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Nobel Peace Prize 2021: मारिया से कुछ लोगों को थी नफरत, हर एक घंटे में फेसबुक पर मिलती थी दुष्कर्म- हत्या की 90 धमकियां
Fri, 08 Oct 2021 06:31 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Fri, 08 Oct 2021 06:31 PM IST
सार
फिलीपींस की खोजपरक पत्रकार मारिया रेसा को अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता की रक्षा के लिए किए गए प्रयासों के कारण नोबेल शांति पुरस्कार मिला है। उन्हें यह पुरस्कार संयुक्त रूप से रूस के दिमित्री मुराटोव के साथ दिया गया है। पिछले दो सालों में रेसा के खिलाफ दस गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। उन्हें 2019 में दो बार गिरफ्तार किया गया था।
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Nobel Peace Prize 2021 की विजेता फिलीपींस की खोजपरक पत्रकार मारिया रेसा
- फोटो : Twitter : @NobelPrize
विस्तार
58 वर्षीय मारिया रेसा को जब यह खबर मिली कि उन्हें नोबल शांति पुरस्कार मिला है तो उन्होंने एक न्यूज एजेंसी को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा ‘मैं हैरान हूं’। उन्हें पिछले साल ही एक हाई-प्रोफाइल मामले में ‘ऑनलाइन निंदात्मक लेखन’ का दोषी पाया गया था, जिससे दक्षिण पूर्व एशियाई देश में प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता जताई गई थी। एक व्यवसायी ने 2012 में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
कई लोगों का मानना था कि ऐसा रेसा और उनकी न्यूज साइट रैपर को फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के नशीले पदार्थों की उनकी नीतियों पर खोजी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर उनकी व्यापक रिपोर्टिंग के लिए ऐसा किया गया था। उनकी साइट ने नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हत्याओं पर खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
मारिया रेसा न्यूज साइट रैपर की सह-संस्थापक हैं। इस वेबसाइट की शुरूआत 2012 में हुई थी। साइट के फेसबुक पर 4.5 मिलियन फॉलोवर्स हैं। मारिया को तीक्ष्ण और सूक्ष्म विश्लेषण के लिए जाना जाता है। रैपर फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते और उनकी नीतियों की खुले तौर पर आलोचना करने वाले कुछ फिलीपीन मीडिया संगठनों में से एक है।
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दुतेर्ते की नीतियों के खिलाफ उठाई आवाज
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रैपर खास तौर पर मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर लोगों को बिना कानूनी कार्रवाई के मार डालने की दुतेर्ते की नीतियों का पुरजोर विरोध करता रहा है। इसके अलावा मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी इस न्यूज साइट पर कई आलोचनात्मक समाचार प्रकाशित किए हैं। मारिया रेसा ने व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया पर सरकारी प्रचार प्रसार पर रिपोर्ट तैयार की है। इस वजह से उन्हें कई कानूनी मामलों और ऑनलाइन घृणा का सामना करना पड़ा।
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कई लोगों का मानना था कि ऐसा रेसा और उनकी न्यूज साइट रैपर को फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के नशीले पदार्थों की उनकी नीतियों पर खोजी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर उनकी व्यापक रिपोर्टिंग के लिए ऐसा किया गया था। उनकी साइट ने नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हत्याओं पर खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
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मारिया रेसा न्यूज साइट रैपर की सह-संस्थापक हैं। इस वेबसाइट की शुरूआत 2012 में हुई थी। साइट के फेसबुक पर 4.5 मिलियन फॉलोवर्स हैं। मारिया को तीक्ष्ण और सूक्ष्म विश्लेषण के लिए जाना जाता है। रैपर फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते और उनकी नीतियों की खुले तौर पर आलोचना करने वाले कुछ फिलीपीन मीडिया संगठनों में से एक है।
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दुतेर्ते की नीतियों के खिलाफ उठाई आवाज
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रैपर खास तौर पर मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर लोगों को बिना कानूनी कार्रवाई के मार डालने की दुतेर्ते की नीतियों का पुरजोर विरोध करता रहा है। इसके अलावा मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी इस न्यूज साइट पर कई आलोचनात्मक समाचार प्रकाशित किए हैं। मारिया रेसा ने व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया पर सरकारी प्रचार प्रसार पर रिपोर्ट तैयार की है। इस वजह से उन्हें कई कानूनी मामलों और ऑनलाइन घृणा का सामना करना पड़ा।
मारिया रेसा और दिमित्री मुराटोव को नोबेल शांति पुरस्कार
- फोटो : Self
उन्हें अपने पेशे में कारण कई मामलों में गिरफ्तार भी किया गया है। वे 2016-2021 के दौरान ऑनलाइन दुर्व्यवहार का खूब शिकार हुई हैं और उन्हें लगातार धमकियां भी मिलीं। एक समय ऐसा आया कि उन्हें फेसबुक पर एक घंटे में औसतन 90 से अधिक घृणित लिंग आधारित संदेश प्राप्त हुए। उनका कहना है कि यह सभी मामले राजनीति से प्रेरित हैं।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड और रैपर के बीच एक साझेदारी वाले प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2016 से 2021 की इस पांच साल की अवधि के दौरान पत्रकारिता की इस आइकन को बदनाम करने और पत्रकारिता की तथ्यों से जनता का विश्वास तोड़ने के लिए उन पर तीव्र और क्रूर ऑनलाइन हमले किए गए। उन्हें जान से मारने और रेप की धमकी दी गई। उन पर नस्लवादी और स्त्री द्वेषपूर्ण दुर्व्यवहार किए गए और मीम्स बनाए गए। जिससे उनकी जान जोखिम में बन आई और उनके दशकों तक जेल में रहने की आशंका बन गई।
टाइम मैगजीन पर्सन ऑफ द ईयर भी नामित
तीस से अधिक वर्षों के करियर में, रेसा ने एशिया के लिए सीएनएन के प्रमुख खोजी रिपोर्टर और एबीएस-सीबीएन न्यूज और करंट अफेयर्स के प्रमुख के तौर पर काम किया है। वह प्रेस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पहलों में भी शामिल रही हैं। ऑनलाइन धमकियों से लड़ने के लिए उन्हें 2018 में टाइम मैगजीन पर्सन ऑफ़ द ईयर भी नामित किया गया जिसके बाद फिलीपींस में मीडिया उत्पीड़न और प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में अंतरराष्ट्रीय चिंता जताई गई।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड और रैपर के बीच एक साझेदारी वाले प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2016 से 2021 की इस पांच साल की अवधि के दौरान पत्रकारिता की इस आइकन को बदनाम करने और पत्रकारिता की तथ्यों से जनता का विश्वास तोड़ने के लिए उन पर तीव्र और क्रूर ऑनलाइन हमले किए गए। उन्हें जान से मारने और रेप की धमकी दी गई। उन पर नस्लवादी और स्त्री द्वेषपूर्ण दुर्व्यवहार किए गए और मीम्स बनाए गए। जिससे उनकी जान जोखिम में बन आई और उनके दशकों तक जेल में रहने की आशंका बन गई।
टाइम मैगजीन पर्सन ऑफ द ईयर भी नामित
तीस से अधिक वर्षों के करियर में, रेसा ने एशिया के लिए सीएनएन के प्रमुख खोजी रिपोर्टर और एबीएस-सीबीएन न्यूज और करंट अफेयर्स के प्रमुख के तौर पर काम किया है। वह प्रेस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पहलों में भी शामिल रही हैं। ऑनलाइन धमकियों से लड़ने के लिए उन्हें 2018 में टाइम मैगजीन पर्सन ऑफ़ द ईयर भी नामित किया गया जिसके बाद फिलीपींस में मीडिया उत्पीड़न और प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में अंतरराष्ट्रीय चिंता जताई गई।
शांति के नोबेल के लिए इस बार दो पत्रकारों के नाम चुने गए।
- फोटो : Social Media
यूनेस्को का पुरस्कार लेने नहीं जा सकी थीं
रेसा को इसी साल मई में यूनेस्को/गिलर्मो कैनो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज भी मिल चुका है। लेकिन वे यह पुरस्कार लेने नहीं जा सकी थीं। उन्होंने सम्मान समारोह के अपने संदेश में कहा था कि सरकार ने उनके खिलाफ कानूनी मामले लाद दिए हैं जिसकी वजह से अदालतों ने फिलीपींस से बाहर यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा था अगर आपको शक्तिशाली महसूस कराने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं, तो आप शक्तिशाली नहीं हैं आप केवल छोटे हैं।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस मौके पर उन्होंने उन्होंने फेसबुक जैसे सिलिकॉन वैली के दिग्गज टेक कंपनियों को प्रचार मशीन के तौर पर काम करने को लेकर उसकी जबरदस्त आलोचना भी की थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' की क्रूर नीतियों और सुरक्षाबलों के अत्याचारों को लेकर रैपर ने कई खोजी रिपोर्टें प्रकाशित की थी जिसकी वजह से उनके खिलाफ अपमानजनक ऑनलाइन अभियान चलाए गए जिसे अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों ने बढ़ावा दिया था।
उन्होंने कहा कि बड़े डेटा विश्लेषण के आधार पर, हमने उनके बारे में भी रिपोर्ट छापी जो हमारे साथ ऑनलाइन अपमानजनक व्यवहार कर रहे थे, सच्चाई बताने वालों को निशाना बना रहे थे और हम पर हमला कर रहे थे। रेसा ने दावा किया कि पांच साल पहले जब रैपर ने पहली बार दुतेर्ते के ड्रग युद्ध और फेसबुक के खिलाफ लिखा था तब से स्थिति बिगड़ गई। आज यह बदतर हो गई है।
रेसा को इसी साल मई में यूनेस्को/गिलर्मो कैनो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज भी मिल चुका है। लेकिन वे यह पुरस्कार लेने नहीं जा सकी थीं। उन्होंने सम्मान समारोह के अपने संदेश में कहा था कि सरकार ने उनके खिलाफ कानूनी मामले लाद दिए हैं जिसकी वजह से अदालतों ने फिलीपींस से बाहर यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा था अगर आपको शक्तिशाली महसूस कराने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं, तो आप शक्तिशाली नहीं हैं आप केवल छोटे हैं।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस मौके पर उन्होंने उन्होंने फेसबुक जैसे सिलिकॉन वैली के दिग्गज टेक कंपनियों को प्रचार मशीन के तौर पर काम करने को लेकर उसकी जबरदस्त आलोचना भी की थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' की क्रूर नीतियों और सुरक्षाबलों के अत्याचारों को लेकर रैपर ने कई खोजी रिपोर्टें प्रकाशित की थी जिसकी वजह से उनके खिलाफ अपमानजनक ऑनलाइन अभियान चलाए गए जिसे अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों ने बढ़ावा दिया था।
उन्होंने कहा कि बड़े डेटा विश्लेषण के आधार पर, हमने उनके बारे में भी रिपोर्ट छापी जो हमारे साथ ऑनलाइन अपमानजनक व्यवहार कर रहे थे, सच्चाई बताने वालों को निशाना बना रहे थे और हम पर हमला कर रहे थे। रेसा ने दावा किया कि पांच साल पहले जब रैपर ने पहली बार दुतेर्ते के ड्रग युद्ध और फेसबुक के खिलाफ लिखा था तब से स्थिति बिगड़ गई। आज यह बदतर हो गई है।