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US: अमेरिका में फलस्तीनी एजेंसी UNRWA पर अब चल सकता है मुकदमा, ट्रंप प्रशासन ने बदली वर्षों पुरानी नीति

Sat, 26 Apr 2025 12:40 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 26 Apr 2025 12:40 AM IST
सार

अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र की फलस्तीनी शरणार्थी सहायता एजेंसी (UNRWA) की मुश्किलें बढ़ गई है। जहां ट्रंप प्रशासन ने अपनी पुरानी नीति में बदलाव करते हुए ये फैसला किया है कि अब यूएनआरडब्लूए पर अमेरिका में केस चल सकता है। साथ ही अगर एजेंसी पर गंभीर आरोप हैं, तो कोर्ट में उसका जवाब देना होगा।

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Palestinian agency UNRWA can now be sued in the US, Trump administration News In Hindi
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र की फलस्तीनी शरणार्थी सहायता एजेंसी (यूएनआरडब्लूए) को लेकर अपनी वर्षों पुरानी नीति में बड़ा बदलाव किया है, जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने फैसला किया है कि अब यूएनआरडब्लूए पर अमेरिका में केस चल सकता है। मामले में पहले अमेरिका का कहना था कि यूएनआरडब्लूए संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा है, इसलिए उस पर कोई केस नहीं चल सकता। लेकिन अब सरकार ने अपना मन बदल लिया है। साथ ही कहा है कि अगर एजेंसी पर गंभीर आरोप हैं, तो कोर्ट में उसका जवाब देना होगा।

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बता दें कि यह जानकारी अमेरिका के न्याय विभाग ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में दाखिल 10-पन्नों के पत्र के जरिए दी। बात अब एजेंसी पर लगे आरोपों की करें तो यह केस उन लोगों ने किया है जिनके परिवार 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इस्राइल पर हमले में मारे गए थे। पीड़ित परिवारों का कहना है कि यूएनआरडब्लूए ने हमास की मदद की थी – जैसे कि अपने स्कूलों और अस्पतालों में हथियार रखने दिए, और हमास के लोगों को नौकरी दी।
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यूएनआरडब्लूए ने आरोपों का किया खंडन

सुनवाई के दौरान यूएनआरडब्लूए के वकीलों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बेतुका बताया। साथ ही कहा कि यह एजेंसी संयुक्त राष्ट्र का एक सहायक अंग है और उसे कानूनी कार्रवाई से छूट मिलनी चाहिए। हालांकि अब अमेरिकी न्याय विभाग ने साफ कर दिया है कि यूएनआरडब्लूए को इस मामले में छूट नहीं मिलेगी और उसे अदालत में जवाब देना होगा।

यूएनआरडब्लूए के प्रवक्ता ने जताई हैरानी
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से यूएनआरडब्लूए की प्रवक्ता जूलियट टौमा ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की वर्षों पुरानी नीति से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि एजेंसी अब अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी और अगली कार्रवाई पर विचार करेगी।

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क्या है यूएनआरडब्लूए, समझिए
गौरतलब है कि यूएनआरडब्लूए की स्थापना 1949 में की गई थी, ताकि 1948 के अरब-इस्राइल युद्ध के दौरान विस्थापित फलीस्तीनियों को राहत दी जा सके। आज यह एजेंसी गाजा, वेस्ट बैंक, सीरिया, लेबनान और जॉर्डन में लाखों लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सेवाएं दे रही है।

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