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भारतीय एयर स्ट्राइक के एक महीने बाद पाकिस्तानी सेना पत्रकारों की टीम को बालाकोट ले गई
Fri, 29 Mar 2019 10:49 PM IST
संदीप भट्ट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदीप भट्ट
Updated Fri, 29 Mar 2019 10:49 PM IST
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पाकिस्तानी सेना पत्रकारों की टीम को बालाकोट ले गई
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भारतीय वायु सेना के 12 मिराज 2000 लड़ाकू जेट विमानों के पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर को नष्ट करने के एक महीने बाद, आखिरकार पाकिस्तानी सरकार ने मीडिया को घटनास्थल का दौरा करने की इजाजत दी। हमले की जगह पर किसी भी आगंतुक के जाने पर मनाही के बाद पाकिस्तान सेना का जनसंपर्क विभाग आईएसपीआर पत्रकारों के एक दल को वहां ले कर गया, सिर्फ यह प्रचार करने के लिए कि भारतीय वायुसेना के हमले से कोई नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पत्रकारों के इस दल का दौरा 28 मार्च को हुआ था।
हालांकि सच जानने गए पत्रकारों को यहां भी निराशा हाथ लगी। बालाकोट के कुछ इलाके अभी भी पाकिस्तानी अर्द्धसैनिक बलों के कब्जे में हैं और यहां पर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। पत्रकारों को केवल उन्हीं जगहों को दिखाया गया, जहां पाकिस्तानी सेना उन्हें लेकर गई।
खबरों के मुताबिक 28 मार्च को पाकिस्तान सेना पत्रकारों के एक समूह को हेलिकॉप्टर से बालाकोट लेकर गई। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 28 मार्च को पत्रकार सुबह 10 बजे से दोपहर करीब 3 बजे तक तक घटनास्थल पर मौजूद रहे।
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जानकारी के मुताबिक वहां मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के मदरसे में अब भी 300 से ज्यादा बच्चे मौजूद हैं। पाकिस्तानी सेना ने पत्रकारों को उन बच्चों से मिलने दिया और उनका वीडियो भी बनाने दिया।
खुफिया सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल का कुछ हिस्सा अभी भी ढक कर रखा गया है। वहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है। उस जगह की निगरानी पाकिस्तान की अर्द्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान के हवाले है।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में हवाई हमला किया जिसमें जैश के करीब 300 आतंकियों और उनके ट्रेनर के सफाए का दावा किया गया।
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हालांकि सच जानने गए पत्रकारों को यहां भी निराशा हाथ लगी। बालाकोट के कुछ इलाके अभी भी पाकिस्तानी अर्द्धसैनिक बलों के कब्जे में हैं और यहां पर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। पत्रकारों को केवल उन्हीं जगहों को दिखाया गया, जहां पाकिस्तानी सेना उन्हें लेकर गई।
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खबरों के मुताबिक 28 मार्च को पाकिस्तान सेना पत्रकारों के एक समूह को हेलिकॉप्टर से बालाकोट लेकर गई। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 28 मार्च को पत्रकार सुबह 10 बजे से दोपहर करीब 3 बजे तक तक घटनास्थल पर मौजूद रहे।
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जानकारी के मुताबिक वहां मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के मदरसे में अब भी 300 से ज्यादा बच्चे मौजूद हैं। पाकिस्तानी सेना ने पत्रकारों को उन बच्चों से मिलने दिया और उनका वीडियो भी बनाने दिया।
खुफिया सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल का कुछ हिस्सा अभी भी ढक कर रखा गया है। वहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है। उस जगह की निगरानी पाकिस्तान की अर्द्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान के हवाले है।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में हवाई हमला किया जिसमें जैश के करीब 300 आतंकियों और उनके ट्रेनर के सफाए का दावा किया गया।
पाकिस्तान किसी भी नुकसान से करता रहा है इनकार
balakot
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि पाकिस्तान भारतीय दावों को नकारता आया है। पाकिस्तान कहता रहा है भारत के हमले में उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन इसके बावजूद उसने पिछले एक महीने से इस इलाके में कड़ी सुरक्षा करते हुए यहां बाहरी लोगों के घुसने पर रोक लगा रखी थी।
मीडिया एजेंसी रॉयटर्स की टीम ने 28 फरवरी से लेकर 8 मार्च के बीच तीन बार बालाकोट में जाने की कोशिश की, लेकिन तीनों ही बार उन्हें पाकिस्तानी सेना ने रोक दिया। पाक सेना ने कभी सुरक्षा कारणों तो कभी खराब मौसम का हवाला दिया।
कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने पुलवामा हमले में भारत की ओर से दिए सबूतों को नकारते हुए कहा है कि उसका इस आतंकी हमले से कोई लेना देने नहीं है। उसके मुताबिक भारत ने जिन 22 स्थानों के बारे में बताया था, वहां पर कोई आतंकवादी शिविर नहीं हैं।
पाकिस्तान ने कहा है कि अगर भारत सरकार इन जगहों का दौरा करने की इच्छुक है और निवेदन करती है तो वह इसकी इजाजत देने के लिए तैयार है। पाकिस्तान का कहना है कि पुलवामा हमले को लेकर 54 लोगों के खिलाफ जांच जारी है। लेकिन अभी तक हमले से किसी के संबंध के बारे में पता नहीं चला है।
मीडिया एजेंसी रॉयटर्स की टीम ने 28 फरवरी से लेकर 8 मार्च के बीच तीन बार बालाकोट में जाने की कोशिश की, लेकिन तीनों ही बार उन्हें पाकिस्तानी सेना ने रोक दिया। पाक सेना ने कभी सुरक्षा कारणों तो कभी खराब मौसम का हवाला दिया।
कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने पुलवामा हमले में भारत की ओर से दिए सबूतों को नकारते हुए कहा है कि उसका इस आतंकी हमले से कोई लेना देने नहीं है। उसके मुताबिक भारत ने जिन 22 स्थानों के बारे में बताया था, वहां पर कोई आतंकवादी शिविर नहीं हैं।
पाकिस्तान ने कहा है कि अगर भारत सरकार इन जगहों का दौरा करने की इच्छुक है और निवेदन करती है तो वह इसकी इजाजत देने के लिए तैयार है। पाकिस्तान का कहना है कि पुलवामा हमले को लेकर 54 लोगों के खिलाफ जांच जारी है। लेकिन अभी तक हमले से किसी के संबंध के बारे में पता नहीं चला है।