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Pakistan: मनमोहन सिंह के निधन पर शहबाज शरीफ ने नहीं जताया शोक, सोशल मीडिया पर हो रही फजीहत
Mon, 30 Dec 2024 07:02 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 30 Dec 2024 07:02 PM IST
सार
Pakistan: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक न जताने को लेकर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी पत्रकारों-लेखकों ने उन पर निशाना साधा है।
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पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अब तक भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त नहीं किया है। इसको लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. मनमोहन सिंह का पिछले हफ्ते दिल्ली में निधन हुआ। वह 92 साल के थे। उनका जन्म पाकिस्तान के गाह गांव में हुआ था। वह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।
दुनियाभर के नेताओं ने जहां डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। वहीं, शहबाज शरीफ और उनके बड़े भाई व तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनके निधन पर एक भी शब्द नहीं कहा। दिलचस्प बात यह है कि केवल पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने उनके निधन पर शोक जताया। इसके विपरीत, शहबाज शरीफ और पाकिस्तान सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना समय गंवाए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्ट के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने 'एक्स पर शोक संदेश जारी किए, जबकि शहबाज शरीफ सरकार ने पाकिस्तान में एक्स को प्रतिबंधित कर रखा है, ताकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की असहमति की आवाजों को दबाया जा सके।
इस पर, विल्सन सेंटर के साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के निदेशक माइकल कुगेलमैन ने एक्स पर कहा, 'शहबाज और नवाज शरीफ ने अब तक मनमोहन सिंह के निधन पर कोई सार्वजनिक शोक संदेश जारी नहीं किया। हालांकि, इशाक डार का संदेश आया, लेकिन यह थोड़ा अजीब था। वे (इशाक डार-मनमोहन सिंह) समकालीन थे, उनके आर्थिक दृष्टिकोण समान थे और उनकी भारत-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाने की इच्छा भी थी।'
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पाकिस्तानी लेखकों-पत्रकारों ने उठाया सवाल
सैन्य मामलों की विशेषज्ञ और पाकिस्तानी लेखिका आयशा सिद्दीका ने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, 'लगता है शहबाज और नवाज मोदी को नाराज नहीं करना चाहते या फिर यह पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की खासियत है, जो कहती है कि जो चला गया, वह चला गया और अब वह खत्म हो चुका है।' वहीं, पाकिस्तान पत्रकार आमरा अहमद ने कहा, 'ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इसका मतलब है कि पाकिस्तान और भारत के बीच कोई कूटनीतिक संबंधन हीं हैं। हालांकि, इस साल दोनों देशों ने करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) पर फिर से बातचीत की थी। मुझे समय़ नहीं आता कि इस फैसले के पीछे क्या कारण था।'
इशाक डार ने शोक संदेश में क्या कहा
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने डॉ. सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा था, 'मैं डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से दुखी हूं। वह एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और राजनेता थे, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. सिंह ने न केवल अर्थशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि उन्होंने क्षेत्रीय शांति बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाई। उनका मानना था कि आपसी समझ, संवाद और सहयोग सामूहिक प्रगति के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।'
संबंधित वीडियो-
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दुनियाभर के नेताओं ने जहां डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। वहीं, शहबाज शरीफ और उनके बड़े भाई व तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनके निधन पर एक भी शब्द नहीं कहा। दिलचस्प बात यह है कि केवल पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने उनके निधन पर शोक जताया। इसके विपरीत, शहबाज शरीफ और पाकिस्तान सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना समय गंवाए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्ट के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने 'एक्स पर शोक संदेश जारी किए, जबकि शहबाज शरीफ सरकार ने पाकिस्तान में एक्स को प्रतिबंधित कर रखा है, ताकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की असहमति की आवाजों को दबाया जा सके।
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इस पर, विल्सन सेंटर के साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के निदेशक माइकल कुगेलमैन ने एक्स पर कहा, 'शहबाज और नवाज शरीफ ने अब तक मनमोहन सिंह के निधन पर कोई सार्वजनिक शोक संदेश जारी नहीं किया। हालांकि, इशाक डार का संदेश आया, लेकिन यह थोड़ा अजीब था। वे (इशाक डार-मनमोहन सिंह) समकालीन थे, उनके आर्थिक दृष्टिकोण समान थे और उनकी भारत-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाने की इच्छा भी थी।'
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पाकिस्तानी लेखकों-पत्रकारों ने उठाया सवाल
सैन्य मामलों की विशेषज्ञ और पाकिस्तानी लेखिका आयशा सिद्दीका ने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, 'लगता है शहबाज और नवाज मोदी को नाराज नहीं करना चाहते या फिर यह पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की खासियत है, जो कहती है कि जो चला गया, वह चला गया और अब वह खत्म हो चुका है।' वहीं, पाकिस्तान पत्रकार आमरा अहमद ने कहा, 'ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इसका मतलब है कि पाकिस्तान और भारत के बीच कोई कूटनीतिक संबंधन हीं हैं। हालांकि, इस साल दोनों देशों ने करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) पर फिर से बातचीत की थी। मुझे समय़ नहीं आता कि इस फैसले के पीछे क्या कारण था।'
इशाक डार ने शोक संदेश में क्या कहा
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने डॉ. सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा था, 'मैं डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से दुखी हूं। वह एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और राजनेता थे, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. सिंह ने न केवल अर्थशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि उन्होंने क्षेत्रीय शांति बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाई। उनका मानना था कि आपसी समझ, संवाद और सहयोग सामूहिक प्रगति के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।'
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