस वीडेल।
- फोटो : एक्स/@Alice_Weidel
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विस्तार
जर्मनी में अगले महीने होने वाले आम चुनाव से पहले सियासी बवाल मचा हुआ है। चुनाव को लेकर दक्षिणपंथी राजनीतिक दल 'आल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को हजारों प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे और दक्षिणपंथी पार्टी के विरोध में नाजियों को ना के नारे लगाए। इसे लेकर एएफडी के नेता वीडेल ने प्रदर्शनकारियों को वामपंथी भीड़ और लाल रंग से रंगे नाजी बताया।
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जर्मनी के पूर्वी शहर रीसा में हुई एएफडी की बैठक में 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने आम चुनाव के लिए पार्टी की सह नेता एलिस वीडेन को चांसलर पद का उम्मीदवार चुना। वहीं कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शनकारियों ने विरोध में नारे लगाए। इसके चलते बैठक दो घंटे की देरी से शुरू हो सकी।
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कार्यक्रम में वीडेल ने बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों की निंदा की और उन्होंने लेफ्ट की भीड़ और लाल रंग से रंगे नाजी करार दिया। साथ ही उन्होंने जर्मनी के भविष्य की योजना पेश की। वीडेल ने कहा कि एएफडी की सरकार बनने पर पहले 100 दिनों में जर्मनी की सीमाएं पूरी तरह से बंद की जाएगीं। इस दौरान बिना दस्तावेज यात्रा करने वालों को देश से वापस भेज दिया जाएगा। साथ ही अन्य लोगों को वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे पुन: प्रवासन कहा जाएगा।
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इसके अलावा वीडेल ने परमाणु ऊर्जा की ओर वापसी और अधिक कोयला बिजलीघरों की स्थापना के साथ-साथ ही रूसी गैस के लिए नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइनों को शुरू करने पर जोर दिया। वीडेल ने नवीकरणीय ऊर्जा के प्रयासों को बढ़ावा देने पर भी हमला किया। उन्होंने पवन टर्बाइनों को गिराने का भी वादा किया। वीडेल ने क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन और सीएसयू को धोखेबाजों की पार्टी कहा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य उनसे आगे निकलना है।
सर्वे में दूसरे स्थान पर है एएफडी
जर्मनी में अगले महीने होने वाले आम चुनाव के सर्वेक्षण में दक्षिणपंथी एएफडी जनमत सर्वे में दूसरे स्थान पर है। उसे 20 प्रतिशत लोगों का समर्थन है। जबकि पार्टी ने 22 प्रतिशत समर्थन मिलने की बात कही है। जबकि सर्वे में क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) 31 फीसद के साथ आगे है। इसके अलावा जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज की सोशल डेमाक्रेट्स 15 से 14 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है।
नाजियों को ना के लगे नारे
बैठक के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नाजियों को ना के नारे लगाए। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की संख्या आठ हजार थी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह एक ऐसी पार्टी का विरोध करना चाहती थीं जो बहिष्कार, भेदभाव और घृणा का प्रतिनिधित्व करती है। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने एएफडी को जर्मनी के लिए निर्दयी पतन कहा। इससे पहले शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस घेरा तोड़ने की कोशिश की थी और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हिंसा और मिर्च स्प्रे का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि छह अधिकारियों को मामूली चोटें आईं हैं। पुलिस ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है।