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पाकिस्तान: गिलगित-बाल्टिस्तान की जेल में बंद राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान नौ साल बाद रिहा

Sat, 28 Nov 2020 12:30 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: देव कश्यप Updated Sat, 28 Nov 2020 12:30 AM IST
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Pakistan releases Gligit-Baltistan jailed political activist Baba Jan after nine years of his imprisonment
राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान नौ साल की कैद के बाद रिहा - फोटो : ANI

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पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की जेल में बंद राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान को नौ साल की कैद के बाद रिहा कर दिया है। उनके खिलाफ हुंजा की नसीराबाद घाटी में चीनी कंपनियों को मार्बल की खदानों के अवैध आवंटन का मुद्दा उठाने पर मामला दायर किया गया था।



बता दें कि बाबा जान की रिहाई को लेकर पाकिस्तान में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। बाबा जान लेबर पार्टी पाकिस्तान (LPP) के नेता हैं। पिछले साल फरवरी में बाबा जान को रिहा करने की मांग तेज हुई थी। उस वक्त उनकी तबीयत खराब बताई जा रही थी और समर्थक चाहते थे कि उन्हें जल्द छोड़ा जाना चाहिए। 

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कौन हैं बाबा जान?
बाबा जान लेबर पार्टी पाकिस्तान (LPP) के नेता हैं। बात 2010 की है, तब जलवायु परिवर्तन की वजह से गिलगित-बाल्टिस्तान की हुंजा नदी के पास लैंडस्लाइड हुआ था। इस घटना की वजह से ऐटाबाद झील का निर्माण तो हुआ, लेकिन हजारों गांववालों को अपने घरों से हाथ धोना पड़ा। लैंडस्लाइड इतना भयानक था कि गिलगित-बाल्टिस्तान को बाकी पाकिस्तान से जोड़नेवाले हाइवे को भी नुकसान पहुंचा था, जिसकी वजह से गांववालों को मदद मिलने में भी दिक्कत हो रही थी।

इस वक्त लोगों की मदद के लिए बाबा जान आगे आए और सरकार से बातचीत शुरू की। काफी प्रदर्शन और कोशिशों के बाद आखिरकार पाकिस्तान सरकार को झुकना पड़ा और उन्होंने लोगों की मदद का वादा किया। 2011 में बाबा जान की तरफ से कुल 457 परिवारों की लिस्ट दी गई थी, लेकिन किन्हीं वजहों से 25 परिवारों की मदद सरकार ने रोक ली थी जिस लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ था।


लेकिन तब सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हिंसा का प्रयोग शुरू कर दिया और बाबा जान के साथ के कुछ लोग मारे भी गए। इसके बाद बाबा जान को गिरफ्तार कर लिया गया। बाबा जान को पाकिस्तान के आतंक रोधी एक्ट के तहत पकड़े जाने का भी विरोध होता रहा। 

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