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इंडोनेशिया में यात्री नाव डूबी: एक की मौत, 23 लापता, खराब मौसम के बीच बचाव अभियान जारी; सरकार ने क्या कहा?
Thu, 16 Jul 2026 07:34 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पालु (इंडोनेशिया)।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पालु (इंडोनेशिया)।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:34 PM IST
सार
इंडोनेशिया में यात्रियों से भरी नाव डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 23 लोग लापता हैं। नाव में 70 लोग सवार थे, जिनमें से 46 को बचा लिया गया है। खराब मौसम के बीच बाकी लोगों की तलाश जारी है। पढ़िए रिपोर्ट-
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नाव दुर्घटना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
इंडोनेशिया में एक यात्री नाव के डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 23 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
केएम नुरुल साल्सा नाम की नाव बुधवार सुबह जाम्पेआ द्वीप के बंदरगाह से रवाना हुई थी। इस नाव में 70 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इसके अलावा, नाव में सूखा नारियल, मवेशी और मोटरसाइकिल भी ले जाई जा रही थीं।
हादसा कैसे हुआ?
अधिकारियों को बुधवार दोपहर जानकारी मिली कि नाव का इंजन खराब हो गया है और वह अपने गंतव्य बंदरगाह से करीब 43 समुद्री मील (79 किलोमीटर) दूर डूब रही है। यह जगह दक्षिण सुलावेसी प्रांत के सेलयार द्वीप समूह के पास थी।
बचाव अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
ये भी पढ़ें: जेलेंस्की ने सरकार में बड़ा फेरबदल क्यों किया?: नए PM बने सेरही कोरेत्स्की, रक्षा मंत्री को हटाने पर प्रदर्शन
क्यों होती हैं नाव दुर्घटनाएं?
इंडोनेशिया में यात्री नावें आम परिवहन का एक प्रमुख साधन हैं। यह देश 17 हजार से ज्यादा द्वीपों का समूह है। यहां सुरक्षा नियमों में ढिलाई और नावों में क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
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केएम नुरुल साल्सा नाम की नाव बुधवार सुबह जाम्पेआ द्वीप के बंदरगाह से रवाना हुई थी। इस नाव में 70 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इसके अलावा, नाव में सूखा नारियल, मवेशी और मोटरसाइकिल भी ले जाई जा रही थीं।
हादसा कैसे हुआ?
अधिकारियों को बुधवार दोपहर जानकारी मिली कि नाव का इंजन खराब हो गया है और वह अपने गंतव्य बंदरगाह से करीब 43 समुद्री मील (79 किलोमीटर) दूर डूब रही है। यह जगह दक्षिण सुलावेसी प्रांत के सेलयार द्वीप समूह के पास थी।
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बचाव अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
- मकासर खोज और बचाव कार्यालय के प्रमुख मुहम्मद आरिफ अनवर ने बताया कि बचाव दल ने 46 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। गुरुवार को 23 लापता यात्रियों की तलाश जारी थी।
- उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में परेशानी आ रही है।
- अनवर ने कहा, सबसे बड़ी चुनौती मौसम है। तलाश वाली जगह पर 2 से 2.5 मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं। तेज हवाएं भी चल रही हैं। यही सबसे बड़ी परेशानी है।
- बचाव अभियान में इंडोनेशिया की सेना, पुलिस, मछुआरों और स्थानीय लोगों के दल शामिल हैं।
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क्यों होती हैं नाव दुर्घटनाएं?
इंडोनेशिया में यात्री नावें आम परिवहन का एक प्रमुख साधन हैं। यह देश 17 हजार से ज्यादा द्वीपों का समूह है। यहां सुरक्षा नियमों में ढिलाई और नावों में क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।