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पाकिस्तान में बड़ा हादसा: सूफी संत की दरगाह पर मची भगदड़, 80 श्रद्धालु घायल, दो की हालत नाजुक
Tue, 23 Jun 2026 10:17 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, लाहौर।
पीटीआई, लाहौर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 23 Jun 2026 10:17 PM IST
सार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के पाकपट्टन में हजरत बाबा फरीद गंज शकर की दरगाह पर उर्स के दौरान भगदड़ मच गई। 'बहिश्ती दरवाजा' पार करने की होड़ में मची इस अफरा-तफरी में महिलाओं और बच्चों सहित 80 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
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पाकिस्तान में भगदड़
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां पाकपट्टन शहर में स्थित एक प्रसिद्ध सूफी संत की दरगाह पर 'जन्नत के दरवाजे' (बहिश्ती दरवाजा) से गुजरने की होड़ में अचानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 80 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने मंगलवार को इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की।
'जन्नत के दरवाजे' के पास मची अफरा-तफरी
यह हादसा लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर पाकपट्टन शहर में हजरत बाबा फरीद गंज शकर के 784वें उर्स (पुण्यतिथि) के दौरान रविवार को हुआ। चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, एक सरकारी काफिले को निकालने के लिए जब दरगाह का मुख्य गेट खोला गया, तभी हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु 'बहिश्ती दरवाजा' की तरफ तेजी से दौड़ पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, लेकिन वे स्थिति को काबू नहीं कर पाए।
राहत कार्य में भारी मशक्कत
हादसे की जानकारी मिलते ही पंजाब आपातकालीन सेवा मौके पर पहुंची। हालांकि, भारी भीड़ और जाम के कारण एम्बुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं, जिसके चलते बचावकर्मियों को घायल लोगों को इमरजेंसी मोटरसाइकिलों के जरिए अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अत्यधिक गर्मी, दम घुटने और ओवरक्राउडिंग की वजह से करीब दो दर्जन श्रद्धालु मौके पर ही बेहोश हो गए।
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यह भी पढ़ें: Strait Of Hormuz: होर्मुज में फंसे 11 हजार नाविकों को निकालने की तैयारी, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने बनाई योजना
अस्पताल में भर्ती और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस अधिकारी जावेद चड्ढा ने पत्रकारों को बताया कि कुल 80 घायलों में से 30 लोगों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो श्रद्धालुओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जबकि बाकी लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दे दिया गया। प्रशासन ने दरगाह के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करते हुए 1,600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
आपको बता दें कि इस सूफी संत के प्रति पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की गहरी आस्था रही है। इमरान खान पिछले तीन वर्षों से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं।
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'जन्नत के दरवाजे' के पास मची अफरा-तफरी
यह हादसा लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर पाकपट्टन शहर में हजरत बाबा फरीद गंज शकर के 784वें उर्स (पुण्यतिथि) के दौरान रविवार को हुआ। चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, एक सरकारी काफिले को निकालने के लिए जब दरगाह का मुख्य गेट खोला गया, तभी हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु 'बहिश्ती दरवाजा' की तरफ तेजी से दौड़ पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, लेकिन वे स्थिति को काबू नहीं कर पाए।
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राहत कार्य में भारी मशक्कत
हादसे की जानकारी मिलते ही पंजाब आपातकालीन सेवा मौके पर पहुंची। हालांकि, भारी भीड़ और जाम के कारण एम्बुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं, जिसके चलते बचावकर्मियों को घायल लोगों को इमरजेंसी मोटरसाइकिलों के जरिए अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अत्यधिक गर्मी, दम घुटने और ओवरक्राउडिंग की वजह से करीब दो दर्जन श्रद्धालु मौके पर ही बेहोश हो गए।
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अस्पताल में भर्ती और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस अधिकारी जावेद चड्ढा ने पत्रकारों को बताया कि कुल 80 घायलों में से 30 लोगों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो श्रद्धालुओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जबकि बाकी लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दे दिया गया। प्रशासन ने दरगाह के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करते हुए 1,600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
आपको बता दें कि इस सूफी संत के प्रति पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की गहरी आस्था रही है। इमरान खान पिछले तीन वर्षों से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं।