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पाकिस्तानियों को कश्मीर नहीं महंगाई और बेरोजगारी की सता रही चिंता: सर्वे
Fri, 01 Nov 2019 06:38 PM IST
अमित मंडल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Fri, 01 Nov 2019 06:38 PM IST
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पाकिस्तान
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भले ही पाकिस्तान कश्मीर के मामले पर भारत से लगातार युद्ध का राग अलाप रहा हो, लेकिन यहां की जनता की प्राथमिकता कुछ और ही है। पाकिस्तान की जनता को कश्मीर की नहीं बल्कि सबसे ज्यादा चिंता आसमान छूती महंगाई और बेरोजगारी की सता रही है। गलप इंटरनेशनल ने आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के सभी चार प्रांतों में एक सर्वेक्षण करवाया है जिसमें यह नतीजा निकला है।
‘गलप एंड गिलानी पाकिस्तान’ की ओर से किया गया यह सर्वे मंगलवार को प्रकाशित हुआ। इसके मुताबिक, सर्वे में शामिल 53 फीसदी लोगों का मानना है कि देश के सामने सबसे बड़ी समस्या अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, महंगाई के बाद 23 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी, चार फीसदी ने भ्रष्टाचार और चार फीसदी ने जल संकट को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
पाकिस्तान सरकार जहां कश्मीर मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ले जाने और भारत के साथ जंग की बात करने से नहीं चूक रही, वहीं सर्वे में शामिल लोगों में से महज आठ फीसदी ने कश्मीर को अहम मुद्दा माना।
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इस सर्वे में लोगों ने राजनीतिक अस्थिरता, बिजली का संकट, डेंगू जैसे मुद्दों का भी नाम लिया। सर्वे में बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध के लोगों को शामिल किया गया था।
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‘गलप एंड गिलानी पाकिस्तान’ की ओर से किया गया यह सर्वे मंगलवार को प्रकाशित हुआ। इसके मुताबिक, सर्वे में शामिल 53 फीसदी लोगों का मानना है कि देश के सामने सबसे बड़ी समस्या अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई है।
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सर्वेक्षण के मुताबिक, महंगाई के बाद 23 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी, चार फीसदी ने भ्रष्टाचार और चार फीसदी ने जल संकट को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
पाकिस्तान सरकार जहां कश्मीर मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ले जाने और भारत के साथ जंग की बात करने से नहीं चूक रही, वहीं सर्वे में शामिल लोगों में से महज आठ फीसदी ने कश्मीर को अहम मुद्दा माना।
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इस सर्वे में लोगों ने राजनीतिक अस्थिरता, बिजली का संकट, डेंगू जैसे मुद्दों का भी नाम लिया। सर्वे में बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध के लोगों को शामिल किया गया था।