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पंचायतों को आइलैंड, देवताओं और शहीदों के नाम पसंद आ रहे, गांव के नाम बदलने का ट्रेंड शुरू
Sun, 18 Oct 2020 07:42 PM IST
दीप्ति मिश्रा
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 18 Oct 2020 07:42 PM IST
सार
- तीन साल में नाम बदलने के लिए 67 आवेदन मिले
- इनमें से 52 प्रस्तावों पर राज्यों अनापत्ति जारी की गई
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बदलते दौर में गांवों के नामों में भी परिवर्तन किया जाने लगा है। ग्राम पंचायतों को प्राचीन नामों की जगह अब मॉडर्न ट्रेंड की झलक वाले नाम, आइलैंड, देवताओं और शहीदों के नाम पसंद आ रहे हैं। गांव के नए नामों में आइलैंड, वोनथोई, सनफुरे, फेविमा, सीता राम जी का खेड़ा, देवग्राम, राधेनगर, दुर्गानगर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आइलैंड, शहीद ओमप्रकाश नगर और शहीद धर्मराम नगर आदि शामिल हैं।
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इस कारण बदले जा रहे नाम :
कुछ गांवों के नाम इस कारण बदले गए हैं, जिन्हें बोलने में संकोच या झिझक महसूस हो रही थी। जैसे — बिहार के गांव 'नचनियां' का नाम बदलकर 'काशीपुरी' कर दिया गया।देश में पिछले तीन साल के दौरान शहर, कस्बा और गांव के नाम में परिवर्तन के लिए 67 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 52 प्रस्तावों को संबंधित राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्रों द्वारा अनापत्ति जारी कर दी गई है।
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पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव मिला :
केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय के अनुसार, पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'बांग्ला' करने के लिए एक प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास आया था, जिसे अभी मंजूरी नहीं दी गई है, इसकी वजह नाम बदलने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता बताई गई है।
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गत तीन वर्षों के दौरान जो नाम बदले गए हैं, उनमें आंध्रप्रदेश के शहर राजामुंदरी का नाम बदलकर राजा महेंद्रवरम कर दिया गया है। गुजरात के गांव धेधसाना का नाम भरतपुर रख दिया गया है।ओडिशा के गांव आउटर व्हीलर का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड रख दिया गया है।इसी तरह गांव बिलुंग को रंगबती बिलुंग बनाने का प्रस्ताव लंबित है।
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के नाम बदले :
यहां के रॉस आइलैंड, नील आइलैंड और हैवलॉक आइलैंड का नाम अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस आइलैंड, शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप रख दिया गया है।
हरियाणा में इन गांवों का नाम बदला :
गांव किन्नर को गाइबी नगर बना दिया गया है।गांव चमधेरा का नाम देवनगर रखा गया है। गांव चमर खेड़ा को सुंदर खेड़ा करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।खिजराबाद को प्रतापनगर, लूला अहीर को कृष्ण नगर, खिजराबाद को प्रताप नगर, लनदोरा को जयरामपुर, अमीन को अभिमन्युपुर और गेंडा खेड़ा का नाम अब गुरुकुल खेड़ा कर दिया गया है।जलालुदीन माजरा को केशवनगर बनाने का प्रस्ताव लंबित हैं।गांव गढ़ी सांपला को चौधरी सर छोटू राम नगर बना दिया गया है। इस्लामगढ़ को छूछकवास बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
झारखंड:
नगर उतनरी का नाम अब श्री बंशीधर नगर रख दिया गया है।प्रखंड अंचल थाना करमाटंड विद्यासागर को ईश्वर चंद विद्यासागर बना दिया गया है।
केरल:
गांव कल्लूर वडक्कुम मुरी को काडूकुट्टी कहा जाता है।गांव पल्लीक्कारा का नाम बदलकर कोट्टीकुलम रखा गया है।अयरुर गांव के एक क्षेत्र अयरुर कारा को अयरुर कथकली ग्राम बनाने के प्रस्ताव को अभी मंजूरी नहीं मिली है।
मध्य प्रदेश:
गांव भूसरी को दुर्गा नगर, गांव शाहपुरा को शहीद ओमप्रकाश नगर, गांव नकली को नयनपुर, गांव रासुइया भाटन को राधेनगर, नगर पंचायतन बीर सिंह पुरपाली को मां वीरसिनी धाम और गांव दुर्जनपुर को अब शिवधाम कहा जाता है।
महाराष्ट्र:
ठुगांवदेव को देवग्राम, लंदगेवडी को नरसिंहगांव व गोदवाड़ी का नाम पश्चिम उम्बराज कर दिया गया है।गुंडेवाड़ी ताल खाटव का नाम बदलकर मराठानगर करने का प्रस्ताव अभी लंबित है।
नगालैंड:
गांव समफुर को सनफुरे बना दिया गया है। कचारीगांव को फेविमा करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।ओल्ड मांगखी को मुंगनख्यून और वानसोई को वोनथोई कहा जाता है।
राजस्थान:
गांव महमूदगंज को महादेवपुरा, भाट माडरा को राव मादरा, भीलासर को शहीद धर्मराम नगर और रुंध झामुबास व चोर बसई को दौलतपुर एवं बसई कहा जाता है। इस्माइलपुर को पिचनवां खुर्द, मियों का बाड़ा को महेश नगर, नरपाड़ा को नरपुरा, चोर बावड़ी को विजय बावड़ी, और सलेमाबाद को श्रीनिम्बर्क तीर्थ कहा जाता है।
उत्तर प्रदेश:
गांव शुक्रताल खादर को शुकतीर्थ खादर, शुक्रताल बांगर को शुकतीर्थ बांगर कहा जाता है।साधा परगना हसनगंज को दामोदर नगर करने और गांव सरकदा खास को सरकदा बिश्नोई करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।