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चीन में 45 साल बाद पहली बार प्रदर्शित होगी पाकिस्तानी फिल्म
Fri, 13 Nov 2020 02:04 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 13 Nov 2020 02:04 AM IST
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पाकिस्तानी फिल्म 'परवाज है जुनून’
- फोटो : twitter
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चीन में चार दशक से भी अधिक समय बाद पाकिस्तान की कोई फिल्म रिलीज होगी। सैन्य कार्रवाई पर आधारित इस फिल्म में चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान जेएफ-17 की फ्रांस में निर्मित मिराज 2000 से तुलना को दिखाया गया है।
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चीन के सरकारी मीडिया संस्थान 'ग्लोबल टाइम्स' की एक खबर में बृहस्पतिवार को बताया गया कि फिल्म 'परवाज है जुनून’ 45 साल बाद चीन में रिलीज होने वाली पाकिस्तान की पहली फिल्म है'। यह साल 2018 में आई थी। इसका निर्देशन हसीब हसन ने किया है ।
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शुक्रवार को रिलीज होने जा रही इस फिल्म में मुख्य रूप से पाकिस्तान और चीन के बीच सैन्य सहयोग को दर्शाया गया है। फिल्म में कई चुनौतियों और बाधाओं के पार करने के बाद पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान पायलट बनने की दो युवाओं की कहानी बयां की गई है।
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फिल्म में चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान जेएफ-17 को भी दिखाया गया है। खबर के अनुसार फिल्म में पाकिस्तान वायुसेना अकादमी में एक छात्र कहता है कि जेएफ-17 विमान की उड़ान और विश्वसनीयता फ्रांस में निर्मित मिराज 2000 के मुकाबले काफी बेहतर है। इस पर अध्यापक छात्र को शाबाशी देता है।
खबर में कहा गया है कि फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल होने आए ज्यादातर लोगों ने कभी पाकिस्तानी फिल्म नहीं देखी थी। फिल्म की स्क्रीनिंग में शरीक हुए चीन में पाकिस्तान के राजदूत मोइन-उल-हक ने दर्शकों से कहा कि और पाकिस्तानी फिल्मों और टीवी धारावाहिकों को चीन लाया जाएगा ताकि चीन के लोग पाकिस्तान की संस्कृति को बेहतर तरीके से समझ सकें।
चीन में भारतीय फिल्मों का बोलबाला काफी पहले से रहा है। वर्ष 1956 में आई राजकपूर की फिल्म 'आवारा' चीनी दर्शकों पर काफी गहरी छाप छोड़ी थी। हाल के कुछ साल में चीन में भारतीय फिल्मों का चलन और बढ़ गया है। आमिर खान की फिल्मों 'थ्री इडियट्स' और 'सीक्रेट सुपरस्टार' ने उन्हें चीन में घर-घर में पहचान दिलाई। इसके अलावा इन फिल्मों ने चीन में काफी कमाई भी की।